UBS सोने पर अभी भी बुलिश, Gold Price Forecast $5,900 से घटाकर $5,500 प्रति औंस किया, क्या करें निवेशक

ईरान युद्ध की अस्थिरता ने कमोडिटी बाजार को उछाला, सोना-तेल और बेस मेटल्स की कीमतें डील के बाद भी बढ़ेंगी: UBS | 2026 कमोडिटी आउटलुकईरान-युद्ध से कमोडिटी में उछाल, UBS के अनुसार तेल $126 तक पहुंचा। सोना, तेल और बेस मेटल्स की कीमतें डील के बाद भी बढ़ेंगी। 2026 में निवेशकों के लिए कमोडिटी हेजिंग का मौका।

ईरान युद्ध की अस्थिरता ने पूरे कमोडिटी कॉम्प्लेक्स को बूस्ट दिया: UBS के अनुसार सोना, क्रूड ऑयल और बेस मेटल्स की कीमतें समझौते के बाद भी चढ़ेंगीजून 2026 में वैश्विक बाजारों में भू-राजनीतिक तनाव अभी भी प्रमुख भूमिका निभा रहा है। UBS के कमोडिटी एनालिस्ट Giovanni Staunovo के अनुसार, ईरान संकट से उत्पन्न अस्थिरता ने पूरे कमोडिटी सेक्टर को मजबूती दी है। भले ही अमेरिका-ईरान के बीच कोई डील हो जाए, फिर भी सोना, तेल और बेस मेटल्स (कॉपर, एल्युमिनियम) की कीमतें मध्यम अवधि में ऊंची रहने की उम्मीद है।

UBS का मुख्य आकलनब्रेंट क्रूड ऑयल 30 अप्रैल 2026 को चार साल के उच्चतम स्तर $126 प्रति बैरल तक पहुंच गया था। वर्तमान में यह $93 के आसपास ट्रेड कर रहा है।

सोना अपने जनवरी 2026 के ऑल-टाइम हाई से लगभग 16% नीचे है, लेकिन बुनियादी कारक अभी भी मजबूत हैं।

ब्रॉड कमोडिटी इंडेक्स (UBS CMCI Composite) साल-दर-साल 20% से ज्यादा की बढ़त दर्ज कर चुका है।

Staunovo का कहना है कि भू-राजनीतिक रिस्क प्रीमियम घटने के बावजूद, तेल, सोना और बेस मेटल्स के फंडामेंटल्स सपोर्टिव बने हुए हैं।तेल बाजार क्यों मजबूत रहेगा?तेल उत्पादों के इन्वेंट्री कई देशों में कम चल रहे हैं। मांग को नियंत्रित करने के लिए कीमतें और ऊंची जा सकती हैं। स्ट्रेट ऑफ हरमुज से जुड़े जोखिम अभी भी बने हुए हैं, जो वैश्विक सप्लाई को प्रभावित कर सकता है। UBS मध्यम अवधि में तेल की मजबूती की उम्मीद रखता है।

सोने का आउटलुक: अभी भी बुलिशUBS ने हाल ही में 2026 के अंत के लिए गोल्ड प्राइस फोरकास्ट को $5,900 से घटाकर $5,500 प्रति औंस कर दिया है। उच्च ट्रेजरी यील्ड्स और मजबूत डॉलर के कारण शॉर्ट-टर्म प्रेशर है। फिर भी, UBS का मानना है कि साल के अंत तक सोना वर्तमान स्तर से $1,000 ज्यादा रह सकता है।

दीर्घकालिक ड्राइवर्स:अमेरिका में बढ़ते फिस्कल डेफिसिट

वैश्विक कर्ज का बोझ

सेंट्रल बैंक्स द्वारा रिजर्व डाइवर्सिफिकेशन (डॉलर से दूर)

मुद्रास्फीति और जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितता

बेस मेटल्स: कॉपर और एल्युमिनियम में सप्लाई शॉर्टेजUBS का अनुमान है कि कॉपर और एल्युमिनियम में आगे सप्लाई की कमी आएगी। इलेक्ट्रिफिकेशन (EV, रिन्यूएबल एनर्जी) की वजह से लॉन्ग-टर्म डिमांड मजबूत रहेगी। ये दोनों धातुएं निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प बन सकती हैं।

निवेशकों के लिए सलाह – पोर्टफोलियो में कमोडिटी को जगह दें

Staunovo के अनुसार:कमोडिटी इक्विटी और बॉन्ड्स के साथ कम कोरिलेशन रखती हैं, इसलिए डाइवर्सिफिकेशन के लिए बेहतर हैं।

मुद्रास्फीति और एनर्जी सप्लाई शॉक से बचाव के लिए अच्छा हेज।

जिन निवेशकों के पास पहले से ज्यादा सोना है, उन्हें कॉपर, एल्युमिनियम और एग्रीकल्चर कमोडिटी में विविधता लानी चाहिए।

निष्कर्ष:

2026 में ईरान युद्ध ने कमोडिटी बाजार को नया मोड़ दिया है। अस्थिरता भले ही बनी रहे, लेकिन मजबूत फंडामेंटल्स की वजह से सोना, तेल और बेस मेटल्स लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न दे सकते हैं। निवेशकों को एक्टिव मैनेजमेंट के साथ कमोडिटी एक्सपोजर बनाए रखना चाहिए।

अस्वीकरण: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। बाजार जोखिमपूर्ण हैं।




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