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2026 में सोना ₹3,30,000 प्रति 10 ग्राम तक? StoneX की भविष्यवाणी | Gold Silver Price Outlook 2026
2026 में सोने की कीमत $4000 प्रति औंस के करीब रहने की उम्मीद, चांदी $55-60 प्रति औंस। StoneX रिपोर्ट के अनुसार सोना, चांदी निवेश की पूरी जानकारी हिंदी में। पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन और कीमत प्रभावित करने वाले फैक्टर्स जानें।

2026 में सोना $4000 प्रति औंस के आसपास, चांदी $55-60 के बीच रहने की उम्मीद – StoneX Q3 आउटलुक

निवेशकों के लिए सोना हमेशा से सुरक्षित आश्रय (Safe Haven) रहा है। हाल ही में Kitco News के मुताबिक, StoneX ने अपने Q3 Commodities Outlook में 2026 के अंत तक सोने की कीमत $4000 प्रति औंस के करीब रहने का अनुमान लगाया है, जबकि चांदी $55 से $60 प्रति औंस के बीच ट्रेड कर सकती है।

यह भविष्यवाणी उन निवेशकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो gold investment, silver investment या precious metals में पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन करना चाहते हैं।

StoneX की रिपोर्ट में क्या कहा गया?

StoneX की हेड ऑफ मार्केट एनालिसिस Rhona O'Connell के अनुसार, पहले के आउटलुक में साल के अंत तक सोना $4000 से नीचे रहने की उम्मीद थी। लेकिन जून के अंत में यह स्तर जल्दी आ गया। फिलहाल बाजार नए निवेश से थोड़ा दूर रहा है।

मुख्य पॉइंट्स:

सोने की कीमत का भविष्य ईरान संघर्ष के समाधान पर निर्भर करता है।

अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो सोना ऊपर जा सकता है।

चांदी मुख्य रूप से सोने की कीमत से प्रभावित होती है और $55-60 के रेंज में रहने की संभावना है।

भारत में सोने-चांदी की कीमत का अनुमान (2026)

वर्तमान में 1 औंस सोना लगभग 31.10 ग्राम होता है। अगर $4000 प्रति औंस है तो:

10 ग्राम सोने की कीमत लगभग ₹2,60,000 से ₹3,30,000 तक हो सकती है (डॉलर-रुपए एक्सचेंज रेट और लोकल प्रीमियम के आधार पर)।

नोट: यह अनुमान बाजार की अस्थिरता, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और भू-राजनीतिक घटनाओं पर निर्भर करेगा।

सोना क्यों रहेगा आकर्षक निवेश? (2026 में)

Inflation Hedge – महंगाई के खिलाफ सुरक्षा।

Central Bank Buying – कई देश सोना खरीद रहे हैं।

Geopolitical Uncertainty – ईरान, मध्य पूर्व आदि तनाव।

Portfolio Diversification – शेयर बाजार के साथ बैलेंस।

चांदी का इंडस्ट्रियल डिमांड – सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स आदि में बढ़ती मांग।

निवेश सलाह – BeYourMoneyManager.com

लॉन्ग टर्म** सोना अच्छा विकल्प हो सकता है लेकिन पूरा पैसा एक जगह न लगाएं।

Sovereign Gold Bonds (SGB), **Gold ETF, Gold Mutual Funds या भौतिक सोना – अपनी रिस्क प्रोफाइल के अनुसार चुनें।

चांदी भी अच्छा विकल्प है लेकिन ज्यादा volatile होती है।

हमेशा SIP या lump sum से पहले अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग करें।

Disclaimer: यह लेख StoneX रिपोर्ट पर आधारित सूचना मात्र है। निवेश से पहले SEBI Registered Advisor या फाइनेंशियल प्लानर से सलाह लें। बाजार जोखिमपूर्ण है।



Rajanish Kant रविवार, 12 जुलाई 2026
गोल्ड ETF में जून 2026 में 570% उछाल, सिल्वर ETF ने भी लगाई रफ्तार - निवेशकों का भरोसा बढ़ा

गोल्ड ETF में जून में 570% उछाल, सिल्वर ETF में 300% बढ़त! निवेशकों ने Rs 7,729 करोड़ डाले, जानें पूरा विश्लेषण | BeYourMoneyManager



जून 2026 में गोल्ड ETF में 570% और सिल्वर ETF में 300% इनफ्लो बढ़ोतरी दर्ज की गई। AMFI डेटा के अनुसार कुल Rs 7,729 करोड़ का निवेश आया। निवेश की रणनीति, प्रदर्शन और एक्सपर्ट राय पढ़ें।

नई दिल्ली। प्रीशियस मेटल्स में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए जून 2026 अच्छा महीना साबित हुआ। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गोल्ड ETF में पिछले महीने की तुलना में 570% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सिल्वर ETF में भी 300% का उछाल आया।

जून में कितना आया इनफ्लो?

गोल्ड ETF**: ₹3,443 करोड़ का इनफ्लो (मई में ₹725 करोड़ का आउटफ्लो था)  

सिल्वर ETF**: ₹4,286 करोड़ का इनफ्लो (पिछले 4 महीनों में कुल ₹3,770 करोड़ का आउटफ्लो हुआ था)

दोनों कैटेगरी में कुल ₹7,729 करोड़ का निवेश आया, जो पिछले महीनों के आउटफ्लो के बाद एक मजबूत रिवर्सल दिखाता है।

कीमतें घटीं फिर भी इनफ्लो बढ़ा - क्यों?

जून में गोल्ड ETF ने औसतन 8.92% की गिरावट दर्ज की, जबकि सिल्वर ETF में 14.36% की गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की। एक्सपर्ट्स के अनुसार, निवेशक हालिया प्राइस करेक्शन को टैक्टिकल एंट्री पॉइंट मानकर बढ़-चढ़कर खरीद रहे हैं।

Nitin Agrawal, CEO - Mutual Funds, InCred Money ने कहा,  

"गोल्ड ETF में पिछले महीनों के आउटफ्लो के बाद यह मजबूत रिवर्सल दिखाता है कि गोल्ड को पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन के रूप में लंबे समय तक रखने का स्ट्रक्चरल केस अभी भी मजबूत है।"

Umesh Sharma, CIO - Debt, The Wealth Company Mutual Fund ने बताया कि निवेशकों ने हालिया गिरावट का फायदा उठाते हुए घरेलू गोल्ड ETF में आक्रामक तरीके से एंट्री की।

टॉप परफॉर्मर्स और AUM

गोल्ड ETF* का कुल AUM: *₹1.70 लाख करोड़**  

सिल्वर ETF* का कुल AUM: *₹78,943 करोड़**

Nippon India ETF Gold BeES सबसे बड़ा गोल्ड ETF बना हुआ है, जबकि Zerodha Gold ETF और Silver ETF में जून में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई।

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

Suranjana Borthakhur, Head of Distribution & Strategic Alliances, Mirae Asset Investment Managers (India) ने कहा कि ETF और खासकर गोल्ड ETF में मजबूत वापसी निवेशकों की पसंद को दर्शाती है। वे अब गोल्ड को टैक्टिकल ट्रेड की बजाय स्ट्रैटेजिक पोर्टफोलियो अलोकेशन के रूप में देख रहे हैं।

निवेशकों के लिए सलाह (BeYourMoneyManager):

डाइवर्सिफिकेशन: पोर्टफोलियो का 5-15% हिस्सा गोल्ड/सिल्वर ETF में रखना अच्छा माना जाता है।  

लॉन्ग टर्म: शॉर्ट टर्म प्राइस वोलेटिलिटी को नजरअंदाज करें, गोल्ड लंबे समय में इन्फ्लेशन और अनिश्चितता के खिलाफ हेज के रूप में काम करता है।  

SIP रूट: ETF में SIP के जरिए नियमित निवेश करें तो औसत लागत का फायदा मिल सकता है।  

रिस्क: सिल्वर गोल्ड की तुलना में ज्यादा वोलेटाइल है, इसलिए अपनी रिस्क प्रोफाइल के अनुसार अलोकेट करें।

निष्कर्ष: जून 2026 के आंकड़े साफ दिखाते हैं कि भारतीय निवेशक प्रीशियस मेटल्स को पोर्टफोलियो का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। बाजार की अनिश्चितता और भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ने पर गोल्ड-सिल्वर ETF की मांग और बढ़ने की संभावना है।

नोट: यह लेख मूल रूप से तैयार किया गया है और Economic Times के आंकड़ों पर आधारित है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


(Source: The Economic Times) 


Rajanish Kant शुक्रवार, 10 जुलाई 2026
पुरानी पेंशन योजना, OPS विकल्प 2026, CSIR OPS, compassionate appointment pension, NPS to OPS switch, Central Autonomous Bodies pension

पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प सेवानिवृत्ति के बाद: CSIR कर्मचारियों को मिला मौका, अन्य CABs पर भी असर? | बिग ब्रेकिंग अपडेट 2026

CSIR ने compassionate ground appointees को Old Pension Scheme (OPS) चुनने का विकल्प दे दिया है। जो 1 जनवरी 2004 से पहले अप्लाई कर चुके थे लेकिन बाद में जॉइन किए। अन्य Central Autonomous Bodies भी फॉलो कर सकते हैं। विस्तार से जानें।

पुरानी पेंशन योजना (OPS) का विकल्प अब इन सरकारी कर्मचारियों को मिला: सेवानिवृत्ति के बाद भी फायदा, अन्य संस्थानों पर क्या असर?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल में Council of Scientific & Industrial Research (CSIR) ने compassionate ground appointees को Old Pension Scheme (OPS) चुनने का विकल्प दे दिया है। यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए राहत भरा है जिन्होंने 1 जनवरी 2004 से पहले नौकरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन सेवा में बाद में शामिल हुए और उन्हें NPS के दायरे में रखा गया था।

यह खबर उन लाखों सरकारी और स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है जो पुरानी पेंशन योजना की मांग कर रहे हैं।

कौन से कर्मचारी OPS का विकल्प चुन सकेंगे?

CSIR के तहत compassionate appointment (करुणा के आधार पर नियुक्ति) पाने वाले कर्मचारियों को अब OPS का लाभ मिल सकेगा। मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:

1 जनवरी 2004 से पहले** compassionate appointment के लिए आवेदन किया हो।

सेवा में 1 जनवरी 2004 या उसके बाद शामिल हुए हों।

पहले NPS के अंतर्गत कवर किए गए थे।

Department of Personnel, Public Grievances and Pensions के 22 जून 2026 के पत्र के आधार पर CSIR ने 7 जुलाई 2026 को अपना Office Memorandum जारी कर इस फैसले को लागू करने की मंजूरी दे दी।

क्या हुआ था पहले?

मार्च 2023 में Department of Pension and Pensioners’ Welfare (DoPPW) ने एक Office Memorandum जारी कर कुछ केंद्रीय कर्मचारियों को OPS का एक बार का विकल्प दिया था। लेकिन compassionate ground appointees को शुरू में इसमें शामिल नहीं किया गया था। CSIR के कर्मचारियों के मामले में DoP&PW के हालिया पत्र ने रास्ता साफ किया।

अन्य Central Autonomous Bodies (CABs) पर क्या असर पड़ेगा?

यह फैसला सीधे तौर पर सभी CABs पर लागू नहीं होता, लेकिन यह एक मिसाल बन सकता है। अन्य स्वायत्त निकाय अब अपनी ओर से इस फैसले को endorse कर अपने eligible कर्मचारियों को OPS का विकल्प दे सकते हैं।

CSIR का यह कदम अन्य संस्थानों के लिए शुरुआत माना जा रहा है। कई CABs एक-एक करके या साथ में इस दिशा में कदम उठा सकते हैं।

OPS vs NPS: क्यों महत्वपूर्ण है यह विकल्प?

Old Pension Scheme (OPS):** अंतिम वेतन का निश्चित 50% पेंशन जीवन भर, महंगाई भत्ता के साथ। कोई मार्केट रिस्क नहीं।

National Pension System (NPS):** योगदान आधारित, बाजार पर निर्भर। रिटर्न अनिश्चित।

कई कर्मचारी OPS को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं, खासकर retirement के बाद स्थिर आय की जरूरत को देखते हुए।

क्या करें Eligible कर्मचारी?

अपने संस्थान के HR/प्रशासन विभाग से संपर्क करें।

CSIR के OM और DoP&PW के पत्र का हवाला दें।

समय रहते आवेदन करें क्योंकि ऐसे विकल्प अक्सर deadline के साथ आते हैं।

निष्कर्ष:  

यह फैसला CSIR कर्मचारियों के लिए तो राहत है ही, साथ ही अन्य Central Autonomous Bodies में काम करने वाले compassionate appointees के लिए उम्मीद भी जगाता है। अगर आप या आपके परिचित ऐसे किसी मामले में हैं तो तुरंत अपने विभाग से पुष्टि करें।पेंशन, निवेश और वित्तीय योजना से जुड़ी और अपडेट्स के लिए beyourmoneymanager को फॉलो करें।

 


Rajanish Kant
EPFO Unified Member Portal Update 2026: UAN Activation और Generation अब Portal पर बंद, UMANG App से ऐसे करें | Complete Guide

EPFO ने Unified Member Portal को अपग्रेड कर दिया है। अब UAN Activation और नया UAN Generate करना पोर्टल पर बंद हो गया है। UMANG App के जरिए Aadhaar Face Authentication से कैसे करें, UAN Retrieve करने का नया तरीका और Death Claim Filing की जानकारी पढ़ें।

EPFO Unified Member Portal Update 2026: UAN Activation और Generation अब Portal पर बंद, UMANG App से ऐसे करें

 Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने अपने Unified Member Portal को अपग्रेड कर दिया है। नया पोर्टल अब लाइव हो चुका है, जिसमें नया इंटरफेस और कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ी खबर यह है कि UAN Activation और Direct UAN Allotment की सुविधा अब EPFO पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है। 

यह बदलाव EPFO को और तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय सेवाएं देने के उद्देश्य से किया गया है। अगर आप UAN एक्टिवेट करने या नया UAN जनरेट करने जा रहे हैं तो अब आपको UMANG App का इस्तेमाल करना होगा।

UAN Activation अब UMANG App पर कैसे करें?

Google Play Store या Apple App Store से UMANG App डाउनलोड करें।

ऐप खोलें और EPFO Services चुनें।

UAN Services Through Face Auth सेक्शन में UAN Activation का विकल्प चुनें।

Aadhaar-based Face Authentication (FAT) पूरा करें और निर्देशों का पालन करें।

नया UAN Generate (Allotment) कैसे करें?

EPFO पोर्टल पर डायरेक्ट UAN Allotment की सुविधा भी बंद कर दी गई है। अब यह भी UMANG App पर ही उपलब्ध है:

UMANG App में EPFO Services → UAN Allotment and Activation चुनें।

Aadhaar Face Authentication पूरा करें।

अगर आपके पास पहले से PF अकाउंट है लेकिन UAN नहीं है, तो मोबाइल नंबर वेरिफाई करके जरूरी डिटेल्स भरें। इससे UAN जनरेट हो जाएगा और आपके PF अकाउंट से लिंक भी हो जाएगा।

UAN Retrieve (ढूंढना) अब और आसान

अच्छी खबर यह है कि UAN भूल गए हैं तो पोर्टल पर रिट्रीव करना अब बहुत आसान हो गया है:अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालें।

जरूरी Identity/Address Proof अपलोड करें।

मोबाइल पर आए OTP से वेरिफाई करें।

Death Claim Filing अभी भी Portal पर उपलब्ध

नॉमिनी या बेनिफिशियरी अब भी EPFO Unified Member Portal के जरिए Death Claim (पेंशन सहित) फाइल कर सकते हैं। इसके लिए बेनिफिशियरी का Aadhaar लिंक्ड मोबाइल नंबर एक्टिव होना जरूरी है।

जरूरी दस्तावेज (Death Claim के लिए):

सदस्य का Death Certificate

बेनिफिशियरी का बैंक अकाउंट प्रूफ (Cancelled Cheque/Passbook)

बेनिफिशियरी की Date of Birth प्रूफ

अपलोड नियम:केवल PDF फाइल

हर फाइल का साइज 2 MB से कम

फाइल नाम में स्पेस नहीं होना चाहिए

UMANG App क्या है?

UMANG (Unified Mobile Application for New-age Governance) भारत सरकार का आधिकारिक ऐप है। इससे आप EPFO समेत कई सरकारी सेवाओं का फायदा अपने स्मार्टफोन पर बिना ऑफिस जाए ले सकते हैं।सलाहहमेशा आधिकारिक UMANG App ही डाउनलोड करें।

Aadhaar से लिंक्ड मोबाइल नंबर एक्टिव रखें।

Face Authentication के समय अच्छी रोशनी और स्पष्ट चेहरा सुनिश्चित करें।

EPFO के इस अपडेट से सदस्यों को और बेहतर डिजिटल अनुभव मिलेगा। कोई समस्या हो तो EPFO हेल्पलाइन या UMANG App सपोर्ट से संपर्क करें।

अस्वीकरण: यह जानकारी सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित है। नवीनतम अपडेट के लिए आधिकारिक EPFO वेबसाइट या UMANG App चेक करें।





Rajanish Kant शुक्रवार, 3 जुलाई 2026
अगर आपका पंजाब एंड सिंध बैंक (PSB) खाता 10 वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय (Dormant) है, तो आपके लिए महत्वपूर्ण नोटिस

पंजाब एंड सिंध बैंक डोरमैंट अकाउंट KYC अपडेट: 20 जुलाई 2026 तक अपडेट न करने पर खाता हो सकता है बंद | महत्वपूर्ण नोटिस 

पंजाब एंड सिंध बैंक ने 10 वर्ष से अधिक निष्क्रिय खातों के लिए KYC अपडेट की समय सीमा 20 जुलाई 2026 तय की है। जानें क्या करें, प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और अपने पैसे को सुरक्षित रखने के उपाय।

पंजाब एंड सिंध बैंक डोरमैंट अकाउंट KYC अपडेट: 20 जुलाई 2026 तक अपडेट कराएं, वरना खाता निष्क्रिय रह सकता है

 आपका बैंक खाता कई सालों से चल रहा है लेकिन आप उसे इस्तेमाल नहीं कर रहे? अगर आपका पंजाब एंड सिंध बैंक (PSB) खाता 10 वर्ष से अधिक समय से निष्क्रिय (Dormant) है, तो बैंक ने आपके लिए महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है।बैंक के आधिकारिक नोटिस के अनुसार, आपको 20 जुलाई 2026 तक अपनी KYC अपडेट करानी होगी, ताकि आपका खाता दोबारा सक्रिय (Active) हो सके और आप बिना किसी परेशानी के बैंकिंग सेवाओं का लाभ ले सकें।

डोरमैंट अकाउंट क्या होता है?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के अनुसार, अगर किसी बैंक खाते में 2 वर्ष तक कोई लेन-देन (ट्रांजेक्शन) नहीं होता है, तो वह खाता निष्क्रिय (Dormant/Inoperative) हो जाता है। 10 वर्ष या उससे अधिक पुराने dormant खातों पर बैंक विशेष नोटिस जारी करते हैं।

समस्या क्या है?  

खाता निष्क्रिय रहने पर ब्याज कम या बंद हो सकता है

ऑनलाइन बैंकिंग, ATM, चेकबुक जैसी सेवाएं बंद हो सकती हैं

लंबे समय तक अपडेट न करने पर खाता बंद (Deactivated) होने का खतरा

PSB के नोटिस में क्या कहा गया है?

पंजाब एंड सिंध बैंक ने अपने आधिकारिक X (Twitter) हैंडल पर सूचना दी है:

"यदि आपका पंजाब एंड सिंध बैंक खाता 10 वर्षों से अधिक समय से निष्क्रिय है, तो कृपया 20.07.2026 तक अपनी KYC अपडेट कर अपने खाते को पुनः सक्रिय कराएं।"अधिक जानकारी के लिए निकटतम PSB शाखा से संपर्क करें।KYC अपडेट कैसे करें? (Step-by-Step प्रक्रिया)निकटतम PSB शाखा जाएं (ऑनलाइन KYC की सुविधा सीमित हो सकती है dormant अकाउंट्स पर)  

जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाएं:  

आधार कार्ड (मुख्य KYC दस्तावेज)

PAN कार्ड

पासपोर्ट साइज फोटो

वैध फोटो आईडी (वोटर ID, ड्राइविंग लाइसेंस आदि)

एड्रेस प्रूफ (बिजली बिल, बैंक स्टेटमेंट आदि)

पुराना पासबुक या अकाउंट नंबर

बैंक फॉर्म भरें और KYC अपडेट करवाएं

अपडेट के बाद खाता सक्रिय होने की पुष्टि लें

टिप: अपडेट से पहले अपने अकाउंट की स्थिति चेक करने के लिए बैंक की कस्टमर केयर या शाखा से संपर्क करें।अन्य बैंकों में भी यही नियम लागूRBI के नियम सभी बैंकों पर लागू होते हैं। अगर आपका किसी अन्य बैंक (SBI, PNB, HDFC, ICICI आदि) में भी पुराना dormant खाता है, तो तुरंत KYC अपडेट कराएं।

अपने पैसे को सुरक्षित रखने के टिप्स (BeYourMoneyManager सलाह)

सभी बैंक खातों की नियमित समीक्षा करें

हर 6 महीने में कम से कम एक छोटा ट्रांजेक्शन जरूर करें

ई-केवाईसी (Aadhaar आधारित) का इस्तेमाल करें जहां उपलब्ध हो

पुराने खातों को मर्ज करने या बंद करने पर विचार करें

नियमित रूप से बैंक स्टेटमेंट चेक करें

निष्कर्ष:

अपने मेहनत की कमाई को अनावश्यक परेशानी से बचाएं। अगर आपके पास पंजाब एंड सिंध बैंक का 10 साल पुराना dormant खाता है, तो 20 जुलाई 2026 से पहले KYC अपडेट जरूर करा लें। समय रहते एक्शन लें ताकि आपका पैसा सुरक्षित और सक्रिय रहे।


 


Rajanish Kant
RBI Floating Rate Savings Bonds 2026: 8.05% ब्याज दर नहीं बदली, अभी भी सबसे अच्छा Fixed Income Investment क्यों? | पूरी डिटेल्स

RBI फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड 2026 की ब्याज दर 8.05% बनी हुई है। NSC से 0.35% ज्यादा, 7 साल का टेन्योर, सरकारी गारंटी। जानें निवेश कैसे करें, टैक्सेशन, फायदे और FD से तुलना।

RBI Floating Rate Savings Bonds 2026: 8.05% ब्याज दर नहीं बदली, अभी भी सबसे अच्छा Fixed Income Investment क्यों?

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने जुलाई 2026 में फ्लोटिंग रेट सेविंग्स बॉन्ड (FRSB 2020) की ब्याज दर को 8.05% पर ही बरकरार रखा है। फाइनेंस मिनिस्ट्री ने नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) की दर 7.7% पर स्थिर रखी, जिसके चलते RBI बॉन्ड की दर भी 7.7% + 0.35% = 8.05% बनी रही।यह दर 1 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी।

अगर आप सुरक्षित और अच्छा रिटर्न चाहते हैं तो यह अभी भी फिक्स्ड इनकम निवेश का बेहतरीन विकल्प माना जा रहा है।

RBI Floating Rate Savings Bond क्या है?

RBI Floating Rate Savings Bonds 2020 (Taxable) भारत सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं। इनकी मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:ब्याज दर: वर्तमान में 8.05% प्रति वर्ष (NSC +0.35%)टेन्योर: 7 साल

ब्याज भुगतान: हर 6 महीने में (1 जनवरी और 1 जुलाई को)

न्यूनतम निवेश: ₹1,000

अधिकतम निवेश सीमा: कोई ऊपरी सीमा नहीं

सुरक्षा: 100% सरकारी गारंटी (Sovereign Guarantee)

ब्याज दर क्यों नहीं बदली? (Latest Update July 2026)फाइनेंस मिनिस्ट्री ने Q2 FY 2026-27 (जुलाई-सितंबर) के लिए सभी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें अपरिवर्तित रखीं। RBI ने भी 1 जुलाई 2026 को घोषणा की कि FRSB 2026 की कूपन रेट 8.05% ही रहेगी। यह दर हर छह महीने में रीसेट होती है।

RBI Floating Rate Bond vs अन्य निवेश विकल्प (तुलना)

निवेश विकल्प   ब्याज दर (लगभग)       सुरक्षा  


निष्कर्ष: RBI बॉन्ड बैंक FD से बेहतर रिटर्न और बेहतर सुरक्षा दे रहा है।

महत्वपूर्ण बातें जो आपको जाननी चाहिए

Floating Rate का मतलब

दर पूरी 7 साल के लिए फिक्स नहीं है। हर 6 महीने में NSC दर के आधार पर बदल सकती है। अगर NSC बढ़ी तो आपका रिटर्न भी बढ़ेगा।

टैक्सेशन  ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल (आपकी इनकम स्लैब के अनुसार)

TDS लागू होता है

निवेश पर Section 80C की छूट नहीं मिलती



कौन निवेश कर सकता है?

भारतीय नागरिक, HUF आदि। NRI नहीं।



निवेश कैसे करें?

अधिकृत बैंक शाखाओं या ऑनलाइन (कुछ बैंक ऐप/पोर्टल के जरिए) आवेदन कर सकते हैं।


क्या यह आपके पोर्टफोलियो में फिट बैठेगा?

रेगुलर इनकम चाहने वाले...

सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले

FD से बेहतर रिटर्न चाहने वाले

डाइवर्सिफिकेशन के लिए


विशेषज्ञ सलाह: यह कोर पोर्टफोलियो का हिस्सा नहीं बल्कि टैक्टिकल अलोकेशन के रूप में अच्छा है। बाजार की स्थिति और अपनी जरूरत के अनुसार निवेश करें।


Disclaimer: यह लेख सूचना के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। ब्याज दरें सरकार द्वारा समय-समय पर बदल सकती हैं।



Rajanish Kant गुरुवार, 2 जुलाई 2026
संसद की वित्त समिति 2 जुलाई को VDA पर RBI और ICAI से चर्चा करेगी। भारत में क्रिप्टो रेगुलेशन और टैक्सेशन का भविष्य जानें।

संसद की वित्त समिति वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) की समीक्षा करेगी | RBI और ICAI 2 जुलाई को देंगे सुझाव

Xसंसदीय वित्त समिति क्रिप्टो और VDA रेगुलेशन पर RBI-ICAI से करेगी चर्चा

भारत में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स पर नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क? संसद समिति की बड़ी बैठक

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संसद की वित्त समिति वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) की समीक्षा करेगी, RBI और ICAI देंगे सुझाव

संसद की स्थायी वित्त समिति (Standing Committee on Finance) 2 जुलाई 2026 को वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (Virtual Digital Assets - VDA) यानी क्रिप्टोकरेंसी और संबंधित डिजिटल संपत्तियों के भविष्य पर अहम बैठक करने जा रही है। इस बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के प्रतिनिधि शामिल होंगे।यह बैठक भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक व्यापक नियामक ढांचा (Regulatory Framework) बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।बैठक का एजेंडा क्या है?लोकसभा सचिवालय की सूचना के अनुसार, बैठक का विषय है - "वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) पर अध्ययन और आगे का रास्ता"। बैठक को तीन सत्रों में बांटा गया है:सुबह 11:00 से 12:30 बजे तक - RBI अधिकारियों के साथ चर्चा

RBI वित्तीय स्थिरता (Financial Stability), मौद्रिक नीति पर प्रभाव, मनी लॉन्ड्रिंग के जोखिम, निवेशक सुरक्षा और क्रिप्टो पर समग्र नियामक जरूरतों पर अपनी राय रखेगा। RBI पहले भी निजी क्रिप्टोकरेंसी के खिलाफ अपनी चिंता जता चुका है और CBDC (डिजिटल रुपया) को बढ़ावा दे रहा है।

दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक - ICAI के साथ चर्चा

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की संस्था VDA के टैक्सेशन, अकाउंटिंग स्टैंडर्ड, ऑडिट चुनौतियों और कंपनियों-व्यक्तियों के लिए डिस्क्लोजर नियमों पर अपनी विशेषज्ञ राय देगी। याद रहे कि वर्ष 2022 में VDAs पर 30% टैक्स और 1% TDS लागू किया गया था।

दोपहर 2:00 बजे के बाद - आंतरिक चर्चा

समिति सदस्य RBI और ICAI की जमा जानकारी के आधार पर सिफारिशें तैयार करेंगे।

भारत में VDA की वर्तमान स्थितिभारत में फिलहाल वर्चुअल डिजिटल एसेट्स पर कोई व्यापक कानून नहीं है। केवल टैक्सेशन व्यवस्था लागू है:लाभ पर 30% टैक्स

ट्रांसफर पर 1% TDS

कोई स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, एक्सचेंज लाइसेंसिंग या निवेशक सुरक्षा नियम नहीं

वित्त समिति की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब क्रिप्टो बाजार तेजी से बढ़ रहा है और सरकार भी इसके रिस्क एवं अवसर दोनों को समझने की कोशिश कर रही है।निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?क्रिप्टो निवेशकों को स्पष्ट नियम मिलने की उम्मीद

टैक्स कंप्लायंस और रिपोर्टिंग में आसानी

मनी लॉन्ड्रिंग और फ्रॉड पर बेहतर नियंत्रण

भविष्य में लाइसेंस्ड एक्सचेंज और सुरक्षित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की संभावना

beyourmoneymanager.com की सलाह: क्रिप्टो या VDA में निवेश करने वाले निवेशकों को अभी भी उच्च जोखिम मानकर केवल उस राशि का निवेश करना चाहिए जो वे खोने के लिए तैयार हों। किसी भी नई रेगुलेटरी खबर का असर बाजार पर पड़ सकता है, इसलिए अपडेट रहें।


Rajanish Kant
सोने-चांदी में निवेश करते हैं या करना चाहते हैं तो आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारी; Q3 2026 में सोना-चांदी का रीसेट से सेटअप: सुधार के बाद निवेश का बड़ा मौका, निवेशक क्या करें? BeYourMoneyManager

Q3 2026 में सोना और चांदी ने तेज सुधार देखा है। लंबी अवधि के सपोर्ट पर पहुंचकर अब बुलिश सेटअप बन रहा है। मौसमी लाभ, औद्योगिक मांग और फेड नीति पर पूरी हिंदी विश्लेषण पढ़ें।

Q3 2026 में सोना-चांदी का रीसेट से सेटअप: निवेशकों के लिए सुनहरा अवसर?

नमस्ते दोस्तों,  अगर आप सोने-चांदी में निवेश करते हैं या भविष्य में करना चाहते हैं तो यह आपके लिए महत्वपूर्ण जानकारी हो सकती है। जून 2026 के अंत में कीमती धातुओं (Precious Metals) में दशकों का सबसे तेज सुधार देखने को मिला। गोल्ड में 14% से ज्यादा की गिरावट आई जबकि सिल्वर ने जून में ही 21% से अधिक का गोता लगाया। यह सुधार दोनों धातुओं को 2025 के अंत के स्तरों पर वापस ले आया है। लेकिन कई विशेषज्ञ अब इसे रीसेट मान रहे हैं, जो Q3 2026 में मजबूत सेटअप बना सकता है।

पिछला रैली और हालिया सुधार की वजहेंपिछले कुछ महीनों में सोना-चांदी नई ऊंचाइयों पर पहुंचे थे। फेड की दरों में कटौती, कमजोर डॉलर, राजकोषीय चिंताएं और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी ने इस रैली को बढ़ावा दिया। लेकिन अचानक मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से मुद्रास्फीति प्रभावित हुई। फेड में बदलाव (हॉकिश रुख) और मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने रियल यील्ड्स को बढ़ाया, जिससे निवेशक बॉन्ड जैसी संपत्तियों की ओर मुड़े।इसके बावजूद, बाजार अब लंबी अवधि के महत्वपूर्ण सपोर्ट स्तरों पर पहुंच चुका है। कई विश्लेषकों का मानना है कि पाथ ऑफ लीस्ट रेसिस्टेंस अब ऊपर की ओर है। 

Q3 2026 में क्यों बुलिश आउटलुक?

मुद्रास्फीति में सुधार की उम्मीद — संघर्ष का सबसे बुरा दौर शायद पीछे छूट गया है। फेड नई नीतियों पर विचार कर रहा है।

ग्रोथ पीक आउट — आर्थिक वृद्धि चरम पर पहुंचने के संकेत मिल रहे हैं, जो फेड को नरम रुख अपनाने का मौका दे सकता है।

मौसमी लाभ (Seasonal Tailwind) — जुलाई की शुरुआत से अगस्त की शुरुआत तक सोना अक्सर मजबूत रहता है। यह ट्रेंड ऐतिहासिक रूप से ज्यादा बार पॉजिटिव रहा है।

पोजिशनिंग में बदलाव — ऑप्शंस मार्केट में पुट-कॉल स्क्यू लंबे समय बाद पॉजिटिव हो गया है।

चांदी पर खास फोकस: सिल्वर ने सबसे ज्यादा गिरावट झेली है, लेकिन यह हाई बीटा एसेट है। सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और AI डेटा सेंटर्स से औद्योगिक मांग मजबूत बनी हुई है। मल्टी-ईयर सप्लाई डेफिसिट के चलते चांदी में रिकवरी की गुंजाइश ज्यादा लगती है। 

निवेशक क्या करें?

लंबी अवधि के निवेशक: वर्तमान स्तरों को अच्छा एंट्री पॉइंट मान सकते हैं, लेकिन हमेशा रिस्क मैनेजमेंट के साथ।

ट्रेडर्स: सपोर्ट लेवल्स पर नजर रखें। ब्रेकडाउन होने पर रणनीति बदलनी पड़ सकती है।

डाइवर्सिफिकेशन: पोर्टफोलियो में सोना-चांदी का हिस्सा रखना मुद्रास्फीति और अनिश्चितता के खिलाफ हेज के रूप में काम कर सकता है।

नोट: बाजार में कोई गारंटी नहीं होती। यह विश्लेषण केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

BeYourMoneyManager की सलाह:

Q3 2026 की शुरुआत कीमती धातुओं के लिए रोचक हो सकती है। लेकिन संयम और सही जानकारी के साथ निवेश करें। नियमित अपडेट्स के लिए हमारी वेबसाइट पर बने रहें।






Rajanish Kant
Small Savings Schemes Interest Rates Unchanged July to September 2026 | पोस्ट ऑफिस स्कीम्स ब्याज दरें स्थिर

Small Savings Schemes Interest Rates Unchanged for July-September 2026: अपनी बचत की योजना अब और आसान

नई दिल्ली। अगर आप पोस्ट ऑफिस की विभिन्न बचत योजनाओं में निवेश करते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। 1 जुलाई 2026 से 30 सितंबर 2026 तक Small Savings Schemes की ब्याज दरें पूरी तरह अपरिवर्तित रहेंगी। सरकार की इस घोषणा से लाखों निवेशकों को स्थिर और अनुमानित रिटर्न मिलता रहेगा।

ब्याज दरें क्यों महत्वपूर्ण हैं?

Small Savings Schemes भारत सरकार द्वारा संचालित सुरक्षित निवेश विकल्प हैं। इनमें PPF, NSC, Kisan Vikas Patra, Senior Citizen Savings Scheme, Sukanya Samriddhi Yojana, Monthly Income Scheme आदि शामिल हैं। इनकी ब्याज दरें हर तिमाही (अप्रैल-जून, जुलाई-सितंबर, अक्टूबर-दिसंबर, जनवरी-मार्च) की समीक्षा के बाद तय की जाती हैं।इस तिमाही ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होने से आपकी बचत की योजना बिना किसी अनिश्चितता के आगे बढ़ सकती है।

जुलाई-सितंबर 2026 के लिए मुख्य Small Savings Schemes की ब्याज दरें (अपरिवर्तित):

Public Provident Fund (PPF): 7.1% प्रति वर्ष

National Savings Certificate (NSC): 7.7% प्रति वर्ष

Kisan Vikas Patra (KVP): 7.5% (115 महीने में दोगुना)

Sukanya Samriddhi Yojana: 8.2% प्रति वर्ष

Senior Citizen Savings Scheme: 8.2% प्रति वर्ष

Monthly Income Account Scheme: 7.4% प्रति वर्ष

Post Office Savings Account: 4.0% प्रति वर्ष

5-Year Recurring Deposit: 6.7% प्रति वर्ष

(नोट: दरें सरकार की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार हैं। निवेश से पहले अपने निकटतम पोस्ट ऑफिस से पुष्टि अवश्य करें।)

इन योजनाओं के प्रमुख फायदे

पूर्ण सुरक्षा – भारत सरकार की गारंटी  

आकर्षक टैक्स लाभ – PPF और Sukanya Samriddhi में धारा 80C के तहत छूट  

उच्च ब्याज दरें – बैंक FD से बेहतर रिटर्न कई स्कीम्स में  

लचीले निवेश विकल्प – छोटी राशि से शुरू करके लाखों तक निवेश संभव

अब क्या करें?

अगर आप नई बचत शुरू करना चाहते हैं या मौजूदा निवेश को जारी रखना चाहते हैं तो अपने नजदीकी Post Office जाएं। वहां आपको सभी स्कीम्स की पूरी जानकारी, फॉर्म और निवेश की सुविधा मिलेगी।

beyourmoneymanager.com की सलाह:

बचत की तिमाही समीक्षा जरूर करें। अपनी उम्र, जोखिम क्षमता और लक्ष्यों (बच्चों की शिक्षा, शादी, रिटायरमेंट) के अनुसार सही स्कीम चुनें। दरें स्थिर रहने का फायदा उठाकर SIP जैसी नियमित बचत बढ़ाएं।

अस्वीकरण: ब्याज दरों में भविष्य में बदलाव हो सकता है। निवेश से पहले आधिकारिक स्रोत या पोस्ट ऑफिस से सत्यापित जानकारी ले लें।





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Rajanish Kant बुधवार, 1 जुलाई 2026
मई महीने के लिए किस सेक्टर ने सबसे ज्यादा बैंक लोन लिया-Sectoral Deployment of Bank Credit – May 2026



बैंक ऋण का क्षेत्रवार अभिनियोजन – मई 2026

वर्ष 2026 के मई माह के लिए 41 चुनिंदा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) से जुटाए गए बैंक ऋण के क्षेत्रवार अभिनियोजन संबंधी आंकड़े, जो सभी एससीबी1 के कुल खाद्येतर ऋण का लगभग 95 प्रतिशत होता है, विवरण I और II में दिए गए हैं।

वर्ष-दर-वर्ष (व-द-व) आधार पर देखें तो, खाद्येतर बैंक ऋण2 31 मई 2026 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार 17.4 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जबकि यह पिछले वर्ष (अर्थात् 30 मई 2025) के इसी पखवाड़े में 8.8 प्रतिशत था।

31 मई 2026 को समाप्त पखवाड़े की स्थिति के अनुसार बैंक ऋण के क्षेत्रवार अभिनियोजन की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • कृषि और संबद्ध कार्यकलापों हेतु प्रदत्त ऋण में 14.9 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष संवृद्धि दर्ज की गई, जबकि यह पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में 7.5 प्रतिशत थी।

  • उद्योग क्षेत्र को प्रदत्त ऋण में वर्ष-दर-वर्ष 17.5 प्रतिशत की मजबूत संवृद्धि दर्ज की गई (पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में यह 5.3 प्रतिशत थी)। जहां ‘सूक्ष्म और लघु’ तथा ‘मध्यम’ उद्योगों को प्रदत्त ऋण में ज़बरदस्त बढ़ोतरी जारी रही, वहीं ‘बड़े’ उद्योगों को प्रदत्त ऋण में तेजी से वृद्धि हुई। प्रमुख उद्योगों में, ‘आधारभूत संरचना’, ‘सभी अभियांत्रिकी’, ‘कपड़ा’, ‘निर्माण’, ‘पेट्रोलियम, कोयला उत्पाद और परमाणु ईंधन’ तथा ‘रसायन और रासायनिक उत्‍पाद’ को प्रदत्त ऋण में वर्ष-दर-वर्ष अच्छी बढ़ोतरी देखी गई। तथापि, ‘रबड़, प्लास्टिक एवं उनके उत्पाद’ और ‘लकड़ी एवं लकड़ी से बने उत्पाद’ वाले क्षेत्रों में बढ़ोतरी थोड़ी कम रही।

  • सेवा क्षेत्र को प्रदत्त ऋण में वर्ष-दर-वर्ष 20.4 प्रतिशत की दर से संवृद्धि दर्ज की गई (पिछले वर्ष के इसी पखवाड़े में यह 8.4 प्रतिशत थी) जिसे ‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों’ (एनबीएफसी), ‘वाणिज्यिक स्थावर संपदा’, और ‘व्यापार’ जैसे क्षेत्रों में तेजी से हुई वृद्धि से मदद मिली।

  • वैयक्तिक ऋण क्षेत्र हेतु प्रदत्त ऋण में 15.4 प्रतिशत की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्ज की गई, जबकि यह एक वर्ष पहले 11.1 प्रतिशत थी। जहां ‘वाहन ऋण’ और ‘आवास’ जैसे क्षेत्रों में लगातार संवृद्धि दर्ज की गई, वहीं ‘क्रेडिट कार्ड बकाया’ क्षेत्र में संवृद्धि धीमी हुई।

अजीत प्रसाद    
उप महाप्रबंधक (संचार)

प्रेस प्रकाशनी: 2026-2027/575


1 आंकड़े महीने के अंतिम रिपोर्टिंग पखवाड़े से संबंधित हैं, जो क्षेत्रवार और उद्योग-वार बैंक ऋण (एसआईबीसी) रिटर्न पर आधारित हैं। 31 दिसंबर 2025 से, बैंकिंग विधि (संशोधन) अधिनियम 2025 के तहत अंतिम रिपोर्टिंग पखवाड़े की परिभाषा को बदलकर महीने का अंतिम दिन कर दिया गया है। तदनुसार, दिसंबर 2025 से वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दरें चालू वर्ष के लिए महीने के अंत के आंकड़ों और पिछले वर्ष के इसी महीने के लिए अंतिम रिपोर्टिंग पखवाड़े (पुरानी परिभाषा के अनुसार) के आंकड़ों पर आधारित हैं।

2 खाद्येतर ऋण संबंधी आंकड़े धारा-42 विवरणी पर आधारित हैं, जिसमें सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक (एससीबी) शामिल हैं।

 




(स्रोत- www.rbi.org.in)


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Rajanish Kant