वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में केंद्रीय बैंकों ने 39 टन सोना खरीदा। चीन ने 20 टन, उज़्बेकिस्तान और पोलैंड ने 8-8 टन जोड़ा। बेयोरमनीमैनेजर पर पढ़ें पूरी रिपोर्ट और सोने में निवेश के संकेत।
अगस्त 2026 में केंद्रीय बैंकों की सोने की खरीदारी जारी, चीन सबसे आगे
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (World Gold Council) के नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक वैश्विक केंद्रीय बैंक अगस्त 2026 में भी सोना खरीदते रहे। रिपोर्टेड नेट खरीदारी कुल 39 टन रही। साल 2026 के बड़े और लगातार खरीदारों ने इस महीने भी सक्रियता दिखाई, जिसमें चीन सबसे आगे रहा, उसके बाद उज़्बेकिस्तान और पोलैंड का स्थान रहा। साल-दर-साल (YTD) आधार पर केंद्रीय बैंकों ने अब तक कुल 170 टन सोना खरीदा है।
यह खरीदारी लंबे समय से चल रहे रिजर्व विविधीकरण (reserve diversification) के रुझान को दर्शाती है। केंद्रीय बैंक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सोने को सुरक्षित परिसंपत्ति मानकर अपने भंडार में बढ़ा रहे हैं।
प्रमुख खरीदारों का विवरण
चीन (People’s Bank of China):** अगस्त में 20 टन सोना जोड़ा। यह लगातार 22वें महीने की खरीदारी है। साल 2026 में अब तक चीन ने 80 टन सोना जोड़ा है। देश का आधिकारिक गोल्ड रिजर्व अब लगभग 2,387 टन है, जो कुल रिजर्व का करीब 9% है।
पोलैंड (National Bank of Poland):** अगस्त में 8 टन खरीदा। साल-दर-साल आधार पर पोलैंड अभी भी सबसे बड़ा खरीदार है (98 टन)। देश का कुल गोल्ड होल्डिंग 648 टन पहुंच चुका है और 700 टन के लक्ष्य के करीब है।
उज़्बेकिस्तान (Central Bank of Uzbekistan):** अगस्त में 8 टन खरीदा। YTD खरीदारी लगभग 50 टन के आसपास है। उज़्बेकिस्तान के गोल्ड रिजर्व अब कुल रिजर्व का करीब 90% हैं (लगभग 439 टन)।
कजाकिस्तान:** 7 टन खरीदा। YTD लगभग 36 टन।
चेक रिपब्लिक:** लगातार 42वें महीने खरीदारी करते हुए 2 टन जोड़ा।
तुर्की:** 3 टन खरीदा (पिछले तीन महीनों की नेट बिक्री के बाद)।
दूसरी ओर, रूस ने अगस्त में 6 टन सोना बेचा (YTD बिक्री 56 टन), जबकि जॉर्डन ने भी 3 टन की बिक्री दर्ज की।
मौसमी रुझान और दीर्घकालिक दृष्टिकोण
2016-2025 के आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि केंद्रीय बैंकों की खरीदारी में कुछ मौसमी बदलाव दिखते हैं। जून और सितंबर-अक्टूबर के महीनों में आमतौर पर अधिक गतिविधि रहती है। हालांकि साल-दर-साल अंतर भी काफी रहता है। अगस्त 2026 की खरीदारी मुख्य रूप से उन्हीं देशों से आई जो कई वर्षों से सोना जमा कर रहे हैं। इससे लगता है कि मासिक उतार-चढ़ाव बाजार की स्थिति और देश-विशिष्ट जरूरतों से जुड़े होते हैं, जबकि समग्र रुझान दीर्घकालिक रिजर्व उद्देश्यों को दर्शाता है।
कुछ केंद्रीय बैंक अपने सोने के भंडार को ज्यादा लिक्विड और ट्रेडेबल बनाने के लिए स्थानांतरण भी कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, नीदरलैंड्स के केंद्रीय बैंक ने हाल ही में न्यूयॉर्क और ओटावा से लंदन में 86 टन सोना शिफ्ट करने की घोषणा की थी।
निवेशकों के लिए क्या संकेत हैं?
केंद्रीय बैंकों की निरंतर खरीदारी सोने की मांग का एक मजबूत आधार बनाती है। जब दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और उभरते बाजार सोने को अपने रिजर्व में जगह दे रहे हैं, तो यह आम निवेशकों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत है। सोना लंबे समय से महंगाई, मुद्रा जोखिम और भू-राजनीतिक तनाव के खिलाफ बचाव (hedge) माना जाता है।
बेयोरमनीमैनेजर की सलाह:
सोने में निवेश करते समय अपने कुल पोर्टफोलियो का 5-15% हिस्सा सोने या गोल्ड-संबंधित इंस्ट्रूमेंट्स (भौतिक सोना, गोल्ड ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड आदि) में रखें। बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए SIP या नियमित खरीदारी का तरीका अपनाएं। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम क्षमता और सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
निष्कर्ष
अगस्त 2026 के आंकड़े साफ बताते हैं कि केंद्रीय बैंकों की सोने के प्रति रुचि अभी भी मजबूत है। चीन की लगातार खरीदारी और पोलैंड-उज़्बेकिस्तान जैसी अर्थव्यवस्थाओं का सक्रिय रहना वैश्विक गोल्ड डिमांड को सपोर्ट करता रहेगा। निवेशकों को इस रुझान पर नजर रखते हुए अपने पोर्टफोलियो में सोने की भूमिका को संतुलित तरीके से बनाए रखना चाहिए।
(स्रोत: World Gold Council – Central Bank Gold Statistics, अक्टूबर 2026)









