State Street के Aakash Doshi के अनुसार सोने का अगला $1000 का मूव ऊपर रहेगा। Fed की हॉकिश नीति पीक पर पहुंच गई है। 2026 में सोना $4750 से $5500 प्रति औंस तक जा सकता है। विस्तृत विश्लेषण और निवेश सलाह पढ़ें।
सोने का अगला $1000 का उछाल ऊपर की ओर: Fed की सख्ती चरम पर पहुंच गई, State Street का बड़ा दावा
नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें वर्तमान में $4000 प्रति औंस के आसपास समेकन (consolidation) कर रही हैं, लेकिन State Street Asset Management के हेड ऑफ गोल्ड स्ट्रैटजी Aakash Doshi का कहना है कि सोने का अगला बड़ा $1000 का मूव ऊपर की ओर ही होगा। Fed की मौद्रिक नीति में सख्ती (hawkishness) अब पीक पर पहुंच चुकी है, जिससे आगे राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
सोना हाल ही में $4100 प्रति औंस के ऊपर टिक नहीं पा रहा है। लंबी अवधि के रियल यील्ड्स ऐतिहासिक ऊंचाई पर हैं (10-वर्षीय रियल यील्ड लगभग 2.4%)। इसके बावजूद, $4000 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है।
Aakash Doshi ने Kitco News को दिए इंटरव्यू में कहा, "बाजार ने Fed का काफी काम पहले ही कर लिया है। Fed पूरे साल होल्ड पर रह सकता है क्योंकि रियल रेट्स पहले से काफी ऊंचे हो चुके हैं।"
State Street का Bullish Outlook
बेस केस पूर्वानुमान (6-9 महीने):** $4750 से $5500 प्रति औंस।
संभावित लक्ष्य:** 2027 की शुरुआत तक $5000 प्रति औंस तक पहुंचना संभव।
2026 के अंत तक:** यदि 2-वर्षीय यील्ड्स 4% से नीचे आते हैं, तो साल के अंत तक $4500-$4750 संभव।
Doshi का मानना है कि नवंबर-दिसंबर में सोना समेकन कर सकता है, लेकिन लंबी अवधि में ट्रेंड बुलिश बना रहेगा।
क्या सपोर्ट कर रहा है सोने को?
सेंट्रल बैंक डिमांड: मजबूत और लचीली बनी हुई है।
चीन की डिमांड: जून में आयात दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा।
भू-राजनीतिक तनाव: ईरान से संबंधित युद्ध और बढ़ते वैश्विक कर्ज ($353 ट्रिलियन) सोने को मौद्रिक हेज के रूप में मजबूत बना रहे हैं।
ETF डिमांड: वर्तमान स्तर पर भी बनी रहने से कीमतों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
Doshi ने कहा कि भले ही Fed हॉकिश रुख बनाए रखे, लंबी अवधि के स्ट्रक्चरल फैक्टर्स (वैश्विक कर्ज, फिस्कल खर्च और मुद्रा अवमूल्यन) सोने की मांग को बढ़ावा देंगे।
निवेशकों के लिए सलाह (www.beyourmoneymanager.com)
शॉर्ट टर्म:** $4000 के सपोर्ट पर खरीदारी के अवसर देखें। जुलाई के नॉन-फार्म पेरोल डेटा महत्वपूर्ण होगा। यदि रोजगार डेटा कमजोर आया तो रेट कट की उम्मीद बढ़ेगी और सोना उछल सकता है।
लॉन्ग टर्म:** सोना पोर्टफोलियो में 5-15% हिस्सा रखना विविधीकरण के लिए फायदेमंद रह सकता है, खासकर बढ़ते कर्ज और अनिश्चितता के माहौल में।
रिस्क:** उच्च रियल यील्ड्स और मजबूत डॉलर अल्पकालिक दबाव बना सकते हैं।
निष्कर्ष:
State Street के विश्लेषण के अनुसार, Fed की सख्ती अब चरम पर है। इससे आगे सोने में नया उछाल आने की संभावना मजबूत है। निवेशकों को सावधानी बरतते हुए लंबी अवधि का नजरिया रखना चाहिए।

























