करदाताओं के लिए महत्वपूर्ण सूचना!• आयकर नियम, 2026 को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया गया है।
• यह अधिसूचना ई-गजट में प्रकाशित हो चुकी है।
• जारी करने की तारीख: 20 मार्च 2026 (नई दिल्ली)
• नियम प्रभावी होने की तारीख: 1 अप्रैल 2026 से
• अधिसूचना संख्या: सा.का.नि. 198(अ)
• जारीकर्ता: वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT)
• पूरी अधिसूचना PDF यहाँ देखें https://egazette.gov.in/...
आयकर नियम 2026 (Income Tax Rules 2026) मुख्य रूप से नए आयकर अधिनियम 2025 के साथ संरेखित हैं, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो रहे हैं। ये नियम पुराने आयकर अधिनियम 1961 और नियम 1962 की जगह ले रहे हैं।यहाँ मुख्य बदलावों की बुलेट पॉइंट्स में सरल व्याख्या दी गई है (वर्तमान जानकारी के आधार पर, जो मार्च 2026 तक उपलब्ध हैं):नया आयकर अधिनियम 2025 पूरी तरह लागू
• पुराना अधिनियम 1961 खत्म, भाषा सरल, अनावश्यक प्रावधान हटाए गए
• अनुपालन आसान बनाने और विवाद कम करने का उद्देश्य
"टैक्स ईयर" (Tax Year) की शुरुआत
• अब "फाइनेंशियल ईयर" और "असेसमेंट ईयर" की जगह सिर्फ टैक्स ईयर शब्द इस्तेमाल होगा
• समझने में आसानी होगी (उदाहरण: टैक्स ईयर 2026-27)
पर्क्स (Perquisites) और छूट सीमाओं में बढ़ोतरी (खासकर सैलरीड लोगों के लिए फायदेमंद)
• बच्चों की शिक्षा भत्ता → ₹1,000/माह से बढ़कर ₹3,000/माह प्रति बच्चा
• फ्री भोजन/नॉन-एल्कोहलिक पेय → ₹50/मील से बढ़कर ₹200/मील
• कुछ अन्य भत्तों (HRA, ट्रांसपोर्ट आदि) की छूट सीमा बढ़ाई गई
• कंपनी द्वारा दिया गया आवास, कार, लोन आदि के मूल्यांकन नियम बदले गए
फॉर्म में बड़े बदलाव
• फॉर्म 16 की जगह फॉर्म 130 आएगा
• फॉर्म 12BB की जगह फॉर्म 124
• TDS, TCS और अन्य रिपोर्टिंग फॉर्म कंसॉलिडेट और सरल किए गए
नई टैक्स रेजीम में राहत की संभावना (कुछ स्रोतों के अनुसार चर्चा)
• नई रेजीम में टैक्स-फ्री इनकम लिमिट ₹7 लाख से बढ़कर ₹12 लाख तक होने की बात (अभी अंतिम पुष्टि नहीं, लेकिन ड्राफ्ट/बजट चर्चा में)
• पुरानी रेजीम में 80C, 80D आदि छूट बरकरार रहेंगी
PAN और ट्रांजेक्शन नियम सख्त लेकिन कुछ छूट
• कुछ बड़े ट्रांजेक्शन (प्रॉपर्टी, वाहन, होटल आदि) में PAN अनिवार्य, लेकिन कुछ सीमाओं में छूट
• डिजिटल एसेट, क्रिप्टो एक्सचेंज और ई-मनी पर रिपोर्टिंग बढ़ी
CBDC (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) और ई-मनी को शामिल किया
• नियम 114-F, 114-G, 114-H में संशोधन
• डिपॉजिटरी अकाउंट की परिभाषा विस्तारित
कंप्लायंस और फाइलिंग आसान
• फॉर्म कम हुए, डिजिटल फाइलिंग पर जोर
• ITR फाइलिंग ड्यू डेट और ऑडिट रिपोर्ट में कुछ बदलाव संभावित
प्रभावी तिथि
• ज्यादातर बदलाव 1 अप्रैल 2026 से (FY 2026-27 / AY 2027-28 के लिए लागू)
नोट: ये बदलाव अधिसूचित नियम (सा.का.नि. 198(अ)) और ड्राफ्ट/बजट 2026 पर आधारित हैं। अंतिम नियमों में मामूली बदलाव हो सकते हैं। सबसे सटीक जानकारी के लिए incometaxindia.gov.in या e-gazette चेक करें।
नई टैक्स स्लैब 2026 (नया टैक्स रेजीम) - FY 2026-27 / AY 2027-281 अप्रैल 2026 से नया आयकर अधिनियम 2025 लागू हो रहा है, लेकिन बजट 2026 में टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। इसलिए, नई टैक्स रेजीम (डिफ़ॉल्ट रेजीम) की स्लैब वही रहेंगी जो पिछले साल से चली आ रही हैं।यहाँ नई टैक्स रेजीम के तहत आयकर स्लैब (सभी व्यक्तियों के लिए समान, उम्र के आधार पर कोई अंतर नहीं):₹ 0 से ₹ 4,00,000 तक → Nil (कोई टैक्स नहीं)
₹ 4,00,001 से ₹ 8,00,000 तक → 5% (₹ 4 लाख से ऊपर की राशि पर)
₹ 8,00,001 से ₹ 12,00,000 तक → 10%
₹ 12,00,001 से ₹ 16,00,000 तक → 15%
₹ 16,00,001 से ₹ 20,00,000 तक → 20%
₹ 20,00,001 से ₹ 24,00,000 तक → 25%
₹ 24,00,001 से ऊपर → 30%
महत्वपूर्ण राहत (Rebate under Section 87A):सेक्शन 87A के तहत रिबेट बढ़ाकर ₹ 60,000 तक कर दिया गया है।
इससे नई रेजीम में ₹ 12 लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर व्यावहारिक रूप से कोई टैक्स नहीं लगता (स्टैंडर्ड डिडक्शन के बाद भी)।
सैलरीड लोगों को ₹ 75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलता है, जिससे प्रभावी टैक्स-फ्री लिमिट और बढ़ जाती है (लगभग ₹ 12.75 लाख तक जीरो टैक्स संभव)।








