Bank of America ने गोल्ड का 12 महीने का $6000 टारगेट बरकरार रखा। 2026 में सिल्वर $86 औसत पर। भारत में सोना चांदी निवेश की पूरी जानकारी।
अमेरिका में बढ़ते तेल के दाम महंगाई की आशंकाओं को और मजबूत कर रहे हैं, जिसकी वजह से बाजार अब इस साल ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद लगभग छोड़ चुके हैं। इस स्थिति में गोल्ड प्राइस पर दबाव बना हुआ है। लेकिन Bank of America (BofA) अभी भी लंबी अवधि में सोने को बहुत मजबूत मान रहा है।BofA के कमोडिटी एनालिस्ट्स ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा है कि गोल्ड निकट अवधि में कुछ दबाव झेल सकता है, लेकिन उन्होंने 12 महीने का $6,000 प्रति औंस का अपना टारगेट बरकरार रखा है।
एनालिस्ट्स का कहना है, “गोल्ड ने एक एयर पॉकेट हिट किया है क्योंकि पीली धातु और तेल महंगाई की चिंताओं और फेड की प्रतिक्रिया के चलते उलटे संबंध में चल रहे हैं। यह आशंका अभी भी बनी हुई है, लेकिन अमेरिकी आर्थिक नीति पर अनिश्चितता, ऊंचा फिस्कल घाटा और कमजोर डॉलर जैसी स्थितियां सोने को सपोर्ट देती रहेंगी।”
2026 के लिए BofA का नया गोल्ड फोरकास्ट
Bank of America ने 2026 के लिए औसत गोल्ड प्राइस के अनुमान को बढ़ाकर $5,093 प्रति औंस कर दिया है (पहले $4,988 था)।वर्तमान में स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग $4,604 प्रति औंस के आसपास है, जो इस हफ्ते दूसरी बार गिरावट के साथ बंद होने की राह पर है।
सिल्वर पर भी मजबूत bullish Outlook
Bank of America चांदी (Silver) को लेकर भी बहुत आशावादी है। बैंक ने 2026 के लिए सिल्वर का औसत मूल्य अनुमान बढ़ाकर $85.93 प्रति औंस कर दिया है, जो पिछले अनुमान ($75) से लगभग 15% ज्यादा है।एनालिस्ट्स ने कहा कि सोलर पैनल मैन्युफैक्चरर्स की तरफ से चांदी की मांग में कुछ कमी आई है, लेकिन यह बाजार को सरप्लस में नहीं डाल पाएगी। इसके अलावा, एनर्जी क्राइसिस के बावजूद लंबी अवधि में इलेक्ट्रिफिकेशन और इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने की उम्मीद है।
भारतीय निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें
सोना: वैश्विक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर डॉलर के माहौल में सोना लंबी अवधि में मजबूत रहने की उम्मीद है। भारत में सोने की मांग हमेशा मजबूत रहती है, खासकर त्योहारों और शादी के मौसम में।
चांदी: सोलर एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ती मांग के कारण चांदी में भी अच्छी संभावनाएं दिख रही हैं। भारत दुनिया का बड़ा चांदी आयातक है।
निवेश सलाह: कीमतों में उतार-चढ़ाव सामान्य है। लंबी अवधि (1-2 साल) के नजरिये से SIP या गोल्ड/सिल्वर ETF, Sovereign Gold Bonds (SGB) और सिल्वर ETFs पर विचार करें।
नोट: यह लेख मूल रूप से Kitco News पर प्रकाशित रिपोर्ट पर आधारित है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।









