Most Recent

IMD ने जून 2026 को बताया 16 साल का सबसे सूखा महीना: 43% कम बारिश, खरीफ फसलों पर असर | Monsoon Update 2026

जून 2026 में 43% बारिश की कमी के साथ IMD ने इसे 16 साल का सबसे सूखा जून घोषित किया। खरीफ बुवाई प्रभावित, El Nino का खतरा और अर्थव्यवस्था पर असर। विस्तृत विश्लेषण और अपडेट पढ़ें।


IMD ने जून 2026 को 16 साल का सबसे सूखा महीना बताया, 43% बारिश की भारी कमी - खरीफ फसलों और अर्थव्यवस्था पर क्या असर?नई दिल्ली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जून 2026 देश के लिए 16 सालों का सबसे सूखा जून साबित हो रहा है। पूरे देश में 1 से 28 जून तक औसतन सिर्फ 85.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) 149.8 मिलीमीटर है। यानी 43% की भारी कमीयह जून 2009 के बाद सबसे कम बारिश वाला महीना है और 1901 के बाद तीसरा सबसे सूखा जून माना जा रहा है। IMD के पूर्वानुमान के अनुसार पूरा जून करीब 95 मिमी बारिश के साथ खत्म हो सकता है।क्षेत्रीय स्थिति कैसी रही?
  • मध्य भारत: -56% (सबसे ज्यादा प्रभावित)
  • पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत: -43%
  • दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: -31%
  • उत्तर-पश्चिम भारत: -29%
कई राज्यों में स्थिति और भी गंभीर रही। गुजरात में 80% कमी, छत्तीसगढ़ और झारखंड में 67% कमी, महाराष्ट्र (-58%), उत्तर प्रदेश (-56%), ओडिशा (-54%) जैसे प्रमुख कृषि राज्य बुरी तरह प्रभावित हुए। केवल राजस्थान, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में ही बारिश सामान्य स्तर के आसपास रही।खरीफ फसलों पर असरकृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि 724 जिलों में से 315 जिलों में इस सीजन में कम बारिश हो सकती है। 111 जिले सबसे संवेदनशील हैं जहां सिंचाई कवरेज 25% से भी कम है।बुवाई का काम जून के तीसरे सप्ताह में ही शुरू हुआ है। धान, कपास, दालें, प्याज, टमाटर जैसी फसलों की रोपाई और बुवाई में देरी हो रही है। अभी तक कुल खरीफ क्षेत्र का सिर्फ करीब 10% ही कवर हुआ है, हालांकि कुल रकबा पिछले साल से थोड़ा बेहतर दिख रहा है। जुलाई-अगस्त में बारिश की अच्छी मात्रा बेहद जरूरी है क्योंकि इन दो महीनों में पूरे मानसून का करीब 60% बारिश होती है।आगे क्या है अनुमान?IMD के अनुसार अगले 2-3 दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ और हिस्सों में मानसून आगे बढ़ सकता है। लेकिन विशेषज्ञों (जैसे University of Reading के Akshay Deoras) का कहना है कि जुलाई के मध्य में मानसून फिर कमजोर पड़ सकता है।El Niño की स्थिति पहले से मौजूद है और यह और मजबूत होने की आशंका है। IMD ने पूरे मानसून सीजन (जून-सितंबर) के लिए 90% LPA का नीचे सामान्य अनुमान जारी किया है, जो 2015 के बाद सबसे कमजोर मानसून हो सकता है।Money Manager Perspective: अर्थव्यवस्था और निवेश पर प्रभाव
  • कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था: बारिश की कमी से खरीफ उत्पादन प्रभावित होने पर खाद्य महंगाई बढ़ सकती है। FMCG, ट्रैक्टर, बीज और उर्वरक कंपनियों के शेयरों पर दबाव पड़ सकता है।
  • जल संकट: जलाशयों और भूजल स्तर पर असर, जिससे बिजली उत्पादन (हाइड्रो) और औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।
  • सरकारी कदम: केंद्र और राज्य सरकारें संभावित contingency plans पर काम कर रही हैं। निवेशकों को FMCG, agrochemicals और irrigation-related कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए।
निष्कर्ष:
2026 का मानसून शुरुआत से ही चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। किसानों, निवेशकों और आम उपभोक्ताओं सभी को सतर्क रहने की जरूरत है। हम लगातार IMD अपडेट, फसल बुवाई डेटा और बाजार प्रभाव पर नजर रख रहे हैं।
अपडेटेड: 28 जून 2026
स्रोत: IMD आंकड़े और Financial Express

Rajanish Kant रविवार, 28 जून 2026
Taxpayers के लिए महत्वपूर्ण राहत, ITAT का बड़ा फैसला: property में कथित कैश पेमेंट पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्स नहीं लगा सकता | सिर्फ थर्ड पार्टी डॉक्यूमेंट्स से नहीं होगा ऐडिशन

मुंबई ITAT ने स्पष्ट किया कि प्रॉपर्टी खरीद में कथित ऑन-मनी (कैश) पेमेंट पर सिर्फ बिल्डर के पास से बरामद डॉक्यूमेंट्स के आधार पर टैक्स ऐडिशन नहीं किया जा सकता। स्वतंत्र सबूत जरूरी। टैक्सपेयर्स के लिए महत्वपूर्ण राहत।

ITAT का महत्वपूर्ण फैसला: प्रॉपर्टी में कथित कैश पेमेंट पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अकेले थर्ड पार्टी पेपर से टैक्स नहीं लगा सकतानई दिल्ली। प्रॉपर्टी खरीदते समय अगर बिल्डर के पास से कथित "ऑन-मनी" या कैश पेमेंट के दस्तावेज मिलते हैं, तो क्या इनकम टैक्स विभाग केवल उसी आधार पर टैक्सपेयर पर अनडिस्क्लोज्ड इनकम जोड़ सकता है? 

मुंबई ITAT ने इस सवाल का साफ जवाब देते हुए कहा है कि नहीं।ITAT ने एक महत्वपूर्ण आदेश में ₹90 लाख के टैक्स ऐडिशन को रद्द कर दिया और स्पष्ट किया कि थर्ड पार्टी (बिल्डर) के पास से बरामद लूज पेपर्स या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स अकेले पर्याप्त सबूत नहीं माने जा सकते। टैक्स विभाग को स्वतंत्र और पुष्टि करने वाले सबूत (corroborative evidence) पेश करने होंगे जो खरीदार को उस कैश पेमेंट से जोड़ते हों। 

केस क्या था?

केस संजीत कुमार केदारनाथ गुप्ता का था। उन्होंने अपने भाई के साथ GNP Galaxy Phase I में एक कमर्शियल यूनिट जॉइंटली खरीदी थी। रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के अनुसार प्रॉपर्टी की कीमत ₹50 लाख बताई गई।2021 में GNP ग्रुप पर इनकम टैक्स विभाग की सर्च हुई। सर्च में बिल्डर के पास से लूज पेपर्स और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स मिले, जिनमें कुछ खरीदारों से कैश पेमेंट का जिक्र था।0 विभाग ने इन्हीं के आधार पर गुप्ता पर ₹90 लाख कैश "ऑन-मनी" पेमेंट का आरोप लगाया और उनके AY 2019-20 के असेसमेंट को दोबारा खोला।गुप्ता ने इनकार किया और कहा कि पूरा पैसा बैंकिंग चैनल से ही पे किया गया था। उन्होंने ये भी तर्क दिया कि दस्तावेज बिल्डर के थे, इसलिए उन्हें उनके खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

ITAT ने क्यों रद्द किया ऐडिशन?

मुंबई ITAT बेंच ने पाया कि टैक्स विभाग गुप्ता के पास से कोई कैश नहीं बरामद कर सका, कोई रसीद नहीं मिली, ना ही बैंक विड्रॉल का कोई सबूत था जो अनअकाउंटेड मनी के फ्लो को दिखाता हो।दस्तावेज थर्ड पार्टी (बिल्डर) के पास से मिले थे।

खरीदार न तो उनके लेखक थे और न ही कस्टोडियन।

विभाग ने बिल्डर से जुड़े लोगों के बयान दर्ज किए, लेकिन गुप्ता को क्रॉस-एग्जामिनेशन का मौका नहीं दिया।


इन सब कारणों से ITAT ने ₹90 लाख का ऐडिशन रद्द कर दिया।बोझ टैक्स विभाग पर है – सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवालाITAT ने सुप्रीम कोर्ट के KP Varghese vs ITO फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अनडिस्क्लोज्ड इनकम साबित करने का बोझ टैक्स विभाग पर है। टैक्सपेयर को नेगेटिव साबित करने (कि मैंने कैश नहीं दिया) के लिए नहीं कहा जा सकता।इसके अलावा:सेक्शन 69A (अनएक्सप्लेन्ड मनी) लागू नहीं होता क्योंकि टैक्सपेयर के पास कोई अनएक्सप्लेन्ड मनी नहीं मिली।

लूज पेपर्स या प्राइवेट रिकॉर्ड्स अकेले सबूत नहीं माने जा सकते (सुप्रीम कोर्ट के Common Cause और CBI vs V.C. Shukla केस का हवाला)।

बॉम्बे हाईकोर्ट के Ashok Commercial Enterprises vs ACIT फैसले का भी जिक्र किया गया।

टैक्सपेयर्स के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

यह आदेश उन हजारों टैक्सपेयर्स के लिए राहत भरा है जिन पर रियल एस्टेट सर्च के दौरान बिल्डर के दस्तावेजों के आधार पर "ऑन-मनी" का केस बनाया जा रहा है।मुख्य takeaways:सर्च में मिले दस्तावेज जांच का आधार बन सकते हैं, लेकिन अकेले टैक्स ऐडिशन के लिए पर्याप्त नहीं।

विभाग को खरीदार से लिंक करने वाले ठोस, स्वतंत्र सबूत पेश करने होंगे।

बिना क्रॉस-एग्जामिनेशन के थर्ड पार्टी बयानों पर भरोसा नहीं किया जा सकता।

सलाह: प्रॉपर्टी खरीदते समय सभी पेमेंट्स बैंकिंग चैनल से करें और पूरी डॉक्यूमेंटेशन रखें। अगर आपको नोटिस मिले तो तुरंत टैक्स एक्सपर्ट या CA से सलाह लें।स्रोत: मुंबई ITAT आदेश (लाइवमिंट रिपोर्ट के आधार पर)




Rajanish Kant
ITR Filing Not Mandatory for Everyone: AY 2026-27 में कौन स्किप कर सकता है Income Tax Return? पूरी डिटेल्स

ITR फाइलिंग कब जरूरी नहीं है? FY 2025-26 / AY 2026-27 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न कौन नहीं भर सकता? इनकम थ्रेशोल्ड, NRI, सीनियर सिटीजन और अन्य एक्सेम्प्शन की पूरी जानकारी।ITR Filing Not Mandatory for Everyone: AY 2026-27 में कौन स्किप कर सकता है Income Tax Return?


इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग का सीजन चल रहा है। कई लोग कन्फ्यूज हैं कि क्या हर किसी को ITR भरना ही पड़ता है? जवाब है – नहीं। आयकर विभाग ने कुछ कैटेगरी के टैक्सपेयर्स को ITR फाइल करने से छूट दी है, बशर्ते वे कुछ शर्तें पूरी करें।www.beyourmoneymanager.com पर इस लेख में हम आसान भाषा में बताएंगे कि कौन ITR फाइल नहीं कर सकता, किन शर्तों का ध्यान रखना है और गलती करने पर क्या नुकसान हो सकता है।

ITR फाइलिंग कब जरूरी नहीं है?

(Income Threshold)FY 2025-26 (AY 2026-27) के लिए:

नई टैक्स रिजीम में कुल इनकम ₹4 लाख से कम होने पर ITR फाइल करना जरूरी नहीं।

पुरानी टैक्स रिजीम में कुल इनकम ₹2.5 लाख से कम होने पर ITR फाइल करना जरूरी नहीं।

नोट: कुल इनकम का मतलब सभी स्रोतों (सैलरी, ब्याज, किराया, कैपिटल गेन आदि) से हुई आय का योग है (Chapter VIA डिडक्शन्स के बाद)।

किन लोगों को ITR फाइल करने से छूट है?

पूरी तरह एग्जेम्प्ट इनकम वाले व्यक्ति

जिनकी सारी आय इनकम टैक्स एक्ट के तहत पूरी तरह免 (exempt) है, उन्हें ITR फाइल करने की जरूरत नहीं।

नाबालिग बच्चों का इनकम

अगर बच्चे की इनकम पैरेंट्स के साथ क्लब की जाती है (Section 64), तो बच्चे को अलग से ITR फाइल करने की जरूरत नहीं।

Non-Resident Indians (NRIs) को विशेष छूट  Section 115G के तहत: अगर NRI की इनकम सिर्फ विदेशी मुद्रा एसेट से इन्वेस्टमेंट इनकम या लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन है और TDS कट चुका है, तो ITR फाइल करने की जरूरत नहीं।

स्पोर्ट्स पर्सन, एंटरटेनर और स्पोर्ट्स एसोसिएशन (Section 115BBA)

भारत में खेल/मनोरंजन से कमाई पर TDS कटने के बाद ITR की जरूरत नहीं, कुछ शर्तों के साथ।

Section 115A के तहत कुछ नॉन-रेजिडेंट्स

विशिष्ट बॉन्ड्स, GDRs, डिविडेंड, म्यूचुअल फंड यूनिट्स या रॉयल्टी/टेक्निकल सर्विसेज इनकम पर TDS होने पर छूट।

महत्वपूर्ण: छूट होने के बावजूद ITR भरना फायदेमंद हो सकता है।

ITR फाइलिंग कब अनिवार्य हो जाती है? (मुख्य शर्तें)भले ही इनकम थ्रेशोल्ड के अंदर हों, ये स्थितियां ITR फाइलिंग को अनिवार्य बना सकती हैं:बिजनेस/प्रोफेशन में लॉस हुआ हो और उसे कैरी फॉरवर्ड करना चाहते हों

कैपिटल गेन लॉस कैरी फॉरवर्ड करना हो

विदेश यात्रा पर ₹2 लाख से ज्यादा खर्च

बिजली बिल ₹1 लाख से ज्यादा

बिजनेस टर्नओवर ₹60 लाख या प्रोफेशन ₹10 लाख से ज्यादा

बैंक में ₹1 करोड़ से ज्यादा करंट अकाउंट डिपॉजिट

सेविंग्स अकाउंट में ₹50 लाख से ज्यादा डिपॉजिट

TDS/TCS ₹25,000 से ज्यादा (सीनियर सिटीजन के लिए ₹50,000)

विदेशी एसेट्स रखने वाले रेजिडेंट

ITR न भरने के फायदे और नुकसानफायदे (जब छूट हो):समय और मेहनत की बचत

नुकसान (अगर गलती से न भरें):लेट फाइलिंग पर ब्याज

रिफंड क्लेम नहीं कर पाएंगे

लोन, वीजा, क्रेडिट कार्ड में दिक्कत

लॉस कैरी फॉरवर्ड का फायदा गंवा देंगे

नोटिस और पेनाल्टी का खतरा

सलाह: ITR भरना हमेशा सुरक्षित और फायदेमंद होता है। यह आपका इनकम प्रूफ दस्तावेज बन जाता है।

सीनियर सिटीजन क्या रखें तैयार?

बैंक स्टेटमेंट

Form 26AS और AIS

ब्रोकरेज स्टेटमेंट

रेंटल इनकम के दस्तावेज

निष्कर्ष

ITR फाइलिंग हर किसी के लिए अनिवार्य नहीं है, लेकिन स्मार्ट टैक्सपेयर voluntary filing को प्राथमिकता देते हैं। सही जानकारी के साथ सही डिसीजन लें।

Disclaimer: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार किया गया है। टैक्स नियम बदल सकते हैं। कृपया Chartered Accountant या Income Tax Department की आधिकारिक वेबसाइट से सलाह लें।



 





Rajanish Kant शनिवार, 27 जून 2026
सोना 50% गिरा तो क्या करें? 1975 का इतिहास दोहराएगा? Rick Rule का महत्वपूर्ण निवेश सबक | Gold Investment 2026

सोना 50% गिरा तो क्या करें? 1975 का इतिहास दोहराएगा? Rick Rule का महत्वपूर्ण निवेश सबक

निवेशकों के लिए सोना हमेशा से आकर्षक रहा है, लेकिन इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव भी काफी ज्यादा होता है। हाल ही में Kitco News में Rick Rule ने 1975 के गोल्ड क्रैश का जिक्र करते हुए एक महत्वपूर्ण सबक दिया है। क्या इतिहास 2026 में फिर से दोहराने वाला है? आइए विस्तार से समझते हैं।

1975 में सोने के साथ क्या हुआ था?1975 में सोने की कीमत मात्र 9 महीनों में 50% तक गिर गई थी। कई निवेशक घबरा गए और अपना सोना बेच दिया। लेकिन जो धैर्यवान रहे, उन्हें इसके बाद भारी फायदा हुआ। उस गिरावट के बाद सोने में 750% की भारी रैली देखने को मिली।यह उदाहरण साफ बताता है कि शॉर्ट-टर्म वोलेटिलिटी को समझकर लॉन्ग-टर्म सोच के साथ निवेश करने वालों को ही असली फायदा होता है।

Rick Rule क्या कहते हैं?

Rick Rule, Battle Bank के साथ जुड़े अनुभवी निवेशक, बताते हैं कि सोने जैसी एसेट क्लास में volatility सामान्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि:पैनिक में बेचने वाले निवेशक अक्सर सबसे बड़े नुकसान में रह जाते हैं।

सही समय पर खरीदारी करने वाले और धैर्य रखने वाले ही लंबे समय में मुनाफा कमाते हैं।

वर्तमान बाजार में भी इसी तरह की स्थिति बन सकती है, जहां गिरावट के बाद मजबूत रिकवरी देखने को मिल सकती है।

2026 में सोने के निवेश की रणनीति क्या होनी चाहिए?Lump Sum vs SIP Approach

सोने में एकमुश्त निवेश की बजाय Systematic Investment Plan (SIP) या staggered buying का इस्तेमाल करें। गिरावट के समय ज्यादा खरीदारी का मौका बनता है।

Diversification जरूरी

पूरा पोर्टफोलियो सिर्फ सोने में न लगाएं। गोल्ड ETF, Sovereign Gold Bonds (SGB), Digital Gold या Physical Gold के साथ अन्य एसेट्स (शेयर, म्यूचुअल फंड, FD) को बैलेंस करें।

लॉन्ग-टर्म होराइजन रखें

अगर आपका निवेश का समय 5-10 साल या उससे ज्यादा है, तो मध्यम अवधि की गिरावट को अवसर मानें।

SGB का फायदा

Sovereign Gold Bonds में 2.5% सालाना ब्याज के साथ टैक्स फ्री कैपिटल गेन का लाभ मिलता है। यह फिजिकल गोल्ड से बेहतर ऑप्शन हो सकता है।

निष्कर्ष: Volatility आपका दुश्मन नहीं, दोस्त है1975 का उदाहरण हमें याद दिलाता है कि सोने में गिरावट खरीदारी का मौका हो सकती है, न कि बेचने का। 

Rick Rule की सलाह है – घबराएं नहीं, प्लान के साथ निवेश करें।

BeYourMoneyManager की सलाह: हमेशा अपनी जोखिम क्षमता, फाइनेंशियल गोल्स और मार्केट रिसर्च के आधार पर फैसला लें। किसी भी निवेश से पहले SEBI Registered Advisor से सलाह जरूर लें।


 



Rajanish Kant
Health Insurance लेनेवालों के लिए खास| 10 लाख से 50 लाख आय वालों के लिए कितना हेल्थ इंश्योरेंस कवर जरूरी? विशेषज्ञों की सलाह | BeyourMoneyManager

भारत में बढ़ती मेडिकल लागत को देखते हुए 10 लाख, 20 लाख, 30 लाख और 50 लाख आय वाले लोगों के लिए आदर्श हेल्थ इंश्योरेंस कवर कितना होना चाहिए? टियर-1, टियर-2 शहरों के हिसाब से बेस + सुपर टॉप-अप प्लान की पूरी डिटेल। परिवार और सीनियर सिटीजन के लिए सलाह।

 10 लाख से 50 लाख आय वालों के लिए कितना हेल्थ इंश्योरेंस कवर जरूरी? विशेषज्ञों की सलाहमेडिकल महंगाई दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। एक बड़े शहर में एक सर्जरी या गंभीर बीमारी का इलाज आसानी से 20-50 लाख रुपये तक का खर्चा कर सकता है। ऐसे में सवाल यह है कि आपकी आय के हिसाब से कितना हेल्थ इंश्योरेंस कवर पर्याप्त है?BeyourMoneyManager की इस गाइड में हम आपको 10 लाख, 20 लाख, 30 लाख और 50 लाख सालाना आय वाले लोगों के लिए विशेषज्ञों की सिफारिशों के अनुसार आदर्श कवरेज बताएंगे।


मेडिकल लागत में भारी उछाल

Policybazaar के एक अध्ययन के अनुसार 2013 से 2025 के बीच सर्जरी की लागत में 250-300% तक की बढ़ोतरी हुई है।  कैंसर का इलाज: औसतन 50 लाख+  

हार्ट ट्रांसप्लांट: 34 लाख+  

लीवर सिरोसिस: 24 लाख+

निष्कर्ष: पुराना 5 लाख का कवर अब पर्याप्त नहीं रहा।भारत में आदर्श हेल्थ इंश्योरेंस कवर कितना होना चाहिए?

विशेषज्ञों (Onsurity, Probus, IFFCO Tokio आदि) के अनुसार कोई एक साइज सभी के लिए फिट नहीं होता। फिर भी सामान्य सिफारिश यह है:व्यक्ति (Individual): न्यूनतम ₹10-15 लाख  

परिवार (Family Floater): न्यूनतम ₹15-25 लाख

महत्वपूर्ण फैक्टर्स जो कवर तय करते हैं:

आपकी आय

शहर (मेट्रो vs छोटा शहर)

परिवार के सदस्यों की संख्या और उम्र

पहले से मौजूद बीमारियां

मेडिकल इन्फ्लेशन (हर साल 8-12%)

आय के अनुसार आदर्श कवरेज (टेबल)

Probus Insurance के अनुसार सुझाए गए बेस + सुपर टॉप-अप प्लान:



स्मार्ट स्ट्रैटजी: एक बड़ा सिंगल प्लान लेने की बजाय बेस पॉलिसी + सुपर टॉप-अप प्लान लें। इससे प्रीमियम कम रहता है और कवरेज ज्यादा मिलता है।

परिवार के लिए कितना कवर पर्याप्त?

4 सदस्यों वाले युवा परिवार के लिए:मेट्रो शहर: ₹15-25 लाख फ्लोटर (जितना ज्यादा उतना बेहतर)

नॉन-मेट्रो: ₹10-20 लाख फ्लोटर

सलाह: 60 वर्ष से ऊपर के माता-पिता को अलग पॉलिसी लें। इससे परिवार का सम इंश्योर्ड बरकरार रहता है।सीनियर सिटीजन के लिए हेल्थ कवर न्यूनतम ₹10-15 लाख

मेट्रो या क्रॉनिक बीमारी वाले के लिए ₹20 लाख या उससे ज्यादा

अलग पॉलिसी + सुपर टॉप-अप का कॉम्बिनेशन सबसे अच्छा विकल्प

अतिरिक्त टिप्स (BeyourMoneyManager से)

एम्प्लॉयी हेल्थ कवर का पूरा फायदा लें लेकिन व्यक्तिगत पॉलिसी जरूर रखें (जॉब चेंज होने पर गैप न हो)।

हर 2-3 साल में अपनी पॉलिसी की सम इंश्योर्ड रिव्यू करें।

प्रीमियम आपकी आय का 2-3% से ज्यादा न हो।

पॉलिसी चुनते समय वेटिंग पीरियड, को-पेमेंट, रूम रेंट कैप जैसी शर्तों को ध्यान से पढ़ें।

टैक्स बचत के लिए Section 80D का फायदा लें।

निष्कर्ष

आज के समय में हेल्थ इंश्योरेंस कोई खर्च नहीं, बल्कि सुरक्षा का निवेश है। अपनी आय, शहर और परिवार की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त कवर चुनें। कम कवरेज आपको बड़े बिल के समय आर्थिक संकट में डाल सकता है।क्या आपकी मौजूदा हेल्थ पॉलिसी पर्याप्त है? कमेंट में अपनी आय और शहर बताएं, हम आपको व्यक्तिगत सलाह दे सकते हैं।नोट: यह लेख सामान्य जानकारी पर आधारित है। व्यक्तिगत सलाह के लिए प्रमाणित बीमा सलाहकार से संपर्क करें।




Rajanish Kant गुरुवार, 25 जून 2026
पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट, RD और SSY में अब Aadhaar e-KYC से ₹50,000 जमा और ₹20,000 निकासी आसान | पेपरलेस ट्रांजेक्शन शुरू

पोस्ट ऑफिस ने ब्रांच पोस्ट ऑफिस में Aadhaar आधारित e-KYC सुविधा शुरू कर दी है। अब सेविंग अकाउंट, RD और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में ₹50,000 तक जमा और सेविंग अकाउंट से ₹20,000 तक निकासी बिना पर्ची के किसी भी ब्रांच से की जा सकती है। 1 सितंबर 2026 से मोबाइल लिंक्ड अकाउंट अनिवार्य। 

पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट, RD और SSY में Aadhaar e-KYC से अब पेपरलेस जमा-निकासी आसान, जानें पूरी डिटेल

 डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स ने पोस्ट ऑफिस बचत योजनाओं को और अधिक डिजिटल और सुविधाजनक बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब ब्रांच पोस्ट ऑफिस में भी Aadhaar आधारित e-KYC सुविधा उपलब्ध हो गई है। इससे पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट (POSA), रेकरिंग डिपॉजिट (RD) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) के खाताधारक बिना किसी पर्ची के ₹50,000 तक जमा और सेविंग अकाउंट से ₹20,000 तक निकासी कर सकेंगे।यह सुविधा पहले केवल डिपार्टमेंटल पोस्ट ऑफिस तक सीमित थी, लेकिन अब ब्रांच पोस्ट ऑफिस स्तर पर भी लागू कर दी गई है।

कौन-कौन से खाते लाभान्वित होंगे?

पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट (POSA)

रेकरिंग डिपॉजिट (RD)

सुकन्या समृद्धि अकाउंट (SSY/SSA)

महत्वपूर्ण शर्तें:केवल सिंगल अकाउंट ही इस सुविधा के पात्र हैं। माइनर या जॉइंट अकाउंट इसमें शामिल नहीं हैं।

e-KYC के लिए खाते में मोबाइल नंबर और आधार दोनों लिंक्ड होने जरूरी हैं।

Aadhaar ऑथेंटिकेशन पूरा करने के बाद कोई भी ब्रांच पोस्ट ऑफिस पर ट्रांजेक्शन किया जा सकता है (अपने ब्रांच तक सीमित नहीं)।

ट्रांजेक्शन की लिमिट  


1 सितंबर 2026 से जरूरी बदलाव

डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट्स ने साफ कर दिया है कि 1 सितंबर 2026 से DREAM ऐप के माध्यम से उन खातों में कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया जा सकेगा जिनमें मोबाइल नंबर लिंक्ड नहीं है। इसलिए सभी खाताधारकों को तुरंत अपना मोबाइल नंबर और आधार लिंक करवाना चाहिए।

e-KYC कैसे पूरा करें?मोबाइल नंबर और आधार खाते में पहले से लिंक्ड होना चाहिए।

डिजिटल सहमति (Consent) देनी होगी।

नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता आदि UIDAI के CIDR से ऑटोमैटिक ली जाएंगी।

सभी दस्तावेजों में मास्क्ड आधार (आखिरी 4 अंक छोड़कर बाकी छिपा हुआ) ही इस्तेमाल करें।

क्यों है यह अपडेट खास?

समय की बचत — ब्रांच में लंबी कतार और फॉर्म भरने की जरूरत नहीं।

कहीं भी ट्रांजेक्शन — अपने खाते को किसी भी ब्रांच से ऑपरेट कर सकते हैं।

पेपरलेस प्रोसेस — पर्यावरण के अनुकूल और पारदर्शी।

महिलाओं और छोटे बचतकर्ताओं (खासकर SSY) के लिए बेहद उपयोगी।

सलाह: अगर आपका पोस्ट ऑफिस अकाउंट, RD या सुकन्या समृद्धि खाता है तो जल्द से जल्द नजदीकी पोस्ट ऑफिस जाकर e-KYC पूरा कर लें। इससे भविष्य में कोई परेशानी नहीं होगी।



(
'बिना प्रोफेशनल ट्रेनिंग के शेयर बाजार जरूर जुआ है'

((शेयर बाजार: जब तक सीखेंगे नहीं, तबतक पैसे बनेंगे नहीं! 

A- My Youtube Channels: 


B: My Blogs & Website: 
 
C-My published books on Amazon:      

1-कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले हर लोगों के लिए जरूरी किताब।
2-अचानक की गई बंदी इंसान को संभलने का मौका नहीं देती। ऐसे में आनंद के साथ जीने के उपाय क्या हैं। मेरी इस किताब में पढ़िये...बंदी में कैसे रहें बिंदास" 
3-अमीर बनने के लिए पैसों से खेलना आना चाहिए। पैसों से खेलने की कला सीखने के लिए पढ़िये...
4-बच्चों को फाइनेंशियल एजुकेशन क्यों देना चाहिए पर हिन्दी में किताब- 'बेटा हमारा दौलतमंद बनेगा' - 
5-अमीर बनने की ख्वाहिश हममें से हर किसी की होती है, लेकिन इसके लिए लोगों को पैसे से पैसा बनाने की कला तो आनी चाहिए। कैसे आएगी ये कला, पढ़िये - 'आपका पैसा, आप संभालें' - 
6-इंसान के पास संसाधन या मार्गदर्शन हो या ना हो, सपने जरूर होने चाहिए। सिर्फ सपने के सहारे भी कामयाब होने वालों की दुनिया में कमी नहीं है। - 'जब सपने बन जाते हैं मार्गदर्शक' -
7-बेटियों को बहादुर बनने दीजिए और बनाइये, ये समय की मांग है,  "बेटी तुम बहादुर ही बनना " -
8 -अपनी हाउसिंग सोसायटी को जर्जर से जन्नत बनाने के लिए पढ़ें,  डेढ़ साल बेमिसाल -

D-My Social Media Handle:  
1) Twitter,Now X :    
2) Facebook
3) Facebook Page;   
4) Linkedin:  
5) Instagram





Rajanish Kant बुधवार, 24 जून 2026
सोना $4000 के नीचे टूटा! डॉलर रैली और फेड सिग्नल्स से धातुओं पर भारी दबाव, निवेशकों के लिए क्या है आगे का रास्ता| Gold Price Today Analysis

सोना $4000 नीचे गिरा, चांदी में 5% से ज्यादा की भारी गिरावट। डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेड की नई दर उम्मीदों से प्रेशर। पूरी डिटेल और निवेशक क्या करें, जानें।

सोना $4000 के नीचे टूटा! डॉलर रैली ने मारी धातुओं की कमर, निवेशकों के लिए क्या है आगे का रास्ता?नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में बुधवार को कीमती धातुओं में भारी गिरावट देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड $4000 प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर को तोड़ते हुए $3978.80 के आसपास पहुंच गया, जो पिछले सत्र से 3.19% की गिरावट दर्शाता है। वहीं चांदी में गिरावट और भी तेज रही और यह 5.39% टूटकर $58.15 प्रति औंस पर आ गई।

गिरावट की मुख्य वजहें

अमेरिकी डॉलर की मजबूती

US Dollar Index (DXY) 52-सप्ताह के उच्च स्तर के करीब 101.71 पर पहुंच गया। मजबूत डॉलर गैर-उपजाऊ परिसंपत्तियों (जैसे सोना) के लिए नुकसानदायक साबित होता है।

फेडरल रिजर्व की हॉकिश मुद्रा नीति

17 जून को हुई FOMC बैठक के बाद बाजार की उम्मीदें बदल गई हैं। अब 2026 के अंत तक ब्याज दरें पहले के अनुमान से ज्यादा रहने की आशंका है। मुद्रास्फीति के अनुमान भी ऊपर गए हैं, जिससे दरों में कटौती की संभावना कम हुई है।

तेल की कीमतों में नरमी

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के बावजूद शिपिंग सामान्य होने और तेल आपूर्ति संबंधी चिंताओं में कमी आने से WTI क्रूड $71 प्रति बैरल के आसपास और ब्रेंट $76.5 के करीब पहुंच गया। इससे महंगाई का दबाव कम हुआ, जिससे सोने की “सेफ हेवन” डिमांड भी घटी।

तकनीकी विश्लेषण (Technical Outlook)सोना (Gold):

$4100 अब मजबूत प्रतिरोध बन गया है। $4020-$4030 के पास तत्काल सपोर्ट है। अगर $4000 के नीचे टिकता रहा तो $3998 और $3886 तक गिरावट आ सकती है। उलटे, $4100 के ऊपर सस्टेन क्लोज पर रिकवरी संभव।

चांदी (Silver):

$61 के नीचे ब्रेकडाउन के बाद $58.50 पहला महत्वपूर्ण सपोर्ट है। $54 का बड़ा सपोर्ट जोन आगे है।

निवेशकों के लिए सलाह (Your Money Manager Perspective)

यह गिरावट पिछले कुछ महीनों की तेज रैली के बाद मुनाफावसूली और पोजीशनल एडजस्टमेंट का नतीजा लग रही है। लंबी अवधि में सोना अभी भी मुद्रास्फीति, भू-राजनीतिक जोखिम और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी के कारण आकर्षक बना हुआ है।

अभी क्या करें?नए निवेशक: $3900-$3950 के आसपास DIP खरीदने का मौका देख सकते हैं।

पोर्टफोलियो में सोना: 8-12% हिस्सा बनाए रखें। SIP या गोल्ड ETF/सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के जरिए निवेश जारी रखें।

ट्रेडर्स: $4000 ब्रेक के बाद शॉर्ट पोजीशन सतर्कता से चलाएं, क्योंकि ओवरसोल्ड लेवल पर बाउंस बैक की संभावना बनी हुई है।

निष्कर्ष:

बाजार हमेशा उतार-चढ़ाव से भरा रहता है। $4000 का ब्रेक महत्वपूर्ण है, लेकिन यह लंबी अवधि के गोल्ड बुल के अंत का संकेत नहीं है। सही समय पर सही एसेट एलोकेशन के साथ निवेशक इस गिरावट को भी अवसर में बदल सकते हैं।

यह लेख विश्लेषण और सूचना के उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।



(
'बिना प्रोफेशनल ट्रेनिंग के शेयर बाजार जरूर जुआ है'

((शेयर बाजार: जब तक सीखेंगे नहीं, तबतक पैसे बनेंगे नहीं! 

A- My Youtube Channels: 


B: My Blogs & Website: 
 
C-My published books on Amazon:      

1-कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी में रहने वाले हर लोगों के लिए जरूरी किताब।
2-अचानक की गई बंदी इंसान को संभलने का मौका नहीं देती। ऐसे में आनंद के साथ जीने के उपाय क्या हैं। मेरी इस किताब में पढ़िये...बंदी में कैसे रहें बिंदास" 
3-अमीर बनने के लिए पैसों से खेलना आना चाहिए। पैसों से खेलने की कला सीखने के लिए पढ़िये...
4-बच्चों को फाइनेंशियल एजुकेशन क्यों देना चाहिए पर हिन्दी में किताब- 'बेटा हमारा दौलतमंद बनेगा' - 
5-अमीर बनने की ख्वाहिश हममें से हर किसी की होती है, लेकिन इसके लिए लोगों को पैसे से पैसा बनाने की कला तो आनी चाहिए। कैसे आएगी ये कला, पढ़िये - 'आपका पैसा, आप संभालें' - 
6-इंसान के पास संसाधन या मार्गदर्शन हो या ना हो, सपने जरूर होने चाहिए। सिर्फ सपने के सहारे भी कामयाब होने वालों की दुनिया में कमी नहीं है। - 'जब सपने बन जाते हैं मार्गदर्शक' -
7-बेटियों को बहादुर बनने दीजिए और बनाइये, ये समय की मांग है,  "बेटी तुम बहादुर ही बनना " -
8 -अपनी हाउसिंग सोसायटी को जर्जर से जन्नत बनाने के लिए पढ़ें,  डेढ़ साल बेमिसाल -

D-My Social Media Handle:  
1) Twitter,Now X :    
2) Facebook
3) Facebook Page;   
4) Linkedin:  
5) Instagram



Rajanish Kant