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सीनियर सिटीजन TDS एग्जेम्प्शन 2026: फॉर्म 15H की जगह अब फॉर्म 121, पूरी डिटेल, कैसे भरें और गलतियां से बचें | BeYourMoneyManager

 

सीनियर सिटीजन अब फॉर्म 15H की जगह फॉर्म 121 भरकर TDS बच सकते हैं। FY 2026-27 में नया यूनिफाइड फॉर्म 121 क्या है, कौन इस्तेमाल कर सकता है, जरूरी शर्तें, UIN, PAN-Aadhaar लिंक और आम गलतियां – विस्तार से जानें।सीनियर सिटीजन TDS एग्जेम्प्शन 2026: फॉर्म 15H अब पुराना, नया फॉर्म 121 कैसे काम करेगा?नमस्ते दोस्तों,  अगर आप सीनियर सिटीजन हैं और आपके बैंक FD, पोस्ट ऑफिस, या अन्य इनकम पर TDS कट रहा है, तो अब पुरानी व्यवस्था बदल गई है। वित्त वर्ष 2026-27 से फॉर्म 15H और फॉर्म 15G दोनों को हटाकर एक नया यूनिफाइड फॉर्म 121 लाया गया है।

इस लेख में Be Your Money Manager की टीम आपको पूरी जानकारी दे रही है – नया फॉर्म क्या है, कौन भर सकता है, कैसे भरें, जरूरी शर्तें और सबसे महत्वपूर्ण – कौन-सी गलतियां करने से बचें।फॉर्म 121 क्या है? क्यों लाया गया?Income Tax Rules 2026 के तहत अब Form 15G (60 साल से कम उम्र वालों के लिए) और Form 15H (सीनियर सिटीजन के लिए) को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।  फॉर्म 121 एक ही फॉर्म है जो सभी उम्र के टैक्सपेयर्स इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका मकसद है – अगर आपका कुल टैक्सेबल इनकम बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट से कम है और टैक्स लायबिलिटी शून्य (Nil) है, तो TDS न कटे। 

नई व्यवस्था के फायदे:

उम्र के आधार पर अलग-अलग फॉर्म भरने की झंझट खत्म

आसान और यूनिफाइड प्रक्रिया

कम अनुभवी टैक्सपेयर्स के लिए आसान

कौन भर सकता है फॉर्म 121? 

(Eligibility)आपका अनुमानित कुल आय (Estimated Total Income) बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट से कम हो।

नए टैक्स रिजीम में ₹4,00,000 तक (सभी के लिए)

ओल्ड टैक्स रिजीम में: ₹3,00,000 (सीनियर सिटीजन) / ₹2,50,000 (60 से कम)

जरूरी शर्तें (2026-27):पिछले 2 वित्त वर्षों का ITR फाइल किया हो (अगर इनकम टैक्सेबल थी तो)

PAN Aadhaar से लिंक्ड और एक्टिव हो

टैक्स लायबिलिटी Nil हो

अगर ITR नहीं फाइल किया था तो आपको “Specified Person” माना जाएगा और फॉर्म 121 मान्य नहीं होगा।फॉर्म 121 किन इनकम पर TDS रोक सकता है?

बैंक FD/RD/Post Office Interest

Corporate Bonds का ब्याज

Dividend (शेयर और म्यूचुअल फंड)

Rent (कुछ सीमा से ऊपर)

EPF की समय से पहले निकासी

Taxable Insurance Proceeds


नोट: सैलरी और बिजनेस इनकम पर फॉर्म 121 से TDS नहीं रोक सकते, लेकिन कुल आय गणना में इन्हें शामिल करना जरूरी है।

नया फीचर: UIN (Unique Identification Number) फॉर्म 121 भरने पर आपको UIN मिलेगा। यह TDS रिटर्न फाइलिंग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए है। UIN से बैंक/कंपनी आसानी से आपका क्लेम ट्रैक कर पाएगी और डुप्लिकेट क्लेम रुकेंगे।


फॉर्म 121 कैसे भरें? (Step-by-Step)

संबंधित बैंक/कंपनी की वेबसाइट पर लॉगिन करें

TDS Declaration / Form 121 सेक्शन में जाएं

PAN, Aadhaar, पिछले 2 साल का ITR डिटेल भरें

अनुमानित कुल आय का ब्रेकअप दें

डिक्लेयर करें कि टैक्स लायबिलिटी Nil है

सबमिट करें → UIN जनरेट होगा


महत्वपूर्ण: हर बैंक/पेयर को अलग-अलग फॉर्म 121 जमा करना होगा। एक फॉर्म सबके लिए नहीं चलेगा।

सीनियर सिटीजन TDS बचाने की आम गलतियां (Mistakes to Avoid)

देर से फॉर्म भरना → TDS कटने के बाद बैंक रिफंड नहीं करते

सिर्फ एक बैंक में फॉर्म भरना → बाकी जगह TDS कटता रहेगा

PAN-Aadhaar न लिंक करना → 20% TDS लगेगा

ITR डिटेल गलत भरना → फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है

ऑटो-अप्रूवल पर भरोसा → बैंक चेक करेगा, गलत जानकारी पर नोटिस आ सकता है

ITR में TDS डिटेल रिपोर्ट न करना → भविष्य में दिक्कत

टिप्स सीनियर सिटीजन के लिए अप्रैल के पहले सप्ताह में ही सभी बैंकों में फॉर्म 121 जमा कर दें

PAN-Aadhaar लिंकिंग जरूर चेक करें

अगर कई बैंक हैं तो सभी में अलग-अलग फॉर्म भरें

कुल आय का सही अनुमान लगाएं (FD ब्याज + पेंशन + अन्य)

निष्कर्ष:

फॉर्म 121 सीनियर सिटीजन और छोटी इनकम वाले टैक्सपेयर्स के लिए बड़ा राहत का कदम है। सही समय पर और सही तरीके से भरने पर आप अनावश्यक TDS से बच सकते हैं।


Rajanish Kant शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026
ITR Filing 2026: AY 2026-27 के लिए नये ITR Forms जारी,जानें पूरी डिटेल | BeYourMoneyManager

ITR Filing 2026: सरकार ने AY 2026-27 के लिए ITR फॉर्म्स जारी कर दिए हैं। ITR-U और ITR-V फॉर्म में क्या नया है, अपडेटेड रिटर्न कब और कैसे फाइल करें, पेनाल्टी, डेडलाइन और पूरी जानकारी हिंदी में।

BeYourMoneyManager आपको इस लेख में ITR-U और ITR-V के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहा है।

ITR-U क्या है? (Updated Income Tax Return)ITR-U प्रावधान साल 2022 में शुरू किया गया था। यह टैक्सपेयर्स को अपनी पुरानी गलतियों को सुधारने का मौका देता है। अब बजट 2025 के बाद इसकी समय सीमा बढ़ाकर 4 साल कर दी गई है।ITR-U कब फाइल कर सकते हैं?
  • मूल रिटर्न पहले नहीं भरा हो
  • आय रिपोर्ट नहीं की गई हो या कम रिपोर्ट की गई हो
  • लॉस को सही से रिपोर्ट नहीं किया गया हो
  • गलत हेड ऑफ इनकम चुना गया हो
  • कैरी फॉरवर्ड लॉस, अनअब्जॉर्ब्ड डेप्रिशिएशन या टैक्स क्रेडिट को सुधारना हो
  • सेक्शन 148 नोटिस के जवाब में रिटर्न फाइल करना हो
ITR-U की नई समय सीमा और पेनाल्टी (2026 से लागू)
वर्ष
समय सीमा (असेसमेंट ईयर के अंत से)
अतिरिक्त टैक्स (पेनाल्टी)
पहला वर्ष
12 महीने
25%
दूसरा वर्ष
24 महीने
50%
तीसरा वर्ष
36 महीने
60%
चौथा वर्ष
48 महीने
70%

उदाहरण: FY 2020-21 (AY 2021-22) का अपडेटेड रिटर्न 31 मार्च 2026 तक फाइल किया जा सकता है।ITR-U फॉर्म में नया क्या है?नये फॉर्म में PART B ATI Computation में नया कॉलम जोड़ा गया है:
  • “Additional income-tax liability on updated income where return is filed in response to notice issued u/s 148”
यह बदलाव उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो 148 नोटिस के जवाब में अपडेटेड रिटर्न फाइल कर रहे हैं।ITR-V क्या है?ITR-V यानी Income Tax Return Verification फॉर्म रिटर्न फाइल करने के बाद वेरिफिकेशन के लिए इस्तेमाल होता है। अगर आप Aadhaar OTP या डिजिटल सिग्नेचर से वेरिफाई नहीं करते हैं तो ITR-V को प्रिंट करके CPC बेंगलुरु को भेजना पड़ता है।महत्वपूर्ण बातें:
  • ITR-V जमा करने की समय सीमा: रिटर्न फाइल करने के 30 दिन के अंदर
  • 30 दिन के अंदर वेरिफाई करने पर रिटर्न की तारीख अपलोड वाली तारीख मानी जाएगी
AY 2026-27 के लिए ITR Filing की तैयारी
  1. सही ITR फॉर्म चुनें (ITR-1 से ITR-7)
  2. अगर गलती हुई हो तो ITR-U का फायदा उठाएं
  3. समय पर वेरिफिकेशन (ITR-V) जरूर करें
  4. दस्तावेज तैयार रखें: Form 16, बैंक स्टेटमेंट, निवेश प्रमाण, कैपिटल गेन स्टेटमेंट आदि
CA की सलाह:
टैक्स एक्सपर्ट्स के अनुसार, अपडेटेड रिटर्न की सुविधा टैक्सपेयर्स को लचीलापन देती है, लेकिन पेनाल्टी बढ़ने के कारण जितनी जल्दी हो सके सुधार कर लें।
निष्कर्षसरकार ने ITR Filing 2026 की प्रक्रिया को और पारदर्शी और लचीला बनाने की कोशिश की है। ITR-U अब 4 साल तक उपलब्ध है, लेकिन देरी से फाइल करने पर पेनाल्टी भी ज्यादा लगेगी। ITR-V के सही वेरिफिकेशन से आपका रिटर्न वैध माना जाएगा।
अस्वीकरण: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। व्यक्तिगत सलाह के लिए Chartered Accountant से संपर्क करें।

Rajanish Kant बुधवार, 1 अप्रैल 2026
RBI Floating Rate Bond 8.05%: क्या बदली ब्याज दर? जानें क्यों यह अभी भी Best Fixed Income Investment है

RBI Floating Rate Bond 8.05%: क्या बदली ब्याज दर? जानें क्यों यह अभी भी Best Fixed Income Investment है

RBI Floating Rate Bond पर 8.05% ब्याज दर बरकरार है। जानें यह कैसे काम करता है, FD से क्यों बेहतर है और किसे इसमें निवेश करना चाहिए।


📊 RBI Floating Rate Bond 8.05%: क्या बदली ब्याज दर?

हाल ही में वित्त मंत्रालय की तिमाही समीक्षा के बाद भी RBI Floating Rate Savings Bond की ब्याज दर 8.05% पर स्थिर बनी हुई है। इसका कारण यह है कि इसका रेट National Savings Certificate (NSC) से जुड़ा होता है, जो अभी 7.7% पर बना हुआ है। 

इसलिए, जब तक NSC की दर में बदलाव नहीं होता, तब तक RBI बॉन्ड की ब्याज दर भी नहीं बदलती।


🔍 यह बॉन्ड कैसे काम करता है?

RBI Floating Rate Bond एक ऐसा निवेश है जिसमें ब्याज दर फिक्स नहीं होती बल्कि बदलती रहती है

  • ब्याज दर = NSC rate + 0.35%

  • हर 6 महीने में रेट रीसेट होता है 

  • वर्तमान रेट: 8.05% प्रति वर्ष

  • ब्याज भुगतान: साल में 2 बार (जनवरी और जुलाई) 

इसका मतलब है कि यदि भविष्य में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो आपका रिटर्न भी बढ़ सकता है।


💰 FD से बेहतर क्यों है यह निवेश?

आज के समय में अधिकांश बैंक FD 6%–7.15% तक ही रिटर्न दे रहे हैं, जबकि RBI बॉन्ड 8.05% दे रहा है। 

तुलना:

निवेश विकल्पऔसत रिटर्न
बैंक FD6% – 7.15%
RBI Floating Bond8.05%

👉 यानी कम जोखिम में ज्यादा रिटर्न।


⭐ RBI Floating Rate Bond के प्रमुख फायदे

1. 🔒 पूरी तरह सुरक्षित (Government Guarantee)

यह भारत सरकार द्वारा समर्थित है, इसलिए इसमें डिफॉल्ट का जोखिम लगभग शून्य है। 

2. 📈 High Interest Rate

8.05% का रिटर्न वर्तमान बाजार में काफी आकर्षक है।

3. 🔄 Interest Rate Adjustment

हर 6 महीने में रेट बदलता है, जिससे आपको rising interest rates का फायदा मिलता है।

4. 🚫 No Maximum Limit

आप इसमें जितना चाहें निवेश कर सकते हैं। 

5. 👴 Retirement Planning के लिए बेहतर

यह नियमित आय (income) देता है और कम जोखिम वाला विकल्प है।


⚠️ कुछ नुकसान भी जान लें

  • लॉक-इन अवधि: 7 साल 

  • Interest पूरी तरह taxable है

  • ट्रेडेबल नहीं (market में बेच नहीं सकते) 


🎯 किसे निवेश करना चाहिए?

यह निवेश खासतौर पर इन लोगों के लिए सही है:


🧠 Expert View: अभी भी Best Fixed Income Option क्यों?

  • FD से ज्यादा रिटर्न

  • Government-backed safety

  • Interest rate rising cycle में फायदा

  • Stable income source

इसी कारण यह आज भी भारत के सबसे अच्छे fixed income निवेश विकल्पों में गिना जा रहा है। 


📌 निष्कर्ष (Conclusion)

अगर आप कम जोखिम के साथ बेहतर रिटर्न चाहते हैं, तो RBI Floating Rate Bond एक शानदार विकल्प है।

हालांकि इसमें liquidity (पैसा जल्दी निकालना) की कमी है, लेकिन long-term investors के लिए यह एक stable और सुरक्षित investment है।

Rajanish Kant सोमवार, 30 मार्च 2026