स्विस नेशनल बैंक (SNB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार 2024 में स्विस बैंकों में भारतीयों से जुड़े फंड तीन गुना से ज्यादा बढ़कर करीब 3.54 अरब स्विस फ्रैंक यानी लगभग ₹37,600 करोड़ पर पहुंच गए। यह आंकड़ा 2021 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
2023 में यह राशि सिमटकर 1.04 अरब स्विस फ्रैंक रह गई थी (चार साल का सबसे निचला स्तर)। 2024 में इसमें तेज उछाल आया।
कुल राशि का बड़ा हिस्सा व्यक्तिगत जमा नहीं बल्कि संस्थागत और इंटर-बैंक चैनल्स के जरिए आया।
- सीधे कस्टमर डिपॉजिट (व्यक्तिगत खाते) में सिर्फ 11% की वृद्धि हुई और यह 346 मिलियन स्विस फ्रैंक (लगभग ₹3,675 करोड़) रहा। यह कुल राशि का सिर्फ करीब 10% है।
- बाकी ज्यादातर पैसा अन्य बैंकों, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस, ट्रस्ट और बॉन्ड/सिक्योरिटीज के रूप में है।
ये आधिकारिक आंकड़े हैं जो स्विस बैंकों द्वारा SNB को रिपोर्ट किए जाते हैं। ये “ब्लैक मनी” की मात्रा नहीं बताते। अनरिपोर्टेड या थर्ड-कंट्री एंटिटीज के नाम पर रखा गया पैसा इसमें शामिल नहीं होता।
क्यों चर्चा हो रही है?
भारत में स्विस बैंक और ब्लैक मनी लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। 2006 में यह आंकड़ा रिकॉर्ड 6.5 अरब स्विस फ्रैंक पर था। उसके बाद इसमें उतार-चढ़ाव आता रहा। 2018 से भारत और स्विट्जरलैंड के बीच Automatic Exchange of Information समझौते के तहत हर साल वित्तीय खातों की जानकारी साझा की जा रही है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है।
स्विस अधिकारी बार-बार स्पष्ट करते रहे हैं कि उनके आंकड़ों में सिर्फ घोषित देनदारियां शामिल हैं। वे भारत को टैक्स चोरी रोकने में सहयोग भी देते हैं।
पैसे का मैनेजमेंट के नजरिए से क्या समझें?
- सभी विदेशी जमा ब्लैक मनी नहीं होते – कई वैध बिजनेस, निवेश, NRI फंड या संस्थागत ट्रांजेक्शन भी स्विस सिस्टम से गुजरते हैं।
- ट्रेंड बदल रहा है – व्यक्तिगत डायरेक्ट डिपॉजिट में बहुत तेज उछाल नहीं दिख रहा। मुख्य वृद्धि संस्थागत चैनल से आई।
- पारदर्शिता का महत्व – आजकल विदेशी संपत्ति का खुलासा करना जरूरी है। आयकर रिटर्न में विदेशी एसेट्स की डिक्लेरेशन न करने पर पेनल्टी हो सकती है।
- वित्तीय साक्षरता – विदेश में पैसा रखने से पहले कानूनी रास्ते, टैक्स प्रभाव और रिपोर्टिंग नियम अच्छी तरह समझ लें।
निष्कर्ष
₹37,600 करोड़ का आंकड़ा आकर्षक लगता है, लेकिन संदर्भ समझना जरूरी है। यह पूरी तरह व्यक्तिगत ब्लैक मनी का संकेत नहीं है। ज्यादातर वृद्धि संस्थागत फंड फ्लो से आई है।
अपने पैसे का सही प्रबंधन, टैक्स अनुपालन और कानूनी निवेश विकल्पों पर ध्यान दें। विदेशी संपत्ति रखने वाले लोग समय-समय पर नियमों की जांच करते रहें।
BeYourMoneyManager पर हम नियमित रूप से ऐसे वित्तीय मुद्दों को सरल भाषा में समझाते हैं ताकि आप बेहतर फैसले ले सकें।
(स्रोत: Swiss National Bank के आधिकारिक आंकड़े, जून 2025 में जारी रिपोर्ट)











