ED ने Earth Infrastructures Ltd के 4 प्रमोटर्स को PMLA के तहत गिरफ्तार किया। 2004 करोड़ रुपये जमा कर 19,000+ होमबायर्स को धोखा दिया, 467 करोड़ रुपये डाइवर्ट किए। रियल एस्टेट निवेशकों के लिए बड़ी चेतावनी।
ED ने 2004 करोड़ के होमबायर फ्रॉड मामले में Earth Infra के 4 प्रमोटर्स को गिरफ्तार किया – 19,000 से ज्यादा खरीदार प्रभावित
नई दिल्ली, 2 जून 2026: Enforcement Directorate (ED) ने रियल एस्टेट सेक्टर में एक बड़े फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने Earth Infrastructures Ltd के चार प्रमोटर्स/डायरेक्टर्स को Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत गिरफ्तार कर लिया है। इस घोटाले में ₹2,004 करोड़ से ज्यादा की राशि 19,000 से अधिक होमबायर्स और निवेशकों से जमा की गई थी।
गिरफ्तार किए गए प्रमोटर
अवधेश कुमार गोयल (Avdhesh Kumar Goel)
राजनिश मित्तल (Rajnish Mittal)
अतुल गुप्ता (Atul Gupta)
विकास गुप्ता (Vikas Gupta)
इन सभी को 1 जून को गिरफ्तार किया गया। दिल्ली की स्पेशल PMLA कोर्ट ने ED को 5 दिन की कस्टडी दी है।फ्रॉड की पूरी कहानीEarth Infrastructures Ltd ने खरीदारों को residential और commercial प्रोजेक्ट्स में समय पर डिलीवरी और अच्छे रिटर्न का लालच देकर ₹2,004 करोड़ जमा किए। ED की जांच में पता चला कि कंपनी ने लगभग ₹467 करोड़ रुपये विभिन्न ग्रुप कंपनियों, संबंधित संस्थाओं और व्यक्तियों के जरिए डाइवर्ट (साइफन) कर दिए। परिणामस्वरूप
प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं और खरीदारों को पजेशन नहीं मिला। इससे खरीदारों और निवेशकों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
ED ने आगे बताया कि फ्रॉड की कमाई का कुछ हिस्सा प्रमोटर्स से जुड़े लोगों के नाम पर मूवेबल और इमूवेबल एसेट्स खरीदने में भी लगाया गया।
ED की पिछली कार्रवाई
अप्रैल 2026 में ED ने Earth Group से जुड़े दिल्ली-NCR के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
छापेमारी में ₹6.30 करोड़ नकद, ₹8.78 करोड़ का जेवर और 100+ प्रॉपर्टीज के दस्तावेज जब्त किए गए (कुल संपत्ति ₹100 करोड़ से ज्यादा)।
यह मामला दिल्ली पुलिस की Economic Offences Wing (EOW) की 5 FIRs और SFIO (Serious Fraud Investigation Office) की शिकायत पर आधारित है।
निवेशकों के लिए सीख (Important Lessons):
रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश से पहले RERA रजिस्ट्रेशन जरूर चेक करें।
प्रमोटर की पिछली ट्रैक रिकॉर्ड, प्रोजेक्ट की प्रगति और फाइनेंशियल हेल्थ देखें।
आश्वासन दिए गए हाई रिटर्न वाले ऑफर्स से सावधान रहें।
बड़े पैमाने पर फ्लैट बुकिंग वाले प्रोजेक्ट्स की कानूनी स्थिति की जांच करें।
हमेशा Registered Agreement और Allotment Letter लें।
निष्कर्ष:
यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि रियल एस्टेट निवेश में Due Diligence कितना जरूरी है। हजारों परिवारों का सपना टूटने के पीछे प्रमोटर्स की लालच भरी हरकतें जिम्मेदार हैं। ED की कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन प्रभावित खरीदारों को जल्द से जल्द न्याय मिलना चाहिए।
अस्वीकरण: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। निवेश संबंधी कोई निर्णय लेने से पहले कानूनी और वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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