UPI पर MDR: ग्राहक और छोटे व्यापारी पूरी तरह सुरक्षित, जानें नया फ्रेमवर्क
भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म UPI अब नए Merchant Discount Rate (MDR) फ्रेमवर्क की ओर बढ़ रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने साफ किया है कि इस नए ढांचे में आम ग्राहकों और छोटे व्यापारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
NPCI के MD और CEO दिलीप आसबे ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में विस्तार से बताया कि प्रस्तावित UPI MDR फ्रेमवर्क में कई सुरक्षा उपाय रखे गए हैं।
क्या रहेगा पूरी तरह मुफ्त?
NPCI के अनुसार निम्नलिखित लेनदेन पर MDR नहीं लगेगा:
व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P)** लेनदेन – किसी भी राशि पर पूरी तरह मुफ्त
मर्चेंट पेमेंट्स** ₹2,000 तक (प्रति ट्रांजैक्शन) – कोई शुल्क नहीं
AutoPay** (रिकरिंग पेमेंट्स) – पूरी तरह मुक्त
छोटे व्यक्तिगत व्यापारी** जो अपने खाते में महीने में ₹1 लाख तक राशि प्राप्त करते हैं – MDR से बाहर
ये प्रावधान सुनिश्चित करते हैं कि रोजमर्रा के छोटे लेनदेन और छोटे दुकानदार, स्ट्रीट वेंडर तथा पड़ोस की दुकानें बिना किसी अतिरिक्त खर्च के UPI का इस्तेमाल जारी रख सकें।
नया MDR फ्रेमवर्क क्या है?
15 अक्टूबर 2026 से लागू होने वाले फ्रेमवर्क के मुख्य बिंदु:
व्यक्ति-से-मर्चेंट (P2M) लेनदेन में ₹2,000 से अधिक राशि पर 0.4% MDR लगेगा
₹75,000 और उससे अधिक के लेनदेन पर MDR अधिकतम ₹300 तक सीमित रहेगा
रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल आदि कुछ सेक्टर्स में ₹2,000 से ऊपर फ्लैट ₹5 MDR लागू होगा
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह शुल्क मर्चेंट द्वारा अदा किया जाएगा, ग्राहक पर कोई सीधा चार्ज नहीं लगेगा। NPCI का अनुमान है कि पहले साल में ₹13,000-15,000 करोड़ का रेवेन्यू इकट्ठा हो सकता है, जिसमें से 5% छोटे व्यापारियों के डिजिटल पेमेंट अपनाने के लिए फंड में डाला जाएगा।
ग्राहकों और छोटे व्यापारियों के लिए क्या मतलब?
ग्राहक**: UPI से पैसे भेजना-प्राप्त करना पहले की तरह मुफ्त रहेगा। छोटी खरीदारी पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं।
छोटे व्यापारी**: महीने में ₹1 लाख तक की UPI प्राप्ति पर कोई MDR नहीं। इससे अनौपचारिक क्षेत्र के व्यापारियों को राहत मिलेगी।
बड़े मर्चेंट**: जो पहले से कार्ड पेमेंट पर ऊंचा MDR देते हैं, वे अब UPI पर भी सीमित शुल्क देंगे। इससे UPI इकोसिस्टम को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।
क्यों जरूरी था यह फैसला?
कोविड के दौरान MDR वेवर से UPI का तेजी से विस्तार हुआ, लेकिन लंबे समय तक सिस्टम को चलाने के लिए टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और नवाचार पर खर्च की जरूरत है। नया फ्रेमवर्क सिर्फ उच्च-मूल्य वाले लेनदेन पर फोकस करता है, जिससे 95% से ज्यादा छोटी लेनदेन प्रभावित नहीं होंगी।
निष्कर्ष
NPCI का नया UPI MDR फ्रेमवर्क ग्राहकों की सुविधा और छोटे व्यापारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। रोजमर्रा के लेनदेन और छोटे कारोबारियों के लिए UPI पहले की तरह मुफ्त और आसान बना रहेगा। डिजिटल इंडिया की इस सफलता को लंबे समय तक बनाए रखने की दिशा में यह एक संतुलित कदम है।
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