केंद्र सरकार ने प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए एक बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। Income-tax (Fifth Amendment) Rules, 2026 जारी कर दिए गए हैं, जो 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे।
इस संशोधन के तहत अगर कोई रेजिडेंट व्यक्ति (Resident Individual) या हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) किसी नॉन-रेजिडेंट (NRI) से अचल संपत्ति (इममूवेबल प्रॉपर्टी) खरीदता है, तो अब उसे TAN लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस अपने PAN से ही TDS कटौती और जमा कर सकेंगे।
क्या बदलाव हुए हैं?
CBDT ने नोटिफिकेशन नंबर G.S.R. 830(E) दिनांक 22 सितंबर 2026 के जरिए Income-tax Rules, 2026 में बदलाव किए हैं। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
रेजिडेंट व्यक्ति या HUF द्वारा NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS काटने के लिए अब TAN अनिवार्य नहीं होगा।
TDS जमा करने और रिपोर्टिंग के लिए Form No. 141 (Challan-cum-Statement) का इस्तेमाल किया जाएगा।
Form 141 में नया Schedule E जोड़ा गया है, जिसमें प्रॉपर्टी का पता, प्रकार (जमीन/बिल्डिंग), खरीदार-विक्रेता का विवरण, स्टांप ड्यूटी वैल्यू, सेल कंसीडरेशन, इंस्टॉलमेंट डिटेल्स और TDS की पूरी जानकारी भरनी होगी।
नॉन-रेजिडेंट विक्रेता का विदेशी पता, संपर्क नंबर, ईमेल, टैक्स रेजीडेंसी सर्टिफिकेट और फॉरेन टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर भी देना होगा (अगर PAN उपलब्ध न हो)।
पहले क्या होता था?
पहले NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर भी खरीदार को TAN बनवाना पड़ता था, जो आम व्यक्ति के लिए अतिरिक्त झंझट थी। अब यह प्रक्रिया आसान बना दी गई है।
महत्वपूर्ण बातें ध्यान रखें
TDS की दर NRI विक्रेता के कैपिटल गेन्स के अनुसार लगेगी (प्लस सरचार्ज और सेस)। रेजिडेंट से खरीदने वाली 1% दर यहां लागू नहीं होगी।
₹50 लाख की थ्रेशहोल्ड भी NRI से खरीद पर लागू नहीं होती।
टैक्स काटने के महीने के अंत से 30 दिनों के अंदर Form 141 के जरिए जमा करना होगा।
यह बदलाव Income-tax Act, 2025 के तहत लाया गया है और आम खरीदारों के लिए प्रॉपर्टी खरीदना आसान बनाएगा, खासकर NRI से डील करने वालों के लिए।
BeYourMoneyManager पर हम हमेशा सलाह देते हैं कि प्रॉपर्टी लेन-देन से पहले टैक्स नियमों को अच्छे से समझ लें। अगर आप 1 अक्टूबर 2026 के बाद NRI से प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो नए नियमों के अनुसार अपनी तैयारी शुरू कर दें।
किसी भी संदेह की स्थिति में चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। सही जानकारी से ही सही फाइनेंशियल फैसला लिया जा सकता है!

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