SBI सेविंग्स अकाउंट खोलने के लिए इंश्योरेंस अनिवार्य है क्या? RBI के असली नियम और बैंक की मनमानी l SBI savings account insurance mandatory, RBI rules bank insurance, SBI account opening without insurance

SBI सेविंग्स अकाउंट खोलने गए एक युवक के साथ हुई घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। बैंक ब्रांच में कर्मचारी और मैनेजर ने अकाउंट खोलने के लिए एक्सीडेंटल इंश्योरेंस लेना अनिवार्य बता दिया। इंश्योरेंस न लेने पर अकाउंट नहीं खोला जाएगा, ऐसा साफ कह दिया गया। मैनेजर ने यहां तक कहा कि इंश्योरेंस के बिना यहां अकाउंट नहीं खुलेगा, कस्टमर सर्विस सेंटर जाओ।

सवाल उठता है – क्या SBI या किसी भी बैंक में सेविंग्स अकाउंट खोलने के लिए इंश्योरेंस लेना RBI का नियम है? जवाब है नहीं।

RBI और SBI का आधिकारिक रुख

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार कोई भी बैंक ग्राहक को इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड या कोई अन्य प्रोडक्ट खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता। सेविंग्स अकाउंट खोलने के लिए सिर्फ KYC दस्तावेज (आधार, पैन, फोटो आदि) और बैंक के नियमों का पालन पर्याप्त है।

SBI खुद कई बार आधिकारिक तौर पर स्पष्ट कर चुका है कि:

इंश्योरेंस और अन्य निवेश पूरी तरह स्वैच्छिक (voluntary) हैं।

अकाउंट खोलने के लिए कोई भी इंश्योरेंस या निवेश अनिवार्य नहीं है।

ब्रांच सिर्फ जानकारी और जागरूकता के लिए ऑफर बता सकते हैं, जबरदस्ती नहीं कर सकते।

बैंक कर्मचारियों द्वारा “अकाउंट नहीं खुलेगा” कहना नियमों का उल्लंघन है। यह mis-selling और forced bundling की श्रेणी में आता है, जिसे RBI ने सख्ती से प्रतिबंधित किया है।

ऐसी स्थिति में ग्राहक क्या करें?

शांति से मना करें – इंश्योरेंस स्वैच्छिक है, यह साफ कहें।

लिखित में मांगें – अगर वे मना करते हैं तो लिखित में कारण मांगें कि इंश्योरेंस के बिना अकाउंट क्यों नहीं खुल रहा।

शिकायत दर्ज करें –  

   SBI की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर “Raise Complaint” सेक्शन में Account Opening Related >> Refusal To Open New Account चुनकर शिकायत करें।  

   @TheOfficialSBI या @OfficialSBICare पर डिटेल्स भेजें।  

  RBI CMS पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर शिकायत दर्ज करें।

दूसरी ब्रांच या ऑनलाइन विकल्प – SBI YONO ऐप या दूसरी ब्रांच में कोशिश करें। Basic Savings Bank Deposit (BSBD) अकाउंट भी जीरो बैलेंस पर खुल सकता है।

ग्राहकों को सतर्क रहने की जरूरत

कई बैंक ब्रांच में टारगेट पूरा करने के दबाव में कर्मचारी इंश्योरेंस, ULIP या अन्य प्रोडक्ट को अनिवार्य बता देते हैं। यह न सिर्फ गलत है बल्कि RBI के नए नियमों के खिलाफ भी है, जिनमें forced bundling पर सख्त पाबंदी लगाई गई है।

आपका अधिकार है कि आप बिना किसी अतिरिक्त प्रोडक्ट के सिर्फ सेविंग्स अकाउंट खोल सकें। जानकारी होना ही सबसे बड़ा हथियार है। अगर आप भी ऐसी स्थिति का सामना कर रहे हैं तो शिकायत जरूर करें। बैंक की मनमानी तभी रुकेगी जब ग्राहक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे।

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