
NPS खाता मैच्योर होने पर पूरा पैसा एक साथ नहीं निकाल सकते। नियमों के मुताबिक कम से कम 40% कॉर्पस से एन्युटी खरीदनी पड़ती है, जो आपकी बाकी जिंदगी की नियमित आय बनती है। सही एन्युटी चुनना बहुत जरूरी है क्योंकि यह फैसला दशकों तक आपकी मासिक इनकम, पति/पत्नी की सुरक्षा और परिवार को मिलने वाले पैसे को तय करता है।
यहाँ NPS में उपलब्ध मुख्य 5 प्रकार के एन्युटी प्लान बताए गए हैं, ताकि आप अपनी स्थिति के हिसाब से सही विकल्प चुन सकें।
1. सिंगल लाइफ एन्युटी (Life Only Annuity)
अगर आप अकेले हैं और कोई आर्थिक रूप से आप पर निर्भर नहीं है, तो यह सबसे ज्यादा मासिक पेंशन देता है।
फायदा: सबसे ऊँचा पेआउट।
नुकसान: आपकी मृत्यु के बाद पेंशन पूरी तरह बंद हो जाती है, परिवार को कुछ नहीं मिलता।
उपयुक्त: जिनके पास अन्य पेंशन या बचत है और कोई आश्रित नहीं।
2. जॉइंट लाइफ एन्युटी
पति-पत्नी दोनों के लिए सुरक्षा। आपकी मृत्यु के बाद भी पति/पत्नी को तय प्रतिशत (आमतौर पर 50%, 75% या 100%) पेंशन मिलती रहती है।
फायदा: जीवनसाथी की सुरक्षा।
नुकसान: सिंगल लाइफ की तुलना में मासिक राशि कम होती है क्योंकि भुगतान दो जिंदगियों तक चल सकता है।
उपयुक्त: विवाहित जोड़े जहाँ एक साथी आर्थिक रूप से निर्भर है।
3. लाइफ एन्युटी विद रिटर्न ऑफ परचेज प्राइस
आपको आजीवन पेंशन मिलती है। मृत्यु के बाद मूल निवेश राशि नॉमिनी को वापस मिल जाती है।
फायदा: परिवार को पूंजी वापस मिलती है।
नुकसान: नियमित पेंशन थोड़ी कम होती है।
4. पीरियड सर्टेन एन्युटी
निश्चित अवधि (जैसे 10 या 20 साल) तक भुगतान की गारंटी। अगर उस अवधि से पहले मृत्यु हो जाए तो बाकी भुगतान नॉमिनी को मिलता है।
फायदा: उत्तराधिकारियों के लिए सुरक्षा।
नुकसान: शुद्ध लाइफ ओनली प्लान से कम पेआउट।
5. इंक्रीजिंग एन्युटी (Increasing Annuity)
पेंशन हर साल एक निश्चित दर (जैसे 3% या 5%) से बढ़ती रहती है।
फायदा: महंगाई से बचाव। अस्पताल के खर्च और अन्य लागतें बढ़ने पर मददगार।
नुकसान: शुरुआत में मासिक राशि कम होती है।
उपयुक्त: लंबी रिटायरमेंट अवधि की उम्मीद रखने वालों के लिए।
एन्युटी चुनने से पहले ये 5 बातें जरूर चेक करें
सिर्फ सबसे ऊँचे पेआउट वाले प्लान पर न जाएं। फ्लेक्सिबिलिटी और महंगाई सुरक्षा भी देखें।
सभी PFRDA-एम्पैनल्ड एन्युटी सर्विस प्रोवाइडर्स की दरों की तुलना करें। छोटी-छोटी अंतर दशकों में बड़ा फर्क डालते हैं।
पेआउट फ्रीक्वेंसी (मासिक, तिमाही या वार्षिक) अपनी खर्च की आदत के अनुसार चुनें।
याद रखें कि एन्युटी से मिलने वाली पेंशन आपकी इनकम स्लैब के अनुसार पूरी तरह टैक्सेबल होती है (लंप सम निकासी पर टैक्स नहीं लगता)।
जीवनसाथी की आर्थिक निर्भरता को ध्यान में रखकर ही सिंगल लाइफ चुनें क्योंकि फैसला आमतौर पर स्थायी होता है।
निष्कर्ष
कोई एक “सबसे अच्छा” एन्युटी नहीं है। सही विकल्प आपकी स्थिति पर निर्भर करता है:
अकेले हैं → सिंगल लाइफ
पति-पत्नी की सुरक्षा चाहिए → जॉइंट लाइफ
परिवार को कुछ छोड़ना है → रिटर्न ऑफ परचेज प्राइस या पीरियड सर्टेन
महंगाई की चिंता है → इंक्रीजिंग एन्युटी
अपने आश्रितों, स्वास्थ्य, अन्य आय स्रोतों और अपेक्षित खर्चों का आकलन करके ही फैसला लें। एक बार खरीदने के बाद यह निर्णय ज्यादातर मामलों में बदलना मुश्किल होता है।
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