सोना $5,000 तक पहुंचने की तैयारी में, $10,000 सिर्फ समय की बात – स्टेट स्ट्रीट के एक्सपर्ट का बड़ा दावा |भारतीय निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है? beyourmoneymanager की सलाह l beyourmoneymanager

सोने की कीमतों में फिर से जोरदार उछाल देखने को मिल रहा है। अगस्त 2026 में सोने ने करीब 15% की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो जनवरी 1999 के बाद सबसे बेहतर मासिक प्रदर्शन है। इस समय स्पॉट गोल्ड करीब $4,621 प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है।

स्टेट स्ट्रीट इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट के गोल्ड स्ट्रैटेजी हेड आकाश दोषी का कहना है कि सोने की हालिया करेक्शन ने इसके लंबे समय के निवेश केस को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। बल्कि, बढ़ते सरकारी कर्ज और वैश्विक वित्तीय चिंताओं के बीच $5,000 प्रति औंस का टारगेट साल के अंत तक फिर से मजबूत हो गया है।

क्यों बढ़ रही है सोने की चमक?

दोषी के अनुसार, “डिबेसमेंट ट्रेड” (मुद्रा की वैल्यू घटने का ट्रेड) कभी खत्म नहीं हुआ था, सिर्फ थोड़ी देर के लिए रुका था। अब ब्याज दरों और डॉलर की मजबूती के बावजूद यह फिर सक्रिय हो गया है। फेडरल रिजर्व की नीति, कमजोर अमेरिकी लेबर मार्केट डेटा और अमेरिका के बढ़ते कर्ज (जो $40 ट्रिलियन पार कर चुका है) सोने के पक्ष में काम कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सिर्फ अमेरिका ही नहीं, ब्रिटेन, यूरोप और जापान जैसे देशों में भी सरकारी घाटा बढ़ रहा है। ऐसे में सोना एक सुरक्षित वैश्विक मौद्रिक संपत्ति के रूप में उभर रहा है।

स्टेट स्ट्रीट का बेस-केस अनुमान है कि अगली सर्दियों की शुरुआत तक सोना $4,750 से $6,500 प्रति औंस के बीच रह सकता है। इसमें $5,000–$5,250 का स्तर जल्दी हासिल हो सकता है, खासकर अगर फेडरल रिजर्व डोविश हो जाए या कोई और मैक्रो शॉक आए।

$10,000 सोना – कब की बात, नहीं “क्या” की

आकाश दोषी का सबसे महत्वपूर्ण बयान यह है – “$10,000 सोना अब ‘कब’ की बात है, ‘क्या’ की नहीं।”

उनके अनुसार, अगर वैश्विक निवेशक सोने में अपनी स्ट्रेटेजिक एलोकेशन को मौजूदा 1% से बढ़ाकर 3% कर दें, तो अकेले इससे कीमतें $10,000 के करीब पहुंच सकती हैं। चीनी निवेशकों और सेंट्रल बैंकों की मजबूत डिमांड पहले ही $4,000 के आसपास सपोर्ट बना चुकी है। पश्चिमी ETF निवेशक भी फिर से खरीददारी बढ़ा रहे हैं।

भारतीय निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है? 

भारत में सोना हमेशा से पसंद का निवेश रहा है – चाहे वह जेवर हो, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड हो या गोल्ड ETF। वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई, कर्ज का दबाव और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं लंबे समय तक सोने को मजबूत रख सकती हैं।

beyourmoneymanager की सलाह:  

पोर्टफोलियो का 5-10% हिस्सा सोने में रखें (गोल्ड ETF या SGB बेहतर विकल्प)।  

सिर्फ कीमत के पीछे न भागें, लंबे समय के लिए निवेश करें।  

बाजार में करेक्शन आने पर और खरीदने का मौका देखें।

सोना कोई जादुई निवेश नहीं है, लेकिन मौजूदा वैश्विक माहौल में यह आपके पैसे की क्रय शक्ति बचाने का एक मजबूत औजार साबित हो सकता है।

आप अपनी वित्तीय योजना में सोने को कैसे शामिल कर रहे हैं? कमेंट में बताएं या www.beyourmoneymanager.com पर अपनी व्यक्तिगत सलाह के लिए संपर्क करें।

(नोट: यह लेख सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।)

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