2026 की दूसरी तिमाही में सोने की कीमतों में तेज गिरावट के बावजूद कुल मांग स्थिर रही। विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) की रिपोर्ट के अनुसार सेंट्रल बैंक खरीदारी वापस लौटी और एशिया में मजबूत मांग बनी रही। निवेशकों के लिए सोना अभी भी आकर्षक विकल्प।
सोने की मांग साबित हुई resilient: Q2 में बिकवाली के बावजूद सेंट्रल बैंक और एशियाई खरीदारों ने संभाला बाजार – WGC रिपोर्ट
नई दिल्ली। सोने के बाजार ने दूसरी तिमाही (Q2 2026) में दस साल की सबसे बड़ी गिरावट का सामना किया, लेकिन मांग पूरी तरह टूटने से बच गई। विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council - WGC) की ताजा Gold Demand Trends रिपोर्ट में साफ हुआ है कि मजबूत सेंट्रल बैंक खरीदारी, एशिया में निरंतर मांग और स्थिर निवेश मांग ने बाजार को सहारा दिया।
Q2 2026 में सोने की कुल मांग
WGC के अनुसार, ओवर-द-काउंटर (OTC) ट्रांजेक्शंस सहित कुल सोने की मांग साल-दर-साल स्थिर रही और 1,269 टन पर रही। जबकि पूरे पहले छह महीने (H1 2026) की मांग 2,522 टन रही, जो पिछले साल से 2% ज्यादा है। सबसे महत्वपूर्ण बात – इस मांग का मूल्य रेकॉर्ड $380 बिलियन पहुंच गया, जो सोने की कीमतों में मजबूती और निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
WGC रिपोर्ट (Gold Demand Trends Q2 2026) के मुख्य निष्कर्ष
विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council) की Q2 2026 Gold Demand Trends रिपोर्ट 30 जुलाई 2026 को जारी हुई। यहां इसके प्रमुख हाइलाइट्स और निष्कर्ष दिए गए हैं:
1. कुल मांग स्थिर रही
Q2 2026 में कुल सोने की मांग 1,269 टन रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के बराबर (flat year-on-year) है।
पहले छह महीने (H1 2026) की मांग 2,522 टन रही, जो 2% ज्यादा है।
H1 मांग का कुल मूल्य रिकॉर्ड $380 बिलियन (लगभग ₹32.5 लाख करोड़) पहुंच गया।
2. सेंट्रल बैंक खरीदारी मजबूत
सेंट्रल बैंक फिर से सक्रिय हुए और उनकी खरीदारी में तेज रिकवरी देखी गई।
वे 2026 में भी मजबूत खरीदार बने रहने की उम्मीद है, हालांकि पूरे साल की खरीदारी 2025 से थोड़ी कम रह सकती है।
3. निवेश मांग में बदलाव
गोल्ड ETF में 45 टन का आउटफ्लो हुआ, जिससे कुल निवेश मांग घटी।
बार और कॉइन निवेश अपेक्षाकृत स्थिर रहा।
OTC (ओवर-द-काउंटर) और एशियाई निवेश मांग आगे बढ़ने की उम्मीद है।
4. ज्वेलरी डिमांड पर दबाव
वैश्विक ज्वेलरी मांग 278 टन रही, जो कई सालों में दूसरी तिमाही की सबसे कम है (-17% YoY)।
भारत में ज्वेलरी मांग 75 टन रही (-15% YoY), लेकिन भारत ने Q2 में वैश्विक ज्वेलरी डिमांड का सबसे बड़ा हिस्सा रखा।
ऊंची कीमतों ने खपत को प्रभावित किया।
5. भारत-specific निष्कर्ष
भारत में कुल सोने की मांग 131 टन रही (-6% YoY)।
लेकिन खर्च (spending) रिकॉर्ड स्तर पर रहा — INR 1,979 अरब (लगभग $21 बिलियन), जो 50% ज्यादा है।
6. Outlook (आगे की उम्मीद)
बाकी 2026 में निवेश मांग मुख्य ड्राइवर बनेगी, खासकर OTC और एशियाई खरीदारी से।
सेंट्रल बैंक खरीदारी जारी रहेगी।
त्योहारों (दिवाली, दशहरा) और शादी के सीजन में भारत में मांग बढ़ने की संभावना।
समग्र संदेश:
सोने का बाजार Q2 की तेज गिरावट के बावजूद resilient रहा। ऊंची कीमतों के बावजूद मांग का मूल्य रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जो सोने की मजबूत फंडामेंटल्स को दर्शाता है।
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किन फैक्टर्स ने संभाला बाजार?
सेंट्रल बैंक खरीदारी में तेज वापसी**: दूसरी तिमाही में सरकारी खरीदारी ने जोर पकड़ा। कई देश अभी भी अपने रिजर्व को सोने से मजबूत करने की रणनीति पर अडिग हैं।
एशियाई मांग बनी रही मजबूत**: भारत और चीन जैसे बड़े बाजारों में त्योहारों, शादी के मौसम और निवेश की मांग ने बाजार को सपोर्ट किया। हालांकि ज्वेलरी खपत में कुछ नरमी देखी गई।
निवेश मांग स्थिर**: ETF outflows के बावजूद OTC और अन्य निवेश चैनलों से मांग ने बैलेंस बनाए रखा।
क्या कहती है Kitco News?
Kitco News ने रिपोर्ट करते हुए कहा कि सोने का बाजार भले ही Q2 में “battered and bruised” दिखाई दिया, लेकिन यह “broken” नहीं है। कीमतों में गिरावट के बावजूद लॉन्ग-टर्म डिमांड फैक्टर्स मजबूत बने हुए हैं।
निवेशकों के लिए क्या मतलब है?
Diversification**: पोर्टफोलियो में सोना अभी भी हेजिंग टूल के रूप में काम करता है, खासकर अनिश्चितता और मुद्रास्फीति के माहौल में।
लंबी अवधि का नजरिया**: Q2 की गिरावट अल्पकालिक हो सकती है। सेंट्रल बैंक खरीदारी और भू-राजनीतिक जोखिम सोने को सपोर्ट करते रहेंगे।
भारतीय निवेशक**: भारत में सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता है। SIP जैसे तरीके से गोल्ड ETF, Sovereign Gold Bonds (SGB) या डिजिटल गोल्ड में निवेश करके आप कम लागत पर लाभ उठा सकते हैं।
निष्कर्ष
विश्व स्वर्ण परिषद की रिपोर्ट एक बार फिर साबित करती है कि सोना सिर्फ चमकदार धातु नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का सबसे भरोसेमंद सहारा है। चाहे कीमतें ऊपर जाएं या नीचे, लंबी अवधि में सोने की मांग मजबूत रहने की संभावना है।
नोट: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।

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