गोल्ड ETF में जून 2026 में 570% उछाल, सिल्वर ETF ने भी लगाई रफ्तार - निवेशकों का भरोसा बढ़ा

गोल्ड ETF में जून में 570% उछाल, सिल्वर ETF में 300% बढ़त! निवेशकों ने Rs 7,729 करोड़ डाले, जानें पूरा विश्लेषण | BeYourMoneyManager



जून 2026 में गोल्ड ETF में 570% और सिल्वर ETF में 300% इनफ्लो बढ़ोतरी दर्ज की गई। AMFI डेटा के अनुसार कुल Rs 7,729 करोड़ का निवेश आया। निवेश की रणनीति, प्रदर्शन और एक्सपर्ट राय पढ़ें।

नई दिल्ली। प्रीशियस मेटल्स में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए जून 2026 अच्छा महीना साबित हुआ। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, गोल्ड ETF में पिछले महीने की तुलना में 570% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सिल्वर ETF में भी 300% का उछाल आया।

जून में कितना आया इनफ्लो?

गोल्ड ETF**: ₹3,443 करोड़ का इनफ्लो (मई में ₹725 करोड़ का आउटफ्लो था)  

सिल्वर ETF**: ₹4,286 करोड़ का इनफ्लो (पिछले 4 महीनों में कुल ₹3,770 करोड़ का आउटफ्लो हुआ था)

दोनों कैटेगरी में कुल ₹7,729 करोड़ का निवेश आया, जो पिछले महीनों के आउटफ्लो के बाद एक मजबूत रिवर्सल दिखाता है।

कीमतें घटीं फिर भी इनफ्लो बढ़ा - क्यों?

जून में गोल्ड ETF ने औसतन 8.92% की गिरावट दर्ज की, जबकि सिल्वर ETF में 14.36% की गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर खरीदारी की। एक्सपर्ट्स के अनुसार, निवेशक हालिया प्राइस करेक्शन को टैक्टिकल एंट्री पॉइंट मानकर बढ़-चढ़कर खरीद रहे हैं।

Nitin Agrawal, CEO - Mutual Funds, InCred Money ने कहा,  

"गोल्ड ETF में पिछले महीनों के आउटफ्लो के बाद यह मजबूत रिवर्सल दिखाता है कि गोल्ड को पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन के रूप में लंबे समय तक रखने का स्ट्रक्चरल केस अभी भी मजबूत है।"

Umesh Sharma, CIO - Debt, The Wealth Company Mutual Fund ने बताया कि निवेशकों ने हालिया गिरावट का फायदा उठाते हुए घरेलू गोल्ड ETF में आक्रामक तरीके से एंट्री की।

टॉप परफॉर्मर्स और AUM

गोल्ड ETF* का कुल AUM: *₹1.70 लाख करोड़**  

सिल्वर ETF* का कुल AUM: *₹78,943 करोड़**

Nippon India ETF Gold BeES सबसे बड़ा गोल्ड ETF बना हुआ है, जबकि Zerodha Gold ETF और Silver ETF में जून में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई।

एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं?

Suranjana Borthakhur, Head of Distribution & Strategic Alliances, Mirae Asset Investment Managers (India) ने कहा कि ETF और खासकर गोल्ड ETF में मजबूत वापसी निवेशकों की पसंद को दर्शाती है। वे अब गोल्ड को टैक्टिकल ट्रेड की बजाय स्ट्रैटेजिक पोर्टफोलियो अलोकेशन के रूप में देख रहे हैं।

निवेशकों के लिए सलाह (BeYourMoneyManager):

डाइवर्सिफिकेशन: पोर्टफोलियो का 5-15% हिस्सा गोल्ड/सिल्वर ETF में रखना अच्छा माना जाता है।  

लॉन्ग टर्म: शॉर्ट टर्म प्राइस वोलेटिलिटी को नजरअंदाज करें, गोल्ड लंबे समय में इन्फ्लेशन और अनिश्चितता के खिलाफ हेज के रूप में काम करता है।  

SIP रूट: ETF में SIP के जरिए नियमित निवेश करें तो औसत लागत का फायदा मिल सकता है।  

रिस्क: सिल्वर गोल्ड की तुलना में ज्यादा वोलेटाइल है, इसलिए अपनी रिस्क प्रोफाइल के अनुसार अलोकेट करें।

निष्कर्ष: जून 2026 के आंकड़े साफ दिखाते हैं कि भारतीय निवेशक प्रीशियस मेटल्स को पोर्टफोलियो का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। बाजार की अनिश्चितता और भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ने पर गोल्ड-सिल्वर ETF की मांग और बढ़ने की संभावना है।

नोट: यह लेख मूल रूप से तैयार किया गया है और Economic Times के आंकड़ों पर आधारित है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


(Source: The Economic Times) 


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