Travel Insurance Claim क्यों होता है Reject? विदेश यात्रा से पहले जान लें ये 7 बड़ी गलतियां

ट्रैवल इंश्योरेंस होने के बावजूद कई लोगों के क्लेम रिजेक्ट हो जाते हैं। जानिए प्री-एग्जिस्टिंग बीमारी, फ्लाइट डिले, बैगेज लॉस और ट्रिप कैंसलेशन से जुड़े नियम और क्लेम रिजेक्शन से बचने के उपाय।

Travel Insurance Claim क्यों होता है Reject? विदेश यात्रा से पहले जान लें ये 7 बड़ी गलतियां

विदेश यात्रा की योजना बनाते समय अधिकांश लोग फ्लाइट टिकट, होटल और वीजा पर ध्यान देते हैं, लेकिन ट्रैवल इंश्योरेंस को अक्सर केवल एक औपचारिकता समझकर खरीद लेते हैं। नतीजा यह होता है कि जब वास्तव में किसी मेडिकल इमरजेंसी, फ्लाइट डिले, बैगेज लॉस या ट्रिप कैंसलेशन की स्थिति आती है, तब क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रैवल इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्शन का सबसे बड़ा कारण पॉलिसी की शर्तों की जानकारी न होना और सही दस्तावेज समय पर जमा न करना है।

ट्रैवल इंश्योरेंस सिर्फ मेडिकल खर्चों तक सीमित नहीं

आज के आधुनिक ट्रैवल इंश्योरेंस प्लान केवल अस्पताल के खर्चों को ही कवर नहीं करते, बल्कि फ्लाइट डिले, बैगेज लॉस, ट्रिप इंटरप्शन, ट्रिप कैंसलेशन और इमरजेंसी सहायता जैसी कई सुविधाएं भी देते हैं। लेकिन हर कवर के साथ कुछ शर्तें और सीमाएं जुड़ी होती हैं, जिन्हें समझना बेहद जरूरी है।

1. प्री-एग्जिस्टिंग बीमारी छिपाना सबसे बड़ी गलती

कई यात्री बीमा खरीदते समय अपनी पुरानी बीमारी जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या हृदय रोग की जानकारी नहीं देते। बाद में यदि विदेश में उसी बीमारी से संबंधित समस्या होती है तो बीमा कंपनी क्लेम खारिज कर सकती है।

कुछ बीमा कंपनियां गंभीर और जीवन-रक्षक परिस्थितियों में प्री-एग्जिस्टिंग बीमारी से जुड़े खर्चों का सीमित कवरेज देती हैं, लेकिन यह पॉलिसी पर निर्भर करता है। इसलिए आवेदन के समय पूरी और सही जानकारी देना अनिवार्य है। ([mint][1])

2. फ्लाइट डिले के नियम न समझना

बहुत से यात्रियों को लगता है कि कुछ घंटों की देरी पर भी उन्हें मुआवजा मिल जाएगा। जबकि अधिकांश पॉलिसियों में 4 से 6 घंटे या उससे अधिक की देरी होने पर ही क्लेम स्वीकार किया जाता है।

इसके अलावा एयरलाइन से प्राप्त Delay Certificate और अतिरिक्त खर्चों की रसीदें सुरक्षित रखना आवश्यक होता है। इनके बिना क्लेम अस्वीकार हो सकता है। ([mint][1])

3. मिस्ड कनेक्टिंग फ्लाइट में नियमों की अनदेखी

यदि आपने अलग-अलग टिकटों पर यात्रा बुक की है और पहली फ्लाइट की देरी के कारण दूसरी फ्लाइट छूट जाती है, तो हर स्थिति में बीमा क्लेम नहीं मिलता।

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में कम से कम 6 घंटे का लेओवर रखें और जहां संभव हो पूरी यात्रा एक ही टिकट पर बुक करें। ([mint][1])

4. ट्रिप कैंसलेशन के लिए सही कारण जरूरी

हर ट्रिप कैंसलेशन बीमा के तहत कवर नहीं होता। आमतौर पर बीमारी, चोट, प्राकृतिक आपदा, मेडिकल इमरजेंसी या कुछ मामलों में वीजा रिजेक्शन जैसी परिस्थितियां कवर हो सकती हैं।

लेकिन ट्रैफिक जाम के कारण एयरपोर्ट देर से पहुंचना, निजी कारणों से यात्रा रद्द करना या मन बदल जाना आमतौर पर कवर नहीं होता। ([mint][1])

5. बैगेज लॉस और बैगेज डिले में अंतर न समझना

कई लोग बैगेज डैमेज, बैगेज डिले और बैगेज लॉस को एक ही समझ लेते हैं।

Baggage Loss: जब सामान स्थायी रूप से खो जाए।
Baggage Delay: जब सामान निर्धारित समय पर न पहुंचे।
Baggage Damage: जब सामान क्षतिग्रस्त हो जाए।

क्लेम के लिए एयरलाइन द्वारा जारी **Property Irregularity Report (PIR)** सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। इसके बिना दावा करना मुश्किल हो सकता है। ([mint][1])

6. समय पर क्लेम दर्ज न करना

बीमा कंपनियां आमतौर पर घटना के तुरंत बाद सूचना देने की अपेक्षा करती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार 24 घंटे के भीतर सूचना देना सबसे सुरक्षित माना जाता है।

देर से सूचना देने पर क्लेम की जांच जटिल हो सकती है और रिजेक्शन की संभावना बढ़ जाती है। ([mint][1])

7. दस्तावेज अधूरे जमा करना

ट्रैवल इंश्योरेंस क्लेम में दस्तावेज सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आमतौर पर इनकी आवश्यकता पड़ती है:

* मेडिकल रिपोर्ट
* अस्पताल के बिल
* डॉक्टर का प्रमाणपत्र
* फ्लाइट डिले सर्टिफिकेट
* होटल बिल
* बैगेज लॉस रिपोर्ट
* टिकट और यात्रा दस्तावेज

अधूरे दस्तावेज क्लेम रिजेक्शन का प्रमुख कारण बनते हैं। ([mint][1])

यदि क्लेम रिजेक्ट हो जाए तो क्या करें?

यदि आपको लगता है कि आपका दावा गलत तरीके से अस्वीकार किया गया है, तो हार मानने की जरूरत नहीं है।

आप निम्न कदम उठा सकते हैं:

1. बीमा कंपनी से लिखित रूप में रिजेक्शन का कारण मांगें।
2. कंपनी के Grievance Redressal Officer को शिकायत भेजें।
3. Bima Bharosa Portal पर शिकायत दर्ज करें।
4. जरूरत पड़ने पर Insurance Ombudsman से संपर्क करें। ([Right to Information][2])

ऑनलाइन मंचों और उपभोक्ता अनुभवों में भी कई यात्रियों ने बताया है कि उचित दस्तावेज और नियामकीय शिकायत के बाद अस्वीकृत दावों पर दोबारा विचार किया गया। ([Reddit][3])

विदेश यात्रा से पहले यह चेकलिस्ट जरूर अपनाएं

✔ पॉलिसी खरीदते समय सभी स्वास्थ्य जानकारी सही दें।
✔ कवरेज और एक्सक्लूजन ध्यान से पढ़ें।
✔ इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर सेव रखें।
✔ सभी टिकट, होटल और मेडिकल दस्तावेज सुरक्षित रखें।
✔ यात्रा के दौरान किसी घटना की सूचना तुरंत बीमा कंपनी को दें।
✔ बैगेज समस्या होने पर एयरलाइन से तुरंत PIR प्राप्त करें।

निष्कर्ष

ट्रैवल इंश्योरेंस खरीदना जितना जरूरी है, उससे कहीं अधिक जरूरी है उसकी शर्तों को समझना। अधिकांश क्लेम इसलिए रिजेक्ट नहीं होते कि ग्राहक गलत है, बल्कि इसलिए क्योंकि दस्तावेज अधूरे होते हैं, जानकारी छिपाई जाती है या पॉलिसी की शर्तों का पालन नहीं किया जाता। यदि आप यात्रा से पहले सही तैयारी कर लें, तो ट्रैवल इंश्योरेंस आपके लिए एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।

कोई टिप्पणी नहीं