सोने का बुल मार्केट अभी और चलेगा! वेल्स फार्गो ने 2027 तक $6000/औंस का टारगेट दिया | महंगाई और फिस्कल डेफिसिट का सपोर्ट | निवेशकों के लिए क्या मतलब है?BeYourMoneyManager

सोने के बुल मार्केट में अभी काफी रन बाकी है। वेल्स फार्गो के अनुसार महंगाई के जोखिम, बढ़ते फिस्कल डेफिसिट और भू-राजनीतिक अनिश्चितता सोने को 2027 तक $6000 प्रति औंस तक ले जा सकती है। निवेशकों के लिए पूरी डिटेल जानें।

सोने का बुल मार्केट अभी और चलेगा: महंगाई जोखिम और फिस्कल डेफिसिट सोने को सपोर्ट कर रहे हैं – वेल्स फार्गोनई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में हालिया सुधार के बावजूद, विशेषज्ञों का मानना है कि सोने का बुल मार्केट अभी खत्म नहीं हुआ है। अमेरिकी बैंक वेल्स फार्गो ने अपने मिड-ईयर आउटलुक में कहा है कि सोने में अभी भी काफी ऊपर जाने की गुंजाइश है। महंगाई के लगातार जोखिम, सरकारों के बढ़ते फिस्कल डेफिसिट और भू-राजनीतिक अनिश्चितता सोने की कीमतों को मजबूती दे रही है।

वेल्स फार्गो ने बढ़ाया सोने का टारगेट

वेल्स फार्गो ने 2026 के अंत के लिए सोने का मूल्य लक्ष्य बढ़ाकर $5,300 से $5,500 प्रति औंस कर दिया है। 2027 के अंत तक यह $5,800 से $6,000 प्रति औंस तक पहुंच सकता है। बैंक के ग्लोबल इक्विटी एंड रियल एसेट्स स्ट्रैटजी हेड सेमीर समाना (Sameer Samana) ने कहा कि मौजूदा स्तर पर सोना निवेशकों के लिए आकर्षक एंट्री पॉइंट बना हुआ है, हालांकि शॉर्ट टर्म में $4,000 से नीचे जाने का जोखिम अभी भी है।वर्तमान में सोने की स्पॉट कीमत लगभग $4,357 प्रति औंस के आसपास है, जो साल की शुरुआत के रिकॉर्ड हाई से 20% से ज्यादा नीचे है।


क्यों मजबूत है सोने का केस?

वेल्स फार्गो के अनुसार सोने को बढ़ावा देने वाली ताकतें संरचनात्मक (Structural) हैं, न कि चक्रीय। मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:

महंगाई का दबाव: बैंक को उम्मीद है कि 2026 के दूसरे हाफ में महंगाई कुछ कम होगी, लेकिन महामारी से पहले वाली बहुत कम महंगाई वाली स्थिति वापस नहीं आएगी। टैरिफ, ऊर्जा की ऊंची कीमतें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी डिमांड महंगाई को सपोर्ट कर रही हैं।

बढ़ते फिस्कल डेफिसिट और सरकारी कर्ज: अमेरिका समेत कई देशों में सरकारी खर्च बढ़ रहा है। इससे बॉन्ड यील्ड्स ऊंचे रहने की उम्मीद है। वेल्स फार्गो के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर डैरेल क्रॉन्क (Darrell Cronk) ने कहा कि बाजार ब्याज दरों को लेकर गलत अनुमान लगा रहा है।

भू-राजनीतिक अनिश्चितता: मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप में चल रहे संघर्ष, संसाधनों की होड़ और ग्लोबल सप्लाई चेन के बदलते पैटर्न रियल एसेट्स (जैसे सोना) की मांग बढ़ा रहे हैं।

सेंट्रल बैंक खरीदारी: अनिश्चित दुनिया में सेंट्रल बैंक यूएस ट्रेजरी और कैश के अलावा सोने जैसी अन्य एसेट्स में रिजर्व पार्क कर रहे हैं।

समाना ने सोने को "हाई कॉन्वेक्सिटी आइडिया" बताया। उनका कहना है कि सोने के अच्छा परफॉर्म न करने के लिए दुनिया भर के देशों को अपने डेफिसिट पर काबू पाना और कीमत स्थिरता बनाए रखना होगा – जो आसान नहीं है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब है?

लॉन्ग टर्म बुलिश व्यू: शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन लॉन्ग टर्म में सोना अच्छा डाइवर्सिफायर साबित हो रहा है।

पोर्टफोलियो में जगह: हाई अनिश्चितता के समय सोना पोर्टफोलियो को बैलेंस करने में मदद करता है।

और भी ऑपर्चुनिटी: बैंक इंडस्ट्रियल मेटल्स (जैसे कॉपर) पर भी पॉजिटिव है, जो AI इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर और इलेक्ट्रिफिकेशन से जुड़े हैं।

नोट: यह लेख वेल्स फार्गो की रिपोर्ट पर आधारित है और केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। बाजार जोखिमों के अधीन है।

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