सोना मई के डिप के बावजूद मजबूत, 1 साल में 39% तक का रिटर्न |क्या 2026 में अभी भी है खरीदारी का मौका?| BeYourMoneyManager


मई 2026 में 1.42% की गिरावट के बावजूद सोना एक साल में लगभग 39% चढ़ा। Motilal Oswal रिपोर्ट और एक्सपर्ट्स के अनुसार सोने का आउटलुक पॉजिटिव है। जानिए निवेश की रणनीति।

सोना मई के डिप के बावजूद मजबूत, एक साल में लगभग 39% का शानदार रिटर्न – क्या 2026 में खरीदारी का मौका?नई दिल्ली। वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और सेंट्रल बैंकों की खरीदारी के बीच सोना (Gold) ने अपना मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है। मई 2026 में थोड़ी गिरावट आने के बावजूद पिछले एक साल में सोना लगभग 38.7% से 39% तक का रिटर्न दे चुका है।

Motilal Oswal की रिपोर्ट के अनुसार, 29 मई 2026 को सोना $4,545.95 प्रति औंस पर बंद हुआ। महीने भर में यह 1.42% कमजोर हुआ, जबकि पिछले तीन महीनों में 12.95% की गिरावट दर्ज की गई। लेकिन मध्यम और लंबी अवधि में तस्वीर पूरी तरह अलग है – पिछले 6 महीनों में 8.47% की बढ़ोतरी और पूरे साल में 38.70% का शानदार रिटर्न।

क्यों टिका रहा सोना मजबूत?

सेंट्रल बैंकों की लगातार खरीदारी

भू-राजनीतिक तनाव

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद


विशेषज्ञों का कहना है कि मई की गिरावट को ट्रेंड ब्रेक नहीं, बल्कि कंसोलिडेशन फेज (Consolidation Phase) माना जा रहा है।Bonanza के सीनियर कमोडिटी रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव के अनुसार,  “हालिया करेक्शन के बावजूद सोना सालाना आधार पर करीब 39% ऊपर है, जो बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।”

चांदी ने सोने को भी पीछे छोड़ा| इस दौरान चांदी (Silver) ने सोने से भी बेहतर प्रदर्शन किया। रिपोर्ट के मुताबिक:

मई में: +3.04%

6 महीने में: +40.58%

1 साल में: +129.10%


चांदी की यह आउटपरफॉर्मेंस निवेशकों के लिए एक नई संभावना खोल रही है।


आगे क्या? सोने का आउटलुक:

 2026एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर ग्लोबल रिस्क सेंटिमेंट सुधरता है, डॉलर मजबूत होता है या बॉन्ड यील्ड बढ़ते हैं तो करेक्शन गहरा सकता है। लेकिन $3,950 प्रति औंस के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल के नीचे ब्रेक होने तक यह सिर्फ एक पॉज माना जा रहा है।निरपेंद्र यादव आगे कहते हैं:  “मध्यम और लंबी अवधि के निवेशक गिरावट को खरीदारी का मौका मानते हैं।”

BeYourMoneyManager की सलाह

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोने में गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अच्छी हो सकती है।

पोर्टफोलियो में 5-10% का गोल्ड एलोकेशन diversification के लिए फायदेमंद रहता है।

सोने के अलावा चांदी, गोल्ड ETF, सोने की म्यूचुअल फंड और SGB (Sovereign Gold Bonds) पर भी नजर रखें।

हमेशा अपनी रिस्क प्रोफाइल और फाइनेंशियल गोल के अनुसार फैसला लें।

नोट: यह लेख उपलब्ध रिपोर्ट और बाजार विश्लेषण पर आधारित है। निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।










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