HDFC Mutual Fund ने Gold-Silver Passive FoF NFO वापस लिया: आपके लिए इसके मायने | क्या अब Gold ETF में Invest करें? | BeYourMoneyManager

HDFC Mutual Fund ने Gold-Silver Passive Fund of Fund का NFO स्थगित कर दिया है। Gold-Silver पर Import Duty 6% से बढ़कर 15% होने और Rupee Pressure के कारण यह फैसला लिया गया। निवेशकों के लिए पूरी डिटेल और विकल्प।

HDFC Mutual Fund ने Gold-Silver Passive FoF NFO स्थगित किया: Import Duty Hike का बड़ा असर

HDFC Mutual Fund ने अपने आगामी HDFC Gold-Silver Passive Fund of Fund के New Fund Offer (NFO) को स्थगित करने का फैसला लिया है। यह कदम सरकार द्वारा Gold और Silver पर Import Duty बढ़ाए जाने के बाद उठाया गया है, जो देश के विदेशी मुद्रा भंडार और Current Account Deficit को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया।

NFO क्यों स्थगित किया गया?

HDFC AMC के MD & CEO Navneet Munot ने कहा, 

“हमने Gold-Silver Passive FoF का NFO स्थगित करने का फैसला लिया है। यह Precious Metals के Import और देश के External Account पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए किया गया है। हम निवेशकों को Equity और Debt Mutual Funds की ओर प्रोत्साहित करते हैं, जो भारतीय अर्थव्यवस्था में Productive Capacity निर्माण में मदद करते हैं।”

यह NFO 15 से 29 मई 2026 के बीच खुलने वाला था, जिसमें मुख्य रूप से HDFC Gold ETF और HDFC Silver ETF में निवेश करने की योजना थी।


सरकार ने क्यों बढ़ाई Import Duty?


13 मई 2026 से Gold और Silver पर Effective Import Duty 6% से बढ़कर 15% हो गई है (10% Basic Customs Duty + 5% AIDC)।

यह कदम Rising Import Bill, ऊंचे Crude Oil Prices, Rupee की कमजोरी और West Asia संकट के बीच लिया गया।

भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा Gold Consumer है, लेकिन ज्यादातर Gold Import करता है। FY26 में Gold Imports रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से Gold खरीदारी टालने, Fuel Consumption कम करने और अनावश्यक विदेश यात्रा से बचने की अपील की है।

निवेशकों के लिए क्या मतलब है?

Physical Gold की Demand पर असर पड़ेगा – कीमतें बढ़ सकती हैं।

Gold ETFs और Sovereign Gold Bonds (SGB) की Relevance बढ़ सकती है, क्योंकि ये Physical Gold की तुलना में कम खर्चे वाले विकल्प हैं (कोई Making Charge, Storage Cost नहीं)।

Diversification की जरूरत अभी भी बनी हुई है। Gold पोर्टफोलियो का 5-10% हिस्सा लंबे समय में अच्छा हेज साबित होता है।

Equity और Debt Funds पर फोकस बढ़ सकता है, जैसा HDFC AMC ने सुझाया है।

BeYourMoneyManager की सलाह:

Short-term में Gold ETFs में Volatility रह सकती है, लेकिन लंबी अवधि में Inflation Hedge के रूप में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

Sovereign Gold Bonds अभी भी Tax-Free Return (2.5% अतिरिक्त) और Capital Gains Exemption के कारण बेहतर विकल्प हैं।

नया NFO आने पर या बाजार की स्थिति बदलने पर हम अपडेट देंगे।

हमेशा अपने Risk Profile, Goals और समय-सीमा के अनुसार Asset Allocation तय करें।

Disclaimer: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है। यह Investment Advice नहीं है। किसी भी निवेश से पहले प्रमाणित Financial Advisor से सलाह अवश्य लें।




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