सोने की कीमतें बढ़ने और इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद गोल्ड रिसाइक्लिंग स्कीम्स तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। जानिए Kalyan Jewellers, Malabar, Tanishq, Muthoot Exim जैसी कंपनियों की स्कीम्स, XRF मशीन से शुद्धता जांच, सर्विस चार्ज और पुराने जेवर से ज्यादा वैल्यू कैसे पाएं।
पुराना सोना नया बनाएं: Gold Recycling Schemes 2026 में क्यों हो रही हैं पॉपुलर? पुराने जेवर का मूल्यांकन और मिलने वाला दाम
सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने, इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए सोना खरीदने में देरी करने की अपील के बाद ज्वेलरी ब्रांड्स गोल्ड रिसाइक्लिंग स्कीम्स को जोर-शोर से प्रमोट कर रहे हैं। अगर आपके पास पुराना, टूटा-फूटा, पुराने डिजाइन का जेवर, गोल्ड कॉइन या बेकार पड़ा सोना है तो अब इसे एक्सचेंज करके नया जेवर बनवाना स्मार्ट विकल्प बन गया है।BeYourMoneyManager पर इस लेख में जानिए गोल्ड रिसाइक्लिंग क्या है, प्रमुख स्कीम्स, मूल्यांकन की प्रक्रिया, मिलने वाला प्राइस और टिप्स।
गोल्ड रिसाइक्लिंग क्या है?गोल्ड रिसाइक्लिंग का मतलब है पुराने सोने को खरीदकर उसे रिफाइन करना और फिर नए जेवर या बुलियन के रूप में मार्केट में वापस सप्लाई करना। Muthoot Exim के CEO Keyur Shah के अनुसार, अगर भारत के घरों में रखे सोने का सिर्फ 1% भी रिसाइकल हो जाए तो सालाना 300 टन सोने का इंपोर्ट कम हो सकता है — जो भारत के कुल गोल्ड इंपोर्ट का करीब 40% है।यह प्रक्रिया देश के गोल्ड इंपोर्ट बिल को कम करती है, कस्टम ड्यूटी बचाती है और पर्यावरण के लिए भी बेहतर है।2026 में कौन-कौन सी प्रमुख गोल्ड रिसाइक्लिंग स्कीम्स चल रही हैं?Kalyan Jewellers – Old Gold Exchange Promotion
‘Nation First – Gold4India Initiative’ के तहत पुराना, अनयूज्ड, ब्रोकन या पुराने डिजाइन का जेवर एक्सचेंज करें। रिफाइन करके नए जेवर में इस्तेमाल होता है।
Malabar Gold & Diamonds – Gold Monetisation Scheme
न्यूनतम 1 ग्राम से डिपॉजिट की सुविधा। कैश या गोल्ड वेट में रिडेम्पशन।
Muthoot Exim – Muthoot Gold Point
पूरे भारत में 100+ सेंटर्स। अब तक 5 टन से ज्यादा पुराना सोना खरीदा जा चुका है। FY25-26 में अकेले 1 टन (1000 किलो) खरीदा।
Tanishq – #OldGoldNewIndia Campaign
9K से 22K तक का सोना स्वीकार करते हैं। किसी भी ज्वेलर का जेवर, छोटा या टूटा हुआ भी चलेगा।
MMTC-PAMP
प्रीमियम रिसाइक्लिंग सर्विस, जर्मन XRF टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल।
पुराने जेवर का मूल्यांकन कैसे होता है? (Transparency बढ़ी है)आधुनिक ज्वेलर्स अब पुराने टचस्टोन मेथड की बजाय एडवांस्ड टेक्नोलॉजी इस्तेमाल करते हैं:XRF Machine (X-Ray Fluorescence): 30 सेकंड में सोने की शुद्धता (प्योरिटी) और अन्य मेटल्स (सिल्वर, कॉपर, जिंक आदि) का प्रतिशत बता देती है। बिना जेवर को नुकसान पहुंचाए।
वेटिंग: मशीन से 3 दशमलव तक सटीक वजन।
MMTC-PAMP जैसी कंपनियां प्रिसीजन स्केल्स और जर्मन XRF टेक्नोलॉजी यूज करती हैं।
मिलने वाला प्राइस कैसे तय होता है?IBJA (India Bullion and Jewellers Association) के डेली स्पॉट गोल्ड प्राइस के आधार पर।
आपकी जेवर की शुद्धता (22K, 18K आदि)।
सर्विस चार्ज कटौती के बाद फाइनल अमाउंट।
उदाहरण: अगर 10 ग्राम 22K जेवर है तो मार्केट रेट के हिसाब से वैल्यू कैलकुलेट होगी, शुद्धता चेक होगी और चार्ज कटकर पेमेंट/एक्सचेंज वैल्यू मिलेगी।गोल्ड एक्सचेंज पर चार्जेस क्या हैं?Muthoot Exim: 3% सर्विस चार्ज (गोल्ड खरीद पर GST नहीं)।
MMTC-PAMP: सर्विस चार्ज + GST (बायबैक पर)।
अलग-अलग ब्रांड्स में मेकिंग चार्जेस पर डिस्काउंट या एक्स्ट्रा बेनिफिट्स भी मिल सकते हैं।
सलाह:
कई जगहों से कोटेशन लेकर तुलना करें।पुराना जेवर रिसाइकल करवाते समय ध्यान रखें ये 7 टिप्स
हमेशा XRF मशीन वाली जगह चुनें — पारदर्शी मूल्यांकन।
वजन और प्योरिटी रिपोर्ट मांगें।
IBJA रेट चेक करें और कैलकुलेशन समझें।
सर्विस चार्ज और अन्य डिडक्शन पहले पूछ लें।
छोटे-मोटे जेवर भी स्वीकार करने वाली स्कीम चुनें।
टैक्स इम्प्लिकेशन्स (अगर कोई हो) समझें।
ट्रस्टेड ब्रांड ही चुनें।
निष्कर्ष:
रिसाइक्लिंग = स्मार्ट मनी मैनेजमेंट
उच्च सोने की कीमतों के समय पुराना सोना नया बनाना न सिर्फ पैसे बचाता है बल्कि देश की इकोनॉमी को भी सपोर्ट करता है।
BeYourMoneyManager की सलाह है कि बेकार पड़ा सोना अब लॉकर में न रखें — उसे productive बनाएं।आपके पास पुराना जेवर है? कमेंट में बताएं कितना ग्राम है और किस शहर में हैं — हम आपको बेहतर ऑप्शन्स सुझा सकते हैं।अस्वीकरण: यह लेख सूचना उद्देश्य के लिए है। अंतिम मूल्यांकन और डील ब्रांड की पॉलिसी पर निर्भर करेगी। निवेश/ट्रांजेक्शन से पहले विशेषज्ञ सलाह लें।
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