छोटी बचत स्कीम पर ब्याज का फैसला इस महीने के अंत तक


सरकार छोटी बचत योजनाओं मसलन, पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम(एमआईएस), पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ), पोस्ट ऑफिस टर्म डिपॉजिट स्कीम, सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम, सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाली ब्याज दरों पर इस महीने के आखिर में फैसला ले सकता है। दरअसल, सरकार इन योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज को मार्केट रेट से जोड़ने पर विचार कर रही है।

भारतीय रिजर्व बैंक और बैंक सरकार से इन निवेश योजनाओं पर मिलने वाले ब्याज में कमी करने की मांग कर रहे हैं। बैंकों का कहना है कि जबतक इन योजनाओं पर अधिक ब्याज मिलता रहेगा, वो अब और कर्ज सस्ता नहीं कर पाएंगे। बता दें कि रिजर्व बैंक इस साल प्रमुख दरों में 1.25% की कटौती कर चुका है, लेकिन बैंक अब तक उसके आधे से भी कम औसतन 0.60 % की कटौती का ही फायदा ग्राहकों को दे पाएं हैं। ग्राहकों को रेट कटौती का पूरा फायदा नहीं देने की वजह से रिजर्व बैंक से बैंकों को फटकार भी मिलती रहती है, लेकिन बैंक
अधिक कॉस्ट ऑफ फंडिंग का हवाला देते हुए बैंक रेट कटौती का पूरा फायदा देने से इनकार करते रहते हैं। बैंकों का कहना है कि छोटी सरकारी बचत योजनाओं पर अधिक ब्याज उनकी कॉस्ट ऑफ फंडिंग को बढ़ा रही है।

बता दें कि ज्यादातर छोटी बचत स्कीमों पर 8.70%-9.30 %का ब्याज मिल रहा है। इसके मुकाबले SBI का FD पर 7.25% ब्याज है। इसके लिए लोग छोटी बचत स्कीम को पसंद कर रहे हैं। लेकिन, भारतीय रिजर्व बैंक और बैंकों को ये पसंद नहीं है।

((बैंक FD कराने का सही वक्त, छोटी बचत पर ब्याज घटना तय 
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