देश में इस साल की सितंबर तिमाही में 268.1 टन सोने का आयात हुआ है, जो कि पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 13% ज्यादा है। WGC यानी वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने इसकी जानकारी दी। पिछले साल की इसी तिमाही में 238.2 टन सोना का आयात हुआ था। WGC को दिसंबर तिमाही में सोने की मांग में तेजी बनी रहने की उम्मीद है।
अगर वैल्यू के टर्म में सोने के आयात की बात करें, इस दौरान सोने के आयात में 5.8% का इजाफा हुआ है। पिछले साल की सितंबर तिमाही में जहां हमने 59,480 करोड़ रुपए के सोने का आयात किया था, जो कि इस साल की सितंबर तिमाही में बढ़कर 62,939 करोड़ रुपए हो गया।
WGC के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में जुलाई-सितंबर तिमाही की शुरुआत में सोने की कीमत में कमी के अलावा शादी-विवाह और त्योहारों के लिए पहले से ही इसकी खरीदारी के कारण सोने की मांग बढ़ी है।
इस दौरान सोने की जूलरी की मांग भी बढ़ी है। लोगों ने पिछले साल की सितंबर तिमाही में 184.2 टन सोने की जूलरी खरीदी थी जो कि इस साल की सितंबर तिमाही में 15% बढ़कर 211.1 टन पर पहुंच गई। वैल्यू टर्म में इसकी मांग इस दौरान 7.7% की बढ़ोतरी के साथ 45,996 करोड़ से 49,558 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।
अगर सोने की इन्वेस्टमेंट मांग की बात करें, तो पिछले साल की सितंबर तिमाही के मुकाबले इस साल सितंबर तिमाही में 6% बढ़कर 54 टन से 57 टन हो गई। हालांकि वैल्यू टर्म में इस दौरान इसकी मांग मामूली घटी है जो कि 0.8% कम होकर 13,484 करोड़ रुपए से 13,381 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।
WGC को इस साल की आखिरी तिमाही यानी दिसंबर तिमाही में भी सोने की मांग में तेजी बनी रहने की उम्मीद है। संस्था का मानना है कि इस पूरे साल के दौरान सोने की मांग 850-950 टन रहने का अनुमान है। 2014 में 811 टन सोने का आयात हुआ था।
((बढ़ता रहे देश, 'सोने पे सुहागा' होगा आपका निवेश: भाग-1
http://beyourmoneymanager.blogspot.com/2015/11/1.html
((बढ़ता रहे देश, 'सोने पे सुहागा' होगा आपका निवेश: भाग-2
http://beyourmoneymanager.blogspot.com/2015/11/2.html
((बढ़ता रहे देश, 'सोने पे सुहागा' होगा आपका निवेश: भाग-3
http://beyourmoneymanager.blogspot.in/2015/11/3.html
अगर वैल्यू के टर्म में सोने के आयात की बात करें, इस दौरान सोने के आयात में 5.8% का इजाफा हुआ है। पिछले साल की सितंबर तिमाही में जहां हमने 59,480 करोड़ रुपए के सोने का आयात किया था, जो कि इस साल की सितंबर तिमाही में बढ़कर 62,939 करोड़ रुपए हो गया।
WGC के मुताबिक, वैश्विक बाजारों में जुलाई-सितंबर तिमाही की शुरुआत में सोने की कीमत में कमी के अलावा शादी-विवाह और त्योहारों के लिए पहले से ही इसकी खरीदारी के कारण सोने की मांग बढ़ी है।
इस दौरान सोने की जूलरी की मांग भी बढ़ी है। लोगों ने पिछले साल की सितंबर तिमाही में 184.2 टन सोने की जूलरी खरीदी थी जो कि इस साल की सितंबर तिमाही में 15% बढ़कर 211.1 टन पर पहुंच गई। वैल्यू टर्म में इसकी मांग इस दौरान 7.7% की बढ़ोतरी के साथ 45,996 करोड़ से 49,558 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।
अगर सोने की इन्वेस्टमेंट मांग की बात करें, तो पिछले साल की सितंबर तिमाही के मुकाबले इस साल सितंबर तिमाही में 6% बढ़कर 54 टन से 57 टन हो गई। हालांकि वैल्यू टर्म में इस दौरान इसकी मांग मामूली घटी है जो कि 0.8% कम होकर 13,484 करोड़ रुपए से 13,381 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।
WGC को इस साल की आखिरी तिमाही यानी दिसंबर तिमाही में भी सोने की मांग में तेजी बनी रहने की उम्मीद है। संस्था का मानना है कि इस पूरे साल के दौरान सोने की मांग 850-950 टन रहने का अनुमान है। 2014 में 811 टन सोने का आयात हुआ था।
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