टूव्हीलर लोन सिर्फ 10-15 मिनट में और महज आधे घंटे में मिलेगा कार लोन। जी हां, आने वाले दिनों में ये सब संभव होगा देश के दूसरे सबसे बड़े प्राइवेट बैक HDFC बैंक में।
बैंक ऑटो लोन अर्जी की मंजूरी देने और लोन के भुगतान में टेक्नोलॉजी की भूमिका बढ़ाने पर पूरा ध्यान दे रहा है। बैंक बोयोमीट्रिक्स टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से ऑटो लोन की मंजूरी और भुगतान की समय-सीमा को कम करके महज आधे घंटे करने की योजना पर काम कर रहा है। बैंक ये सुविधा अपने डिपॉजिटर्स के अलावा दूसरे ग्राहकों को भी देगा। बैंक ने हाल ही में महज 10 सेकंड के अंदर पर्सनल लोन प्रोडेक्ट देने की स्कीम शुरू की है।
कैसे काम करेगी टेक्नोलॉजी:
बायोमीट्रिक टेक्नोलॉजी आवेदनकर्ता के आधार कार्ड नंबर से लिंक रहेगा, जिससे कस्टमर के प्रोफाइल की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा ग्राहक के बारे में कुछ अतिरिक्त जानकारी के आधार पर लोन की मंजूरी दी जाएगी।
बैंक इसके लिए 60 टूव्हीलर डीलर्स और 200 कार डीलर्स के यहां बायोमीट्रिक डिवाइस लगा चुका है। यहां पर ग्राहक के फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड से ग्राहकों से जुड़े डाटा की जांच उसके आधार कार्ड से किया जाएगा।
इसके बाद बैंक अतिरिक्त जानकारी के तौर पर ग्राहकों की लोन योग्यता जांचने के लिए उसके इनकम और जॉब प्रोफाइल की जानकारी मांगेगा। इतना सब होने के बाद लोन अर्जी की मंजूरी मिलेगी। सारे डॉक्यूमेंट्स और मार्जिन मनी जमा करके ग्राहक अपनी कार या टूव्हीलर के साथ जा आराम से घर जा सकता है। बैंक का दावा है कि इस टेक्नोलॉजी के जरिए टूव्हीलर लोन महज 10-15 मिनट में जबकि कार लोन मिलने में करीब आधे घंटे का ही समय लगेगा।
बैंक पिछले दो महीने में इस टेक्नोलॉजी के जरिए 25 हजार कार और टूव्हीलर लोन का भुगतान कर चुका है। बैंक आने वाले दिनों में 400-500 टूव्हीलर डीलर्स और 300-400 कार डीलर्स के यहां ये टेक्नोलॉजी लगाने पर विचार कर रहा है।
बैंक का दावा है कि इस समय उसकी कार लोन सेगमेंट में 31-32 % और टूव्हीलर लोन सेगमेंट में 22-23 % की हिस्सेदारी है। बैंक को भरोसा है कि आने वाले दिनों में इस टेक्नोलॉजी के जरिए ऑटो लोन बाजार में उसकी हिस्सेदारी और बढ़ेगी। फिलहाल ये डिवाइस शहरी डीलर्स के यहां ही लगाई गई है लेकिन इसका विस्तार कस्बाई और ग्रामीण डीलर्स के यहां भी करना है।
बैंक ऑटो लोन अर्जी की मंजूरी देने और लोन के भुगतान में टेक्नोलॉजी की भूमिका बढ़ाने पर पूरा ध्यान दे रहा है। बैंक बोयोमीट्रिक्स टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से ऑटो लोन की मंजूरी और भुगतान की समय-सीमा को कम करके महज आधे घंटे करने की योजना पर काम कर रहा है। बैंक ये सुविधा अपने डिपॉजिटर्स के अलावा दूसरे ग्राहकों को भी देगा। बैंक ने हाल ही में महज 10 सेकंड के अंदर पर्सनल लोन प्रोडेक्ट देने की स्कीम शुरू की है।
कैसे काम करेगी टेक्नोलॉजी:
बायोमीट्रिक टेक्नोलॉजी आवेदनकर्ता के आधार कार्ड नंबर से लिंक रहेगा, जिससे कस्टमर के प्रोफाइल की जानकारी मिलेगी। इसके अलावा ग्राहक के बारे में कुछ अतिरिक्त जानकारी के आधार पर लोन की मंजूरी दी जाएगी।
बैंक इसके लिए 60 टूव्हीलर डीलर्स और 200 कार डीलर्स के यहां बायोमीट्रिक डिवाइस लगा चुका है। यहां पर ग्राहक के फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड से ग्राहकों से जुड़े डाटा की जांच उसके आधार कार्ड से किया जाएगा।
इसके बाद बैंक अतिरिक्त जानकारी के तौर पर ग्राहकों की लोन योग्यता जांचने के लिए उसके इनकम और जॉब प्रोफाइल की जानकारी मांगेगा। इतना सब होने के बाद लोन अर्जी की मंजूरी मिलेगी। सारे डॉक्यूमेंट्स और मार्जिन मनी जमा करके ग्राहक अपनी कार या टूव्हीलर के साथ जा आराम से घर जा सकता है। बैंक का दावा है कि इस टेक्नोलॉजी के जरिए टूव्हीलर लोन महज 10-15 मिनट में जबकि कार लोन मिलने में करीब आधे घंटे का ही समय लगेगा।
बैंक पिछले दो महीने में इस टेक्नोलॉजी के जरिए 25 हजार कार और टूव्हीलर लोन का भुगतान कर चुका है। बैंक आने वाले दिनों में 400-500 टूव्हीलर डीलर्स और 300-400 कार डीलर्स के यहां ये टेक्नोलॉजी लगाने पर विचार कर रहा है।
बैंक का दावा है कि इस समय उसकी कार लोन सेगमेंट में 31-32 % और टूव्हीलर लोन सेगमेंट में 22-23 % की हिस्सेदारी है। बैंक को भरोसा है कि आने वाले दिनों में इस टेक्नोलॉजी के जरिए ऑटो लोन बाजार में उसकी हिस्सेदारी और बढ़ेगी। फिलहाल ये डिवाइस शहरी डीलर्स के यहां ही लगाई गई है लेकिन इसका विस्तार कस्बाई और ग्रामीण डीलर्स के यहां भी करना है।

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