सोना $4000 प्रति औंस से नीचे गिरने पर भी बुल मार्केट intact है। Thorsten Polleit के अनुसार यह खरीदारी का बेहतरीन मौका है। सरकारी कर्ज, नेगेटिव रियल रेट और मनी प्रिंटिंग से गोल्ड की लंबी अवधि की तेजी बरकरार।
सोने का बुल मार्केट अभी टूटा नहीं है!
$4000 से नीचे गिरावट पर घबराएं नहीं – Thorsten Polleit
12 जून 2026- हाल ही में सोने (Gold) की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है, लेकिन जाने-माने अर्थशास्त्री Thorsten Polleit का कहना है कि निवेशकों को $4000 प्रति औंस से नीचे जाने पर घबराने की जरूरत नहीं है। सोने का लंबी अवधि का बुल मार्केट पूरी तरह बरकरार है और वर्तमान स्तर खरीदारी का शानदार मौका प्रस्तुत कर रहा है।
गिरावट प्राकृतिक सुधार है, बेयर मार्केट नहीं
Kitco News को दिए इंटरव्यू में Thorsten Polleit (Honorary Professor of Economics, University of Bayreuth और BOOM & BUST REPORT के प्रकाशक) ने कहा कि हाल की तेज रैली के बाद यह गिरावट एक सामान्य सुधार (correction) है। उन्होंने एक्सपोनेंशियल और पॉलीनॉमियल ट्रेंड लाइन्स का हवाला देते हुए बताया कि $5500 का स्तर ट्रेंड लाइन से काफी ऊपर था, इसलिए प्रतिक्रिया अपेक्षित थी।
Polleit का अनुमान है कि सोना $4000 से नीचे जा सकता है, लेकिन $3900 के आसपास सपोर्ट मिलने की संभावना है। यह स्तर वर्तमान आर्थिक व्यवस्था (negative real interest rates, मनी प्रिंटिंग और अनियंत्रित सरकारी कर्ज) को दर्शाता है।
अभी खरीदें – लंबी अवधि के लिए आकर्षक मूल्य
Polleit खुद इस स्तर पर सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा:“मुझे $4000 पर खरीदने में कोई दिक्कत नहीं है। अगर आपका निवेश क्षितिज 5 साल या उससे ज्यादा है, तो यह बेहद आकर्षक कीमत है।”
उनका मानना है कि पांच साल बाद सोने की कीमत काफी ज्यादा होगी।
मजबूत फंडामेंटल्स बुलिश आउटलुक का आधार Polleit के अनुसार सोने को ऊपर ले जाने वाले मुख्य कारण:
Fiscal Dominance — सरकारों का भारी कर्ज केंद्रिय बैंकों को मजबूर कर रहा है कि वे सख्त मौद्रिक नीति ज्यादा समय तक नहीं चला सकें।
नेगेटिव रियल रिटर्न — बॉन्ड्स और कई स्टॉक्स पर नकारात्मक वास्तविक रिटर्न बने रहेंगे।
Energy Cost-Push Inflation — ऊर्जा कीमतों से होने वाली महंगाई को ब्याज दरें बढ़ाकर नहीं रोका जा सकता। इससे आर्थिक वृद्धि धीमी होगी और कर्ज वाले देश मंदी की ओर जा सकते हैं।
कमजोर वैश्विक मौद्रिक व्यवस्था — बढ़ता सरकारी कर्ज और फिस्कल डेफिसिट सोने जैसे हार्ड एसेट्स की मांग बढ़ाएगा।
Polleit ने जोर देते हुए कहा कि “सोने का केस आज दो साल पहले से भी मजबूत है। मैं पहले से ज्यादा आश्वस्त हूं कि सोना रखना समझदारी भरा कदम है।”
निवेशकों के लिए सलाह (www.beyourmoneymanager.com) :
लंबी अवधि का नजरिया अपनाएं – शॉर्ट टर्म उतार-चढ़ाव पर ध्यान न दें।
Diversification — पोर्टफोलियो में सोना (Physical Gold, Sovereign Gold Bonds, Gold ETF) शामिल करें।
Dollar Cost Averaging — गिरावट के दौरान नियमित खरीदारी करें।
$3900-$4000 जोन को मजबूत खरीदारी के अवसर के रूप में देखें।
निष्कर्ष:
Thorsten Polleit जैसे विशेषज्ञों के अनुसार सोने का सुपरसाइकिल अभी खत्म नहीं हुआ है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियां, बढ़ता कर्ज और मौद्रिक नीतियों की सीमाएं सोने को लंबे समय तक सपोर्ट करेंगी।
अस्वीकरण: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।









