Budget 2026-2027 की मुख्‍य बातें, शेयर बाजार में पैसे लगाने वालों को झटका I STT I Future&Option I

वर्ष 2026-2027 के केंद्रीय बजट की मुख्‍य बातें-

 


भाग – 1

केंद्रीय वित्‍त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने 1 फरवरी, 2026 को संसद में वर्ष 2026-27 के लिए केंद्रीय बजट प्रस्‍तुत किया। बजट की मुख्‍य बातें इस प्रकार हैं:-

कर्तव्‍य भवन में तैयार किया गया पहला बजट तीन कर्तव्‍यों से प्रेरित है:-

  1. पहला कर्तव्‍य – उत्‍पादकता और प्रतिस्‍पर्धा बढ़ाने  तथा वैश्विक उथल-पुथल के परिदृश्‍य में लचीलापन लाकर आर्थिक विकास को तेज करना और उसकी गति बनाए रखना

  2. दूसरा कर्तव्‍य- भारत की समृद्धि के पथ में सशक्‍त साझेदार बनाने के लिए लोगों की आकांक्षाएं पूरी करना और उनकी क्षमता बढ़ाना।

  3. तीसरा कर्तव्‍य - सरकार की सबका साथ, सबका विकास के दृष्टिकोण के अनुकूल- यह सुनिश्चित करना कि सार्थक भागीदारी के लिए प्रत्‍येक परिवार, समुदाय और क्षेत्र की संसाधनों, सुविधाओं और अवसरों तक पहुंच उपलब्‍ध हो।

  4. बजट अनुमान

  5. गैर ऋण प्राप्तियां  और कुल व्‍यय क्रमश: 36.5 लाख करोड और 53.5 लाख करोड रुपए रहने का अनुमान है। केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियां 28.7 लाख करोड रुपए रहने का अनुमान है।

  6. सकल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड रुपए और दिनांकित प्रतिभूतियों से शुद्ध बाजार उधारी 11.7 लाख करोड रुपए रहने का अनुमान है।

  • गैर ऋण प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 34 लाख करोड रुपए है जिसमें से केंद्र की शुद्ध कर प्राप्तियाँ 26.7 लाख करोड रुपए हैं।

  • कुल व्‍यय का संशोधित अनुमान 49.6 लाख करोड रुपए है जिसका पूंजी व्‍यय करीब 26.1 लाख करोड रुपए है।

  1. बजट अनुमान 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

  2. वर्ष 2025-26  के बजट में संशोधित राजकोषीय घाटा 2025-26 के बजट अनुमान जीडीपी के 4.4 प्रतिशत के समान है।

  3. ऋण से जीडीपी अनुपात संशोधित अनुमान 2025-26 में जीडीपी के 56.1 प्रतिशत की तुलना में बजट अनुमान 2026-27 में जीडीपी का 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

  4. पहला कर्तव्‍यआर्थिक विकास को तेज करना और बनाए रखना तथा छह हस्‍तक्षेपों का प्रस्‍ताव है

  • सात रणनीतिक और फ्रंटि‍यर क्षेत्रों में विनिर्माण

  1. बायोफार्मा शक्ति (ज्ञानप्रौद्योगिकी और नवाचार के जरिए स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल को बेहतर करने की रणनीतिकी घोषणा। भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केन्‍द्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्‍य से अगले पांच वर्ष के लिए दस हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ बायोफार्मा शक्ति का प्रस्‍ताव।

  • तीन नए राष्‍ट्रीय फार्मास्‍युटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्‍थानों (एन.आई.पी.ई.आर.) के निर्माण तथा सात मौजूदा संस्‍थानों के उन्‍नयन के लिए बायोफार्मा केन्द्रित नेटवर्क।

  • एक हजार से अधिक मान्‍यता प्राप्‍त इंडिया क्लिनिकल ट्रायल्‍स स्‍थलों का नेटवर्क बनाया जाएगा।

  1. उपकरण और सामग्री बनाने, फुलस्‍टेक इंडिया आई.पी. डिजाइन करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने के लिए इंडिया सेमीकंडक्‍टर मिशन 2.0 शुरू किया जाएगा।

  2. अप्रैल 2025 में आरंभ इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स कलपुर्जे विनिर्माण योजना को गति देने के लिए बजट बढ़ाकर चालीस हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्‍ताव।

  3. खनन, प्रसंस्‍करण, अनुसंधान और विनिर्माण को प्रोत्‍साहन देने के लिए समर्पित दुर्लभ धातु गलियारों की स्‍थापना के उद्देश्‍य से खनिज समृद्ध ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को सहायता देने का प्रस्‍ताव।

  4. घरेलू रसायन उत्‍पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए कलस्‍टर आधारित बनाओ और चलाओ मॉडल के आधार पर तीन समर्पित कैमिकल पार्क स्‍थापित करने की योजना लाई जाएगी।

  5. पूंजी सामान क्षमता मजबूत करना

  6.  

  • डिजिटल रूप से सक्षम ऑटोमेटेड सर्विस ब्‍यूरो के रूप में दो स्‍थानों सी.पी.एस.ई. द्वारा हाईटेक टूल रूप स्‍थापित किए जाएंगे, जो उच्‍च गुणवत्‍ता के कलपुर्जों का बड़े पैमाने पर और कम लागत से स्‍थानीय स्‍तर पर डिजाइन, परीक्षण और विनिर्माण करेंगे।

  • उच्‍च मूल्‍य और प्रौद्योगिकी के लिहाज से उन्‍नत सी.आई.ई. के घरेलू विनिर्माण को मजबूत करने के लिए निर्माण संवर्धन और अवसंरचना उपकरण योजना(सी.आई.ई.) शुरू की जाएगी।

  • पांच वर्ष की अवधि में दस हजार करोड़ रुपये के बजट आवंटन के साथ कंटेनर विनिर्माण योजना लाने प्रस्‍ताव।

  1. वस्त्र क्षेत्र के लिए एकीकृत कार्यक्रम की घोषणा

  1. रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर, मानवनिर्मित फाइबर और नए जमाने के फाइबर में आत्‍मनिर्भरता के लिए राष्‍ट्रीय फाइबर योजना।

  2. मशीनरी, प्रौद्योगिकी उन्‍नयन और साझा परीक्षण तथा प्रमाणन केन्‍द्रों के लिए पूंजी सहायता के साथ आधुनिक पारंपरिक क्‍लस्‍टरों के लिए वस्‍त्र विस्‍तार और रोजगार योजना।

  1. चैलेंज मोड में मेगा टेक्‍सटाइल पार्क स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव

  2. खादी, हथकरघा और हस्‍तशिल्‍प की मजबूती के लिए महात्‍मा गांधी ग्राम स्‍वराज पहल शुरू करने का प्रस्‍ताव। इससे देश के बुनकरों, ग्राम उद्योगों, एक जिला-एक उत्‍पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ होगा।

  3. इससे वैश्विक बाजार संपर्क, ब्रांडिंग करने में मदद मिलेगी और प्रशिक्षण, कौशल, गुणवत्‍ता और उत्‍पादन को समर्थन मिलेगा।

 

  1. लीगेसी औद्योगिक समूहों के पुनरुद्धार की योजना

  • अवसंरचना और प्रौद्योगिकी उन्‍नयन के जरिए लागत स्‍पर्धा और दक्षता में सुधार के लिए दो सौ लीगेसी औद्योगिक समूहों के पुनरुद्धार की योजना लाने का प्रस्‍ताव।

  1. चैंपियन एस.एम.बनाना और सूक्ष्‍म उद्यमियों को समर्थन

  • एम.एस.एम.ई. को चैंपियनों के रूप में विकास करने में सहायता के लिए त्रिस्‍तरीय दृष्टिकोण- दस हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ एस.एम.ई. ग्रोथ फंड शुरू करने का प्रस्‍ताव।

  • दो हजार करोड़ रुपये के आवंटन के साथ वर्ष 2021 में बनाए गए आत्‍मनिर्भर भारत फंड को समर्थन जारी रहेगा।

  • विशेष रूप से टीयर टू और टीयर थ्री शहरों में कॉर्पोरेट मित्र कार्डर विकसित करने के लिए आई.सी.ए.आई., आई.सी.एस.आई, आई.सी.एम.ए.आई. जैसे व्‍यवसायिक शिक्षा संस्‍थानों को सुविधा उपलब्‍ध कराई जाएगी।

  1. अवसंरचना को ठोस प्रोत्‍साहन

  • वित्‍त वर्ष 2026-27 में सार्वजनिक पूंजी व्‍यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा।

  • ऋणदाताओं को आंशिक ऋण गारंटी उपलब्‍ध कराने के लिए अवसंरचना जोखिम गारंटी फंड स्‍थापित करने का प्रस्‍ताव।

  • समर्पित आर.ई.आई.टी. स्थापित करने के जरिए सी.पी.एस.ई. की महत्‍वपूर्ण रियल एस्‍टेट परिसंपत्तियों के पुनर्चक्रण की प्रक्रिया तेज करने का प्रस्‍ताव।

  • पूर्वी भारत में डानकूनी से पश्चिमी भारत के सूरत को जोड़ने के लिए नए समर्पित माल गलियारे बनाए जाएंगे।

  • जलचर और अंगुल जैसे खनिज समृद्ध और कलिंग नगर जैसे औद्योगिक केंद्रों को जोडने के लिए ओडिशा में एनडब्‍ल्‍यू-5 से शुरुआत के साथ अगले पांच वर्ष में 20 नए राष्‍ट्रीय जलमार्ग चालू किए जाएंगे।

  • अपेक्षित श्रम शक्ति के विकास के लिए क्षेत्रीय उत्‍कृष्‍टता केंद्रों के रूप में प्रशिक्षण संस्‍थान स्‍थापित किए जाएंगे।

  1. इनलैंड जलमार्गों और तटीय पोत परिहवन की हिस्‍सेदारी प्रतिशत से बढाकर वर्ष 2047 तक 12 प्रतिशत करने के लिए तटीय कार्गो प्रोमोशन स्‍कीम आरंभ की जाएगी।

  • सी-प्‍लेन के स्‍वदेशी निर्माण के लिए प्रोत्‍साहन दिया जाएगा और लास्‍ट माइल तथा दूरदराज क्षेत्रों तक संपर्क बढ़ाया जाएगा और पर्यटन को प्रोत्‍साहन दिया जाएगा।

  • संचालन को समर्थन उपलब्‍ध कराने के लिए सी-प्‍लेन वी.जी.एफ. स्‍कीम शुरू की जाएगी।

  1.  

  2. दीर्घावधि ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्‍चत करना।

  • कार्बन टैक्‍चर उपयोग और भंडारण (सी.सी.यू.एस.) प्रौद्योगिकियों के लिए अगले पांच वर्ष की अवधि के लिए 20 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा।

  1. शहर आर्थिक क्षेत्रों का विकास

  • शहर आर्थिक क्षेत्र (सी.ई.आर.) के लिए पांच वर्षों की अवधि‍ के लिए पांच हजार करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा।

  • पर्यावरण अनुकूल टिकाउ यात्री प्रणाली को प्रोत्‍साहन देने के लिए मुम्‍बई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बैंगलुरू, हैदराबाद-चेन्‍नई, चेन्‍नई-बैंगलुरू, दिल्‍ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलिगुडी़ के बीच सात हाई स्‍पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।

  • वित्‍तीय स्‍थि‍रता, समावेश और उपभोक्‍ता सुरक्षा के उपाय करते हुए भारत की आर्थिक वृद्धि के अगले चरण के साथ कदम-ताल मिलाते हुए बैंकिंग क्षेत्र की व्‍यापक समीक्षा के उद्देश्‍य से ‘’विकसित भारत के लिए बैंकिंग’’ पर उच्‍च-स्‍तरीय समिति गठित करने का प्रस्‍ताव।

  • पॉवर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन का प्रस्‍ताव।

  • भारत की उभरती आर्थिक प्राथमिकताओं के अनुसार विदेशी निवेश के लिए अधिक समकालीन और उपयोक्‍ता अनुकूल रूपरेखा के लिए विदेश मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण लिखत) नियमावली की व्‍यापक समीक्षा का प्रस्‍ताव।

  • बड़े शहरों द्वारा उच्‍च मूल्‍य के म्‍यूनिसिपल बॉण्‍ड जारी करने को प्रोत्‍साहन करने के लिए एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का सिंगल बॉण्‍ड जारी करने पर सौ करोड़ रुपये का प्रोत्‍साहन देने का प्रस्‍ताव।

  1.  

  2. दूसरा कर्तव्‍यलोगों की आकांक्षाएं पूरी करना और क्षमता बढ़ाना

  • विकसित भारत के मुख्य संचालक के रूप में सेवा क्षेत्र पर ध्‍यान केन्द्रित करने के लिए उपायों की सिफारिश करने हेतु उच्‍चाधिकार प्राप्‍त ‘शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम’ स्‍थायी समिति के गठन का प्रस्‍ताव। यह फैसला भारत को वर्ष 2047 तक दस प्रतिशत की वैश्विक हिस्‍सेदारी के साथ अग्रणी बनाएगा।

  1. विकसित भारत के लिए पेशेवर लोग तैयार करने

  • संबद्ध स्‍वास्‍थ्‍य सेवा पेशवरों (ए.एच.पी.) के लिए मौजूदा संस्‍थानों का उन्‍नयन किया जाएगा  और निजी तथा सरकारी क्षेत्रों में नए ए.एच.पी. संस्‍थानों की स्‍थापना की जाएगी।

  • अगले पांच वर्ष में एक लाख ए.एच.पी. जोड़े जाएंगे।

  • वृद्धों की चिकित्‍सा और संबद्ध देखभाल सेवाओं को शामिल करते हुए मजबूत देखभाल सेवा परिवेश बनाया जाएगा। अगले कुछ वर्षों में डेढ़ लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।

  1. आयुष

  2. तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्‍थान स्‍थापित किए जाएंगे

  • प्रमाणन परिवेश के उच्‍च मानकों के लिए आयुष फार्मेसी और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्‍नयन करने तथा अधिक कुशल कार्मिक उपलब्‍ध कराने और पारंपरिक दवाओं के लिए साक्ष्‍य आधारित अनुसंधान, प्रशिक्षण और जागरुकता को बढ़ावा देने के लिए जामनगर में डब्‍ल्‍यू.एच.ओ. वैश्विक पारंपरिक चिकित्‍सा केन्‍द्र के उन्‍नयन का प्रस्‍ताव।

  1. पशुपालन

  • सरकार 20 हजार से अधिक पशु डॉक्‍टरों की उपलब्‍धता करेगी।

  • नि‍जी क्षेत्र में पशु रोग विशेषज्ञ और पैरा पशु शल्‍य महाविद्यालय, पशु अस्‍पताल, नैदानिक प्रयोगशालाओं और प्रजनन सुविधाओं के लिए ऋण संबद्ध पूंजी सब्सिडी सहायता योजना शुरू करने का प्रस्‍ताव।

  1. ऑरेंज इकोनॉमी

  • इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्‍नोलॉजी, मुम्‍बई को 15 हजार माध्‍यमिक विद्यालयों और पांच सौ महाविद्यालयों में ए.वी.जी.सी. कंटेंट क्रिएटर लैब (सी.सी.एल.) स्‍थापित करने में सहायता प्रदान करने का प्रस्‍ताव।

  1. शिक्षा

  • सरकार बड़े औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरीडोर के आसपास चुनौती मार्ग के माध्‍यम से पांच विश्‍वविद्यालय टाउनशिप का ‍निर्माण करने में राज्‍यों की सहायता करेगी।

  • वी.जी.एफ./पूंजीगत सहायता के माध्‍यम से प्रत्‍येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्‍थापना की जाएगी।

  1. पर्यटन

  • मौजूदा राष्‍ट्रीय होटल प्रबंधन और केटरिंग प्रौद्योगिकी परिषद का उन्‍नयन करते हुए राष्‍ट्रीय आतिथ्‍य संस्‍थान की स्‍थापना का प्रस्‍ताव।

  • आई.आई.एम. के सहयोग से हाईब्रिड मोड में मानकीकृत, उच्‍च गुणवत्‍ता वाले 12 सप्‍ताह के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के जरिए 20 पर्यटन स्‍थलों में 10 हजार गाइडों के कौशल उन्‍नयन के लिए प्रायोगिक योजना शुरू की जाएगी।

  • सांस्कृतिक, आध्‍यात्मिक और विरासत महत्‍व वाले सभी स्‍थानों के डिजिटल दस्‍तावेज तैयार करने के लिए नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड की स्‍थापना की जाएगी।

  1.  

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  4. विरासत और संस्‍कृति पर्यटन

  • लोथल, धौलावीरा, राखीगढ़ी, अदिचनाल्‍लूर, सारनाथ, हस्तिनापुर और लेह पैलेस जैसे 15 पुरातात्विक स्‍थलों को जीवंत और अनुभवजन्‍य सांस्‍कृतिक गंतव्‍य के रूप में विकसित करने का प्रस्‍ताव।

  1. खेल

  • अगले दशक में खेल-कूद के क्षेत्र में बदलाव लाने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्‍ताव।

  1. तीसरा कर्तव्‍यसबका साथसबका विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है और इसके लिए निम्‍नलिखित चार क्षेत्रों में लक्षित प्रयास करने की आवश्‍यकता है:-

  2. किसानों की आय बढ़ाना

  • किसानों की आय बढ़ाने के लिए मत्‍स्‍य पालन, पांच सौ जलाशयों और अमृत सरोवरों के एकीकृत विकास, पशुपालन,  उच्‍च मूल्‍य वाली कृषि को प्रोत्‍साहन दिया जाएगा।

  1. उच्‍च मूल्‍य कृषि

  2. सरकार उच्‍च मूल्‍य वाली फसलों की खेती समर्थन देगी जैसे:-

  • तटवर्ती इलाकों में नारियल, चंदन, कोको, काजू जैसे उच्‍च मूल्‍य वाली फसलों को सहायता प्रदान की जाएगी।

  • नारियल उत्‍पादन में प्रतिस्‍पर्धा बढ़ाने के लिए नारियल संवर्धन योजना का प्रस्‍ताव।

  • पूर्वोत्‍तर में अगर के पेड़ों और पर्वतीय क्षेत्रो में बादाम, अखरोट और खुमानी जैसे गिरीदार फलों को प्रोत्‍साहन दिया जाएगा।

  • वर्ष 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड के रूप में बदलने के लिए, भारतीय काजू और कोको के लिए समर्पित कार्यक्रम का प्रस्‍ताव।

  1. भारत-विस्‍तार

  • केन्‍द्रीय बजट में भारत-विस्‍तार का प्रस्‍ताव, जो बहुभाषीय ए.आई. टूल है और जिसे ए.आई. प्रणाली सहित कृषि संबंधी प्रणालियों के लिए, आई.सी.ए.आर. पैकेज सहित एग्रीस्‍टैक पोर्टल के रूप में एकीकृत किया गया है।

  1. मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य और ट्रॉमा केयर के लिए प्रतिबद्धता

  • उत्‍तर भारत में मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए निमहंस-टू की स्थापना की जाएगी।

  • रांची और तेजपुर में राष्‍ट्रीय मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थानों का क्षेत्रीय शीर्ष संस्‍थानों के रूप में उन्‍नयन किया जाएगा।

  1. पूर्वोदय राज्‍यों और उत्‍तर-पूर्व क्षेत्र पर ध्‍यान

  • दुर्गापुर में बेहतर संपर्क नोड के साथ एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक गलियारे के विकास, 5 पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में 5 पर्यटन स्‍थलों के निर्माण और 4000 ई-बसों के प्रावधान का प्रस्‍ताव।

  • अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, असम, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास के लिए नई योजना।

  1. 16वां वित्‍त आयोग

  • सरकार ने 16वें वित्‍त आयोग की सिफारिश के अनुसार वित्‍त आयोग अनुदान के रूप में वित्‍त वर्ष 2026-27 के लिए राज्‍यों को 1.4 लाख करोड़ रुपये उपलब्‍ध कराए।

  1.  

  2. भाग-2

  3. प्रत्‍यक्ष कर

  4. नया आय कर अधिनियम

  • नया आय कर अधिनियम, 2025, दिनांक 01 अप्रैल, 2026 से प्रभावी हो जाएगा।

  • सरलीकृत आय कर नियमावली और प्रपत्रों को शीघ्र ही अधिसूचित कर दिया जाएगा। नए फॉर्म को इस तरह से डिजाइन किया गया है ताकि, आम नागरिक आसानी से उसका अनुपालन कर सके।

  1. जीवन जीने की सुगमता

  • किसी साधारण व्‍यक्ति को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा अधिनिर्णीत ब्‍याज को आय कर से छूट दी जाएगी और इस मद में स्रोत पर काटा गया कर देय नहीं होगा।

  1. टी.सी.एसको तार्किक बनाना

  • विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर टी.सी.एस. दर को बिना किसी राशि निर्धारण के मौजूदा 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से कम करते हुए दो प्रतिशत करने का प्रस्‍ताव।

  • मानव श्रम आपूर्ति के लिए सरलीकृत टी.डी.एस. प्रावधानों से श्रम गहन कारोबारियों को लाभ होगा।

  • छोटे करदाताओं के लिए नई योजना का प्रस्‍ताव, जिसमें नियम आधारित स्‍वचालित प्रक्रिया से, कर-निर्धारण अधिकारी के समक्ष आवेदन दाखिल करने के स्‍थान पर कम अथवा शून्‍य कटौती प्रमाण-पत्र करना संभव हो सकेगा।

  • करदाताओं की सुविधा के लिए डिविडेंट, निवेश से प्रपत्र 15जी अथवा प्रपत्र 15एच स्‍वीकार करने के लिए सिंगल विंडो।

  • संशोधित रिटर्न के लिए समयसीमा मामूली शुल्‍क के भुगतान के साथ 31 दिसम्‍बर से बढ़ाकर 31 मार्च की गई।

  • कर रिटर्न फाइल करने के लिए अलग-अलग समय सीमा का प्रस्‍ताव।

  • किसी अनिवासी द्वारा अचल संपत्ति की बिक्री पर टी.डी.एस. की कटौती की जाने और टैन की आवश्‍यकता के बजाए निवासी क्रेता के पैन आधारित चालान के माध्‍यम से जमा कराए जा सकते हैं।

  • छोटे करदाताओं को अपनी विदेशी आय या संपत्ति की घोषणा के लिए एकमुश्‍त छह महीने की छूट की योजना।

  • जुर्माने और मुकद्दमेबाजी को तार्किक रूप देना।

  • आई.टी. आकलन और जुर्माने की कार्यवाही को सामान्‍य रूप से एकीकृत करने का प्रस्‍ताव है।

  • करदाताओं को अपनी पुन: आकलन कार्यवाही के बाद रिटर्न अपडेट कराने की अनुमति होगी।

  • आय का गलत विवरण देने पर अतिरिक्‍त आय कर के भुगतान के साथ छूट दी जा सकेगी।

  • आय कर अधिनियम के तहत मुकद्दमेबाजी की रूपरेखा को तार्किक बनाया गया है।

  1. सहकारिता

  • दूध, तिलहन, फल या सब्जियों की आपूर्ति में लगी प्राथमिक सहकारी संस्‍थाओं को पहले से उपलब्‍ध कटौती का विस्‍तार अब पशुचारे और बिनौले की आपूर्ति करने वालों तक भी किया गया है।

  • किसी अधिसूचित राष्‍ट्रीय सहकारी संघ द्वारा दिनांक 31 जनवरी 2026 तक कंपनियों में दिए गए उनके निवेश पर प्राप्‍त लाभांश आय पर तीन वर्ष की अवधि के लिए छूट देने का प्रस्‍ताव।

  1. भारत के विकास इंजन के रूप में आई.टीक्षेत्र को सहायता

  • सॉफ्टवेयर विकास सेवाओं, आई.टी. समर्पित सेवाओं, ज्ञान प्रक्रिया आउटसोर्सिंग सेवाओं और सॉफ्टवेयर विकास से संबंधित सेवाएं 15.5 प्रतिशत के एक समान सेफ हार्बर मार्जिन के तहत आएंगी।

  • आई.टी. सेवाओं के लिए सेफ हार्बर प्राप्‍त करने की सीमा को तीन सौ करोड़ रुपये बढ़ाकर दो हजार करोड़ रुपये किया जा रहा है।

  • ए.पी.ए. में शामिल होने वाली कम्‍पनी को उपलब्‍ध संशोधित विवरणी की सुविधा उसकी संबद्ध संस्‍थाओं को भी प्रदान की जाएगी।

  1. वैश्विक व्‍यापार और निवेश आकर्षित करना

  • किसी ऐसी विदेशी कंपनी के लिए 2047 तक कर मे रियायत दी जाएगी, जो भारत से डाटा केन्‍द्र सेवाओं का उपयोग करके वैश्विक तौर पर क्‍लाउड सेवाएं प्रदान करती है।

  • यदि, डाटा सेंटर सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी संबंधित कंपनी है तो उसे लागत पर 15 प्रतिशत का सेफ हार्बर भी प्रदान किया जाएगा।

  1. कर प्रशासन

  • भारतीय लेखांकन मानक में ही आय परिकलन और प्रकटन मानकों के लिए अपेक्षाएं शामिल करने के हेतू कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय और केन्‍द्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड की संयुक्‍त समिति गठित की जाएगी। वर्ष 2027-28 से आय परिकलन और प्रकटन मानकों पर आधारित प्रथक लेखांकन अपेक्षाओं को समाप्‍त कर दिया जाएगा।

  1.  

  2. अन्‍य कर प्रस्‍ताव

  • बायबैक के कराधान में परिवर्तन को इसलिए लाया गया कि प्रवर्तकों द्वारा बायबैक रूट का अनुचित उपयोग रोका जा सके। कॉरपोरेट प्रवर्तकों के लिए प्रभावी कराधान 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट के लिए 30 प्रतिशत होगा।

  • एल्‍कोहल युक्‍त लिकर, स्‍क्रैप और खनिजों के विक्रेताओं के लिए टीसीएस दरों को तर्कसंगत बनाते हुए 2 प्रतिशत किया जाएगा और तेंदु पत्‍ते पर 5 प्रतिशत की दर को घटाकर दो प्रतिशत किया जाएगा।

  • वायदा सौदों पर ऑप्‍शन प्रीमियम और ऑप्‍शन कार्यकलाप दोनों पर एसटीटी की मौजूदा 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर लगेगा।

  • मैट को अंतिम कर बनाए जाने का प्रस्‍ताव है, इसलिए 01 अप्रैल, 2026 से कोई और क्रेडिट संचय नहीं होगा। इस परिवर्तन के अनुरूप 15 प्रतिशत की मौजूदा मैट दर को कम करके 14 प्रतिशत किया जा रहा है।

  1. अप्रत्‍यक्ष कर :

  2. शुल्‍क सरलीकरण

  3. समुद्रीचमड़ा और वस्त्र उत्पाद

  • निर्यात हेतु सी-फूड उत्पादों के प्रसंस्करण हेतु इस्तेमाल किए गए विशेष घटकों के कर मुक्त निर्यात की सीमा को एफओबी वैल्यू के मौजूदा 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत किया जाएगा।

  • चमड़ा अथवा सिंथेटिक फूटवियर के निर्यात के लिए उपलब्ध कर मुक्त निर्यात, उसके विशेष उत्पादों के लिए भी अनुमत होगा।

ऊर्जा संक्रमण एवं सुरक्षा :

  • बैटरियों के लिए लीथियम-आयन सेलों के निर्माण हेतु इस्तेमाल में आने वाली पूंजीगत सामग्रियों के लिए मूलभूत सीमाशुल्क की छूट का विस्तार।

  • सोलर ग्लास के निर्माण में इस्तेमाल हेतु सोडियम एंटीमोनेट के आयात पर मूलभूत सीमाशूल्क से छूट मिलेगी।

न्यूक्लियर पावर:

  • न्यूक्लियर पावर परियोजनाओं के लिए आवश्यक सामग्रियों के आयात पर मौजूदा मूल-भूत सीमा शुल्क का वर्ष 2035 तक विस्तार किया जाएगा।

महत्वपूर्ण खनिज:

  • महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत सामग्रियों के आयात के लिए मूल-भूत सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी।

 

बायोगैस मिश्रित सीएनजी:

  • बायोगैस मिश्रित सीएनजी पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क के भुगतान की गणना के समय बायोगैस के पूरे मूल्य पर छूट दी जाएगी।

असैनिक एवं रक्षा विमानन:

  • असैनिक, प्रशिक्षण एवं अन्य विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जों पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी।

  • रक्षा क्षेत्र की ईकाइयों द्वारा रख-रखाव, मरम्मत अथवा अन्य आवश्यकताओं में इस्तेमाल किए जाने वाले विमान के पुर्जों के निर्माण हेतु आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी।

इलैक्ट्रॉनिक्स:

  • माइक्रोवेब ओवन के निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले विशेष पुर्जों पर मूलभूत सीमाशुल्क में छूट दी जाएगी।

विशेष आर्थिक क्षेत्र:

  • विशेष आर्थिक क्षेत्रों से लेकर घरेलू टैरिफ क्षेत्र में पात्र विनिर्माण संयंत्रों द्वारा विक्रय की सुविधा हेतु एक विशेष एकबारगी उपाए का प्रस्ताव किया गया है, जिसके लिए रियायती दरों का प्रस्ताव किया गया है। ऐसे विक्रय की मात्रा उनके निर्यात के निर्धारित अनुपात तक सीमित होगी।

जीवन की सुगमता:

  • व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए आयात की जाने वाली सभी कर योग्य सामग्रियों पर टैरिफ दर को 20 प्रतिशत के घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा।

  • 17 दवाओं/औषधियों पर मूलभूत सीमाशूल्क में छूट दी जाएगी।

  1. अतिरिक्त असाध्य रोगों के लिए दवाओं/औषधियों के व्यक्तिगत निर्यात को कर मुक्त किया जाएगा।

  2.  

सीमा-शुल्क सरलीकरण प्रक्रिया

वस्तुओं के सुगम और त्वरित संचालन में कम से कम हस्तक्षेप

विश्वास आधारित प्रणालियां

  • एईओ के रूप में परिचित टियर 2 और टियर 3 प्राधिकृत आर्थिक प्रचालकों के लिए शुल्क स्थगन अवधि को 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन किया गया है। पात्र विनिर्माणकर्ता और आयातकों के लिए भी समान शुल्क स्थगन सुविधा का प्रस्ताव।

  • सीमा शुल्कों पर बाध्यकारी अग्रिम नियम की वैधता अवधि को 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष किया गया।

  • कार्गों के समाशोधन के लिए अधिमान्य व्यवहार हेतु एईओ प्रमाणन का लाभ लेने के लिए सरकारी एजेंसियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

  • जिन वस्तुओं के आयात के लिए किसी अनुपालन की आवश्यकता नहीं है, विश्वस्त आयातक द्वारा प्रवेश बिल दायर करने और वस्तुओं के आगमन पर सीमा-शुल्क को उनके समाशोधन औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अपने आप सूचना मिल जाएगी।

  • सीमा-शुल्क भंडारण,ऱ स्व-प्रकटन, इलेक्ट्रॉनिक ट्रैकिंग और जोखिम आधारित लेखा-परीक्षा के साथ एक भंडार संचालक केंद्रित प्रणाली में बदला जाएगा।

 

व्यापर सुगमता

  • विभिन्न सरकारी एजेंसियों से कार्गों समाशोधन के लिए अनुमोदन प्रक्रिया को इस वित्त वर्ष के अंत तक एकल और परस्पर जुड़े डिजिटल विंडो के माध्यम से निर्बाध बनाया जाएगा। 

  • खाद्य, औषधि, पौध, पशु और अन्य वन्य जीव उत्पादों, जो निषिद्ध कार्गों का 70 प्रतिशत होता है, के समाशोधन शामिल प्रक्रियाओं को अप्रैल 2026 तक संचालन रूप दिया जाएगा।

  • जिन वस्तुओं के लिए कोई अनुपालन आवश्यकता नहीं है, उन वस्तुओं को आयातक द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करने के तत्काल बाद समाशोधित किया जाएगा।

  • सभी सीमा-शुल्क प्रक्रियाओं के लिए एकल, एकीकृत और मापनीय प्लेटफॉर्म के रूप में सीमा-शुल्क एकीकृत प्रणाली 2 वर्षों में शुरु की जाएगी।

  • गैर-सन्निविष्ट स्कैनिंग और उन्नत इमेजिंग तथा जोखिम आकलन हेतु एआई प्रौद्योगिकी उपयोग सभी प्रमुख पत्तनों में कंटेनर को स्कैन करने के उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

 

निर्यात के नए अवसर

  • विशेष आर्थिक क्षेत्र अथवा बीच समुद्र में मछ्ली पकड़ने वाले भारतीय नौकाओं द्वारा पकड़ी गई मछली को शुल्क मुक्त किया जाएगा। विदेशी पत्तन पर ऐसी मछली के उतराई को निर्यात वस्तु के रूप में माना जाएगा।

  • ई-कॉमर्स के माध्यम से वैश्विक बाजार में पहुंच के लिए भारत के छोटे व्यवसाय, कारीगरों और स्टार्टअप की आकांक्षाओं को सहायता प्रदान करने के लिए कुरियर निर्यात प्रति खेप 10 लाक रुपए की वर्तमान मूल्य सीमा को पूरी तरफ से हटाया जाएगा।

  • अंतरराष्ट्रीय यात्रा के दौरान सामान निकासी से जुड़े प्रावधानों के संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। संशोधित नियमों से वर्तमान समय की यात्रा संबंधी वास्तविकताओं के अनुरूप शुल्क मुक्त भत्ते में वृद्धि होगी।

  1. सभी बकायों का भुगतान करके विवादों का समाधान चाहने वाले ईमानदार करदाता अतिरिक्त राशि का भुगतान करके अपने मामले बंद कर सकेंगे।

केंद्रीय बजट 2026-27 का सारांश

प्रविष्टि तिथि: 01 FEB 2026 1:10PM by PIB Delhi


युवा शक्ति संचालित बजट गरीब, शोषित व वंचित समुदायों पर विशेष ध्यान के सरकार के संकल्प पर जोर देता है

कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट, जो तीन कर्तव्यों से प्रेरित है

पहला कर्तव्य है आर्थिक वृद्धि को तेज करना व बनाए रखना

दूसरा कर्तव्य है लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना

तीसरा कर्तव्य सबका साथ सबका विकास के विज़न से जुड़ा है

नया आयकर अधिनियम, 2025; अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा, सरलीकृत आयकर नियम और फॉर्म जल्द ही अधिसूचित किए जाएगे

जुर्माना और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाने के लिए प्रक्रियाओं की गुणत्मकता को कम करना जरूरी

कुछ प्राथमिक सहकारी समितियों को प्राप्त रियायत को पशु खाद्य और कपास बीच तक विस्तारित किया जाएगा

15.5 प्रतिशत साझा सेफ हार्बर मार्जिन के साथ सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं की एकल श्रेणी

आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर सुविधा हेतु 300 करोड़ रुपये की सीमा को बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये किया गया

विदेशी क्लाउड सेवा प्रदात्ता को 2047 तक टैक्स हॉलीडे दिया जाएगा

अनुमान आधार पर टैक्स देने वाले सभी अप्रवासियों को न्यूनतम वैकल्पिक टैक्स से छूट

कर निर्धारण वर्ष 2027-28 से आईसीडीएस पर आधारित पृथक लेखा जरूरत को समाप्त करने के लिए मंत्रालय इंडएएस को संशोधित करने हेतु संयुक्त समिति का गठन करेगा

वायदा सौदों पर एसटीटी को वर्तमान के 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत किया जाएगा

बैटरी के लिथियम आयन सेल के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले पूंजीगत वस्तओं को प्राप्त मूल सीमा शुल्क छूट को विस्तार दिया जाएगा

महत्वपूर्ण खनिज के प्रसंस्करण के लिए आवश्यक पूंजीगत वस्तु के आयात के सीमा शुल्क पर छूट दी जाएगी

व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात की जाने वाली वस्तुओं पर लगने वाले टैरिफ दर को 20 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया जाएगा

17 औषधियों या दवाओं पर मूल सीमा शुल्क से छूट दी जाएगी

बायोफॉर्मा शक्ति, जिसका कुल परिव्यय 10,000 करोड़ रुपये है बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए इको-सिस्टम का निर्माण करेगी

भविष्य के चैम्पियन के रूप में एमएसएमई बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई विकास निधि का प्रस्ताव

सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बीई-2025-26 के 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वित्त वर्ष 2026-27 में 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया

पर्यावरण की दृष्टि से सतत यात्री प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए शहरों के बीच सात उच्च गति रेल गलियारे ‘वृद्धि परिवहन सम्पर्क’ के रूप में विकसित किए जाएंगे

भारतीय रचना प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई 15,000 उच्च माध्यमिक विद्यालयों तथा 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेट निर्माण लैब की स्थापना करेगा

उच्च शिक्षा और एसटीईएम संस्थानों में छात्राओं की चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास का निर्माण किया जाएगा

सरकार ने घोषणा करते हुए कहा कि आईआईएम की साझेदारी में, हाईब्रिड मोड में एक मानक, उच्च गुणवत्ता वाले 12-सप्ताह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के माध्यम से 20 पर्यटन स्थलों में 10,000 गाइड के कौशल का उन्नयन किया जाएगा

खेलो इंडिया मिशन अगले दशक में खेल क्षेत्र को परिवर्तित कर देगा

एक बहु-भाषी एआई उपकरण के रूप में भारत-विस्तार कृषि पोर्टलों और कृषि तौर-तरीकों पर आईसीएआर पैकेज को एआई प्रणालियों के साथ एकीकृत करेगा

विदेशी यात्रा पैकेज पर वर्तमान के 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है

सीमा शुल्क भंडार गृह रूपरेखा का बदलाव भंडार गृह संचालक केन्द्रित प्रणाली के किया जाएगा, जिसमें स्व-घोषणा, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और जोखिम आधारित लेखा की व्यवस्था होगी

वित्त वर्ष के अंत तक विभिन्न सरकारी एजेंसियों से कार्गो निकासी मंजूरियों को एकल और आपस में जुड़े डिजिटल विंडो के जरिए निर्बाध रूप से प्रसंस्कृत किया जाएगा

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 को संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। बजट का सरांश 

भाग-क

 

वित्त मंत्री ने कहा कि माघ पूर्णिमा के पवित्र अवसर और गुरु रविदास की जन्म जयंती के मौके पर कर्तव्य भवन में तैयार हुआ यह पहला बजट 3 कर्तव्यों से प्रेरित हैः

पहला कर्तव्य है- उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ाते हुए तथा उथल-पुथल भरी वैश्विक स्थिति के प्रति सहनीयता का निर्माण करके आर्थिक वृद्धि को तेज करना तथा इसे बनाए रखना ।

दूसरा कर्तव्य है- लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनके क्षमता का निर्माण करना; भारत की समृद्धि के मार्ग में उन्हें मजबूत भागीदार बनाना।

तीसरा कर्तव्य सबका साथ-सबका विकास के विज़न से जुड़ा है। यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र के पास संसाधनों, सुविधाओं तथा सार्थक भागीदारी के लिए अवसरों तक पहुंच की सुविधा हो।

युवा शक्ति संचालित बजट, जो गरीब, शोषित और वंचित समुदायों के प्रति सरकार के संकल्प पर जोर देता है, पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश विकसित भारत हासिल करने की दिशा में विश्वास से भरे कदम उठाता रहेगा, समावेश के साथ महत्वाकांक्षा का संतुलन करेगा। बढ़ते व्यापार और पूंजी की जरूरतों के साथ एक बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में भारत को वैश्विक बाजारों के साथ मजबूती से एकीकृत होना चाहिए, निर्यात में वृद्धि करनी चाहिए तथा लम्बी अवधि के स्थिर निवेश को आकर्षित करना चाहिए।

उन्होंने उल्लेख किया कि देश बाहरी वातावरण का सामना कर रहा है, जिसमें व्यापार और बहु-पक्षवाद को नुकसान हुआ है तथा संसाधनों और आपूर्ति श्रृंखलाओं तक पहुंच में बाधाएं आई है। नई तकनीकें निर्माण प्रणालियों में बदलाव ला रही है, जबकि जल, ऊर्जा तथा महत्वपूर्ण खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

वित्त मंत्री ने कहा कि 2025 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद, 350 से ज्यादा सुधारों की शुरूआत की गई है। इनमें जीएसटी सरलीकरण, श्रम संहिताओं की अधिसूचना, अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों का युक्तिकरण शामिल है। उच्च स्तरीय समितियां गठित की गई है और इसके साथ नियम समाप्त करने तथा अनिपालन जरूरतों को कम करने के लिए केन्द्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है।

पहला कर्तव्य आर्थिक वृद्धि को तेज करना व बनाए रखना है। पहले कर्तव्य के तहत छह क्षेत्रों में हस्तक्षेप कार्यक्रमों का प्रस्ताव दिया गया है।

  1. 7 रणनीतिक और सीमा क्षेत्रों में विनिर्माण का विस्तार करना
  2. विरासत औद्योगिक क्षेत्रों का पुनर्निर्माण करना
  3. चैम्पियन एमएसएमई बनाना
  4. अवसंरचना पर सशक्त बल देना
  5. लम्बी अवधि की ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता को सुनिश्चित करना
  6. नगर आर्थिक क्षेत्र विकसित करना

 

वैश्विक बायोफॉर्मा निर्माण केन्द्र के रूप में भारत को विकसित करने के लिए बायोफॉर्मा शक्ति, जिसका कुल परिव्यय 10,000 करोड़ रुपये है, बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए अगले पांच वर्षों में इको-सिस्टम का निर्माण करेगी। रणनीति में शामिल है- तीन नए राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर) और सात वर्तमान संस्थानों के उन्नयन के साथ बायोफॉर्मा पर केन्द्रित नेटवर्क। यह 1000 मान्यता प्राप्त भारत क्लिनिक जांच स्थलों के एक नेटवर्क का निर्माण करेगा। वैश्विक मानक हासिल करने तथा एक समर्पित वैज्ञानिक समीक्षा कैडर व विशेषज्ञों के माध्यम से समयावधि मंजूर करने के लिए केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को मजबूत किया जाएगा।

श्रम गहन वस्त्र क्षेत्र के लिए, पांच उपभागों के साथ एकीकृत कार्यक्रम का प्रस्ताव किया गया हैः

रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर, मानव निर्मित फाइबर और नए युग के फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना; मशीनरी, प्रौद्योगिकी उन्नयन और सामान्य परीक्षण एवं प्रमाणन केन्द्रों के लिए पूंजीगत सहायता के साथ पारम्परिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना; मौजूदा योजनाओं को एकीकृत एवं सुदृढ़ करने और बुनकरों एवं कारीगरों के लिए लक्षित सहायता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम; वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ वस्त्र और परिधानों को बढ़ावा देने के लिए टेक्स-इको पहल; उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से वस्त्र कौशल इको-सिस्टम के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 ।

विकास के प्रमुख इंजन के रूप में एमएसएमई को मान्यता देते हुए, 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई विकास निधि का प्रस्ताव दिया गया है ताकि भविष्य के चैम्पियनों का निर्माण किया जा सके और निर्धारित विशेषताओं के आधार पर उद्योगों को प्रोत्साहन दिया जा सके।

वित्त मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में गुणात्मक वृद्धि हुई है जो वित्त वर्ष 2014-15 के 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर बीई 2025-26 में 11.2 लाख करोड़ रुपये हो गई है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि इस गति को बनाए रखने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा।

कार्गो के पर्यावरण रूप से टिकाऊ आवाजाही को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने नए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर का प्रस्ताव दिया, जो पूर्व में दानकुनी को पश्चिम के सूरत से जोड़ेगाअगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों (एनडब्ल्यू) का संचालन प्रारंभ होगा। इसकी शुरूआत ओड़िशा में एनडब्ल्यू 5 से की जाएगी, जो खनिज की प्रचुरता वाले क्षेत्र तालचर और अंगुल व कलिंग नगर जैसै औद्योगिक केन्द्र को पारादीप और घामरा पत्तनों से जोड़ेगा। आवश्यक कार्यबल के विकास के लिए क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्रों के रुप में प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना की जाएगी।

 

इस बजट का लक्ष्य शहरी आर्थिक क्षेत्रों के विशिष्ट विकास कारकों के आधार पर, शहरी आर्थिक क्षेत्रों (सीईआर) का मानचित्रण करके समूहों की आर्थिक स्थिति का उपयोग करने के लिए शहरों की क्षमता को और अधिक बढ़ाना है। सुधार-सह-परिणाम आधारित वित्तपोषण तंत्र से चुनौती मोड के माध्यम से उनकी योजनाओं को लागू करने में प्रति सीईआर 5 हजार करोड़ रुपये का आवंटन का प्रस्ताव दिया गया है।

पर्यावरणीय रूप से सतत् यात्री प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए, हम शहरों के बीच विकास संयोजक के रूप में सात उच्च-गति रेल कॉरीडोर विकसित किए जाएंगे-

  1. मुंबई-पुणे
  2. पुणे-हैदराबाद
  3. हैदराबाद-बेंगलुरु
  4. हैदराबाद-चेन्नई
  5. चेन्नई-बेंगलुरु
  6. दिल्ली-वाराणसी
  7. वाराणसी-सिलीगुड़ी।

 

वित्त मंत्री ने कहा कि दूसरा कर्तव्य आकांक्षाओं को पूरा करना और क्षमता निर्माण करना है। सरकार के सतत् और सुधार उन्मुख प्रयासों के जरिए 25 करोड़ व्यक्ति गरीबी की रेखा से ऊपर उठ गए है।

चिकित्सा पर्यटन सेवाओं के लिए भारत को एक वैश्वक केन्द्र के रूप में बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री ने राज्यों को सहायता देने के लिए एक योजना का प्रस्ताव दिया, जिसके तहत राज्य निजी क्षेत्र के सहयोग से पांच क्षेत्रीय चिकित्सा केन्द्र स्थापित कर सकते है। यह केन्द्र एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल भवन के रूप में कार्य करेंगे, जिनमें चिकित्सा, शिक्षा और शोध करने की सुविधाएं मौजूद होगी। इन केन्द्रों में आयुष केन्द्र, चिकित्सा केन्द्र, पर्यटन केन्द्र एवं स्वास्थ्य जांच, बाद के देखभाल और पुनर्वास की अवसंरचना होंगी। यह केन्द्र डॉक्टर और एएचपी के साथ-साथ स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए विभिन्न नौकरियों का विकल्प प्रस्तुत करेगे।

पशु चिकित्सा पेशेवरों की संख्या 20,000 तक करने के लिए ऋण से जुड़े पूंजीगत सब्सिडी का प्रस्ताव दिया गया है ताकि निजी क्षेत्र में पशु चिकित्सा और पारावेट कॉलेज, वेटेनरी, पशु चिकित्सालय, जांच प्रयोगशाला, प्रजनन सुविधा की स्थापना के लिए समर्थन दिया जा सके।

भारत का एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग और कॉमिक्स (एवीजीसी) क्षेत्र एक बढ़ता हुआ उद्योग है। अनुमान है कि 2030 तक इस क्षेत्र में 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। वित्त मंत्री ने भारतीय रचना प्रौद्योगिकी संस्थानमुंबई को समर्थन देने का प्रस्ताव दिया, ताकि संस्थान 15,000 उच्च माध्यमिक विद्यालयों तथा 500 कॉलेजों में एवीजीसी कंटेट निर्माण लैब की स्थापना कर सके।

उच्च शिक्षा एसटीईएम संस्थानों में अध्ययन और प्रयोगशाला कार्य की लम्बी अवधि छात्राओं के लिए चुनौती पैदा करती है। वीजीएफ/पूंजीगत समर्थन के जरिए प्रत्येक जिले में लड़कियों के लिए एक छात्रावास की स्थापना की जाएगी।

वित्त मंत्री ने वर्तमान के राष्ट्रीय होटल प्रबंधन और केटररिंग प्रौद्योगिकी परिषद का उन्नयन करके राष्ट्रिय आतिथ्य संस्थान की स्थापना करने का प्रस्ताव रखा। यह शिक्षा जगत, उद्योग जगत और सरकार के बीच एक सेतु के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने आगे 20 पर्यटनों स्थलों में 10,000 गाइडों के कौशल का उन्नयन करने के लिए एक पायलट योजना का प्रस्ताव रखा। इसके लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान के साथ साझेदारी में हाईब्रिड मोड में 12 सप्ताह के एक मानक उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के जरिए गाइडों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

खेलो इंडिया कार्यक्रम के जरिए खेल प्रतिभाओं को मार्गदर्शन व सहायता प्रदान करने के कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए वित्त मंत्री ने अगले दशक में खेल क्षेत्र को परिवर्तित करने के लिए खेलो इंडिया मिशन के शुभारंभ का प्रस्ताव रखा।। यह मिशन निम्न सुविधाएं प्रदान करेगा। क.) प्रशिक्षण केन्द्रों के समर्थन से प्रतिभा विकास के लिए एकीकृत तरीका ख.) कोच और सहायककर्मियों का प्रणालीगत विकास ग.) खेल विज्ञान और प्रौद्योगिकी का एकीकरण घ.) खेल संस्कृति को बढ़ावा देने तथा मंच प्रदान करने के लिए प्रतियोगिताएं और लीग ड.) प्रशिक्षण और प्रतियोगिता के लिए खेल अवसंरचना का विकास।

 

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट का तीसरा कर्तव्‍य जो सबका साथसबका विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है, यह सुनिश्चित करता है कि किसानों की आय में वृद्धि होदिव्‍यांगजन सशक्‍त बनेंमानसिक स्‍वास्‍थ्‍य और ट्रॉमा केयर तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कमजोर समूहों का सशक्तिकरण हो,  विकास और रोजगार के अवसरों में तेजी लाकर पूर्वोदय राज्‍यों और पूर्वोत्तर क्षेत्र की ओर ध्‍यान केंद्रित हो।

वित्त मंत्री ने एक भाषीय टूल - भारत विस्‍तार (कृषि संसाधनों तक पहुंच के लिए वर्चुअल एकीकृत प्रणाली)  – का प्रस्‍ताव किया जो एक बहुभाषीय एआई टूल है और जिसे एआई प्रणाली सहित कृषि संबंधी प्रणालियों के लिए आईसीएआर पैकेज सहित एग्रीस्‍टैक पोर्टल के रूप में एकीकृत किया गया है। इससे कृषि उत्‍पादकता में वृद्धि होगीकिसानों को उचित निर्णय लेने में सक्षम बनाएगा और अनुकूल परामर्श सहायता प्रदान करते हुए जोखिम को कम करेगा।

लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता को आगे बढ़ाते हुए,  संवर्धित और नवाचार वित्तपोषण के माध्‍यम से क्‍लस्‍टर स्‍तरीय संगठनों के भीतर सामुदायिक स्‍वामित्‍व वाले खुदरा आउटलेट के रूप में स्‍व-सहायता उद्यम (शी) मार्ट स्‍थापित किए जाएंगे।

वित्त मंत्री ने मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य और ट्रॉमा केयर पर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए निमहांस-2 की स्‍थापना की घोषणा की और रांची तथा तेजपुर में राष्‍ट्रीय मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थानों को शीर्ष क्षेत्रीय  संस्‍थानों के रूप में अपग्रेड करने की बात कही।

वित्त मंत्री ने दुर्गापुर में बेहतर संपर्क नोड के साथ एकीकृत पूर्वी तट औद्योगिक कॉरीडोर के विकास, 5 पूर्वोदय राज्‍यों में 5 पर्यटन स्‍थलों के निर्माण और 4000 ई-बसों के प्रावधान का प्रस्‍ताव रखा। उन्‍होंने अरुणाचल प्रदेश, सिक्किमअसममणिपुरमिजोरम और त्रिपुरा में बौद्ध सर्किट के विकास हेतु एक योजना का प्रस्‍ताव रखा। इस योजना में मंदिरों और मठों का संरक्षणतीर्थस्‍थल भाषांतरण केंद्रसंपर्क एवं तीर्थ यात्रियों की सुविधाएं शामिल होंगी।

राजकोषीय समेकन

ऋण से जीडीपी अनुपात संशोधित अनुमान 2025-26 में जीडीपी के 56.1 प्रतिशत की तुलना मेंबजट अनुमान 2026-27 में जीडीपी के 55.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। गिरता हुआ ऋण और जीडीपी अनुपात धीरे-धीरे ब्‍याज भुगतान पर व्‍यय को कम करके प्राथमिक क्षेत्र के व्‍यय के लिए संसाधनों को मुक्‍त करेगा। संशोधित अनुमान 2025-26 मेंराजकोषीय घाटे का अनुमान जीडीपी के 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2025-26 के बजट अनुमान के बराबर है। ऋण समेकन की नई राजकोषीय दूरदर्शिता के अनुरूपबजट अनुमान 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

 

संशोधित अनुमान 2025-26

गैर-ऋण प्राप्तियों का  संशोधित अनुमान 34 लाख करोड़ रुपये है। जिनमें से केंद्र की निवल कर प्राप्तियां 26.7 लाख करोड़ रुपये है। कुल व्‍यय का संशोधित अनुमान 49.6 लाख करोड़ रुपये है जिनमें से पूंजीगत व्‍यय लगभग 11 लाख करोड़ रुपये है।

बजट अनुमान 2026-27

वर्ष 2026-27 में गैर-ऋण प्राप्तियां और कुल व्‍यय का अनुमान क्रमश: 36.5 लाख करोड़ रुपये और 53.5 लाख करोड़ रुपये है। केंद्र की निवल कर प्राप्तियों का अनुमान 28.7 लाख करोड़ रुपये है। राजकोषीय घाटे के वित्तपोषण हेतुदिनांकित प्रतिभूतियों से निवल बाजार उधारी का अनुमान 11.7 लाख करोड़ रुपये है। शेष वित्तपोषण छोटी बचतों और अन्‍य स्रोतों से आने की संभावना है। सकल बाजार उधारी का अनुमान 17.2 लाख करोड़ रुपये है।  

 

भाग-

प्रत्यक्ष कर

प्रत्यक्ष करों में आम बजट 2026-2027 में कई नए सुधार प्रस्तावित हैं। नया आयकर अधिनियम 2025 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। इसके अतिरिक्त, सरलीकृत आयकर नियमावली और प्रपत्रों को शीघ्र ही अधिसूचित कर दिया जाएगा। प्रपत्रों को इस प्रकार पुनः डिजाइन किया गया है कि आम नागरिक इसे बिना किसी कठिनाई के इसका अनुपालन कर सके।

टीसीएस दरों में कटौती भी प्रस्तावित है। विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर बिना किसी राशि निर्धारण के मौजूदा प्रतिशत और 20 प्रतिशत से कम करते हुए प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अतिरिक्त, शिक्षा प्राप्त करने और चिकित्सा उद्देश्यों के के लिए उदारीकृत धनप्रेषण योजना (एलआरएसके अतंर्गत टीसीएस दर को प्रतिशत से कम करके प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है।

कार्यबल सेवाओं की आपूर्ति को टीडीएस के प्रयोजनार्थ विशिष्ट रूप से संविदाकारों को भुगतान के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। इन सेवाओं पर टीडीएस की दर प्रतिशत अथवा प्रतिशत मात्र होगी। छोटे करदाताओं के लिए एक योजना का प्रस्ताव है जिसमें नियम आधारित स्वचालित प्रक्रिया सेकर निर्धारण अधिकारी के समक्ष आवेदन दाखिल करने के स्थान पर कम अथवा शून्य कटौती प्रमाण-पत्र प्राप्त करना संभव हो सकेगा। इसके अतिरिक्त, एक सांकेतिक शुल्क के भुगतान पर विवरणियों को संशोधित करने के लिए उपलब्ध समय को 31 दिसम्बर से 31 मार्च तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अतिरिक्त, कर विवरणियों को दाखिल करने के लिए अगल-अलग समय-सीमा रखने का भी प्रस्ताव है।

छात्रोंयुवाओं पेशेवरोंतकनीकी कर्मचारियोंअन्यत्र चले गए अनिवासी भारतीयों और ऐसे अन्य छोटे करदाताओं की व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने के लिएइन करदाताओं के लिए एक निश्चित आकार के नीचे आय अथवा परिसंपत्ति को प्रकट करने के लिए माह की विदेशी परिसंपत्ति प्रकटीकरण योजना शुरू करने का प्रस्ताव है।

दंड और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाना

दंड और अभियोजन को युक्तिसंगत बनाने के लिए आम बजट 2026-27 में  कार्यवाहियों की विविधता कम करने का प्रस्ताव रखा गया है। कर निर्धारण एवं दंड कार्यवाहियों को एक सामान्य आदेश के माध्यम से एकीकृत किया जाएगा। इसके अतिरिक्तपूर्व-भुगतान की मात्रा 20 प्रतिशत से कम करके 10 प्रतिशत की जाएगी और इसकी गणना केवल मुख्य क्रमांक पर होती रहेगी। मुक्दमेबाजी को कम करने के लिए एक अतिरिक्त उपाय के रूप में करदाता को संगत वर्ष के लिए लागू दर के अतिरिक्त 10 प्रतिशत कर दर के साथ विवरणी को पुनर्निर्धारण कार्यवाहियों के पश्चात भी अद्यतन करने की अनुमति दी जाएगी।

बजट में कम कर की सूचना एवं गलत सूचना देने के मामलों मेंदंड और अभियोजन से उन्मुक्ति प्रावधान को विस्तारित करने का प्रस्ताव है। ऐसे मामलों में करदाता को देय कर और ब्याज के अलावा अतिरिक्त आयकर के रुप में कर राशि के 100 प्रतिशत का भुगतान करना अपेक्षित होगा। इसके अतिरिक्त आयकर अधिनियम के अतंर्गत अभियोजन ढ़ांचे को युक्तिसंगत बनाने का प्रस्ताव रखा गया है। लेखा बहियों और दस्तावेजों को प्रस्तुत न करना तथा वस्तु रुप में भुगतान के मामले में टीडीएस का भुगतान करने की आवश्यकता अपराध नहीं होगी। 20 लाख रुपये से कम के सकल मूल्य वाली अचल विदेशी परिसम्पत्ति का गैर-प्रकटीकरण करने पर फिलहाल कोई दंड नहीं है। दिनांक 01.10.2024 की पुरानी तिथि से प्रभावी उनको अभियोजन से उन्मुक्ति का प्रस्ताव रखा गया है।

सहकारिता

श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में अपने बजट भाषण में कहा किअपने सदस्यों द्वारा जुटाए या उत्पादित दुग्धतिलहनफल अथवा सब्जियों की आपूर्ति में संलग्न प्राथमिक सहकारी समितियों के लिए कटौती की पहले से ही अनुमति हैअब उनके सदस्यों के लिए उत्पादित पशु चारा और कपास के लिए बीज की आपूर्ति को इस कटौती में शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया है। नई कर व्यवस्था के अंतर्गत अंतर-सहकारी समिति लाभांश आय को इसके सदस्यों में आगे संवितरण की सीमा तक कटौती के रूप में अनुमति दिए जाने का प्रस्ताव है। किसी अधिसूचित राष्ट्रीय सहकारी संघ द्वारा दिनांक 31.01.2026 तक कंपनियों में किए गए उनके निवेश पर प्राप्त लाभांश आय पर वर्ष की अवधि के लिए छूट देने का भी प्रस्ताव है। यह छूट केवल तभी प्रदान की जाएगी जब उक्त लाभांश को इसके सदस्य सहकारी समितियों में आगे वितरण किया जाएगा।

भारत के विकास इंजन के रूप में आईटी क्षेत्र को सहायता

भारत की विकास यात्रा में आईटी सेक्टर के महत्व को रेखांकित करते हुए बजट में सॉफ्टवेयर विकास सेवाओंआईटी समर्पित सेवाओंज्ञान प्रक्रिया आउटसोर्सिंग सेवाओं और सॉफ्टवेयर विकास से संबंधित संविदागत अनुसंधान और विकास सेवाओं को उन पर लागू 15.5 प्रतिशत के एक समान सेफ हार्बर मार्जिन के साथ सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं की एकल श्रेणी के अंतर्गत सम्मिलित किए जाने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्तआईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर प्राप्त करने की सीमा को 300 करोड़ रुपये से पर्याप्त रुप से बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपये किए जाने का प्रस्ताव है। आईटी सेवाओं के लिए सेफ हार्बर का अनुमोदन एक स्वचालित नियम आधारित प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा और एक बार किसी आईटी कम्पनी द्वारा इसके लिए आवेदन करने पर कंपनी की इच्छानुसार इसी सेफ हार्बर को वर्षों की अवधि के लिए जारी रखा जा सकता है।

अग्रिम मूल्य निर्धारण करार (एपीएकरने की इच्छुक आईटी सेवा कंपनियों के लिए आईटी सेवाओं हेतु एकपक्षीय एपीए प्रक्रिया को तेज करने का प्रस्ताव किया गया हैजिसे दो वर्ष की अवधि के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। करदाताओं के अनुरोध पर वर्ष की अवधि को आगे महीने के लिए बढ़ाया जा सकता है। एपीए में शामिल होने वाली कंपनी को उपलब्ध संशोधित विवरणी की सुविधा उसकी संबद्ध संस्थाओं को भी प्रदान किए जाने का प्रस्ताव है।

वैश्विक व्यापार और निवेश आकर्षित करना

संसद में आम बजट 2026-27 प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसी विदेशी कंपनी के लिए वर्ष 2047 तक कर रियायत प्रदान करने का प्रस्ताव है जो भारत से डाटा केन्द्र सेवाओं का उपयोग करके वैश्विक स्तर पर क्लाउड सेवाएं प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि यदि डाटा सेंटर सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी एक संबंधित कंपनी है तोउस लागत पर 15 प्रतिशत का सेफ हार्बर प्रदान का भी प्रस्ताव रखा गया है। इसके अतिरिक्तइलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण के लिए इनवॉयस बैल्यू के प्रतिशत के प्रॉफिट मार्जिन पर किसी बांडेड वेयरहाउस में कंपोनेंट वेयरहाउस के लिए अनिवासियों को सेफ हार्बर प्रदान करने का प्रस्ताव है। लगभग 0.7 प्रतिशत का परिणामी कर प्रतिस्पर्धी क्षेत्राधिकार के मुकाबले काफी कम होगा।

भारत में टोल विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए ऐसे किसी अनिवासी को आयकर से वर्षों के लिए छूट प्रदान करने का प्रस्ताव रखा गया है जो बॉन्डेड क्षेत्र में किसी टोल विनिर्माता को पूंजीगत वस्तुएंउपकरण अथवा टूलिंग उपलब्ध कराता  है। वैश्विक प्रतिभा के विशाल पूल को भारत में लम्बी अवधि के लिए काम करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए अधिसूचित योजनाओं के अतंर्गत वर्षों की प्रवास अवधि के लिए अनिवासी विशेषज्ञ की वैश्विक (गैर-भारत स्रोतआय के लिए छूट प्रदान करने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त उन सभी अनिवासियों को न्यूनतम वैकल्पिक कर (एमएटीसे छूट प्रदान की जाएगीजो अनुमानित आधार पर कर का भुगतान करते हैं।

 

कर प्रशासन

--------

सिविल और रक्षा विमानन क्षेत्र में सिविलियन, प्रशिक्षण और अन्य एयरक्राफ्ट के विनिर्माण के लिए अपेक्षित घटकों और पुर्जों पर मूल सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी और रक्षा क्षेत्र इकाइयों द्वारा अनुरक्षण, मरम्मत अथवा ओवरहॉल जरूरतों में प्रयोग किए जाने वाले विमानों के पुर्जों के विनिर्माण के लिए आयातित कच्चे माल पर मूल सीमा शुल्क में छूट प्रदान की जाएगी।

          इसके अलावा विशेष एक बारगी उपाय के रूप में विशेष आर्थिक क्षेत्र में पात्र विनिर्माण इकाइयों द्वारा रियायती शुल्क दरों पर घरेलू प्रशुल्क क्षेत्र (डीटीए) को बिक्री की सुविधा प्रदान करने की पेशकश की गई  है।

          जीवन जीने की सुगमता बढ़ाने के लिए वित्त मंत्री ने कहा कि निजी उपयोग के लिए सभी शुल्क योग्य आयातित वस्तुओं पर प्रशुल्क दर को 20 प्रतिशत से कम करते हुए 10 प्रतिशत किया जाएगा। 17 औषधियों अथवा दवाओं पर मूल सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। उपचार में प्रयुक्त औषधियों, दवाओं और विशेष चिकित्सा प्रयोजन खाद्य (एफएसएमपी)  के निजी आयातों पर शुल्क से छूट के प्रायोजनार्थ 7 अतिरिक्त असाधारण रोगों को जोड़ा जाएगा।

सीमा शुल्क प्रक्रिया

        वस्तुओं के सुगम और त्वरित संचलन के लिए सीमा शुल्क प्रक्रियाओं में कम से कम हस्तक्षेप होगा। इसके अलावा टियर 2 और टियर 3 प्राधिकृत प्रचालकों जिन्हें एईओ कहा जाता है, के लिए शुल्क स्थगन अवधि को 15 दिन से बढ़ाकर 30 दिन किया जाएगा। पात्र विनिर्माताओं – आयातकों को भी यही सुविधा प्रदान की जाएगी। सीमा शुल्कों पर बाध्यकारी अग्रिम नियम की वैधता अवधि को वर्तमान 3 वर्ष  से बढ़ाकर 5 वर्ष किये जाने  का प्रस्ताव है। सरकारी एजेंसियों को उनके कार्गो के समाशोधन में अधिमान्य व्यवहार हेतु एईओ प्रत्यायन का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

          बजट में सीमा शुल्क भंडारण फ्रेमवर्क को स्व-प्रकटन, इलेक्ट्रॉनिक  ट्रेकिंग और जोखिम आधारित लेखा परीक्षा के साथ भंडार संचालक – केंद्रित प्रणाली में बदला जाएगा।

व्यापार करने की सुगमता

        व्यापार करने की सुगमता के लिए विविध प्रकार के कदम उठाए गए हैं। उदाहरण के लिए विभिन्न सरकारी एजेंसियों से कार्गों समाशोधन के लिए अपेक्षित अनुमोदनों की प्रक्रिया को इस वित्त वर्ष के अंत तक एकल और परस्पर जुड़े हुए डिजिटल विंडो के माध्यम से निर्बाध बनाया जाएगा। जिन वस्तुओं के लिए किसी अनुपालन की अपेक्षा नहीं है, उन वस्तुओं को आयातक द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करने के तत्काल बाद सीमा शुल्क द्वारा समाशोधित किया जाएगा। सभी सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के लिए एकल, एकीकृत और मापनीय प्लेटफॉर्म के रूप में सीमा शुल्क एकीकृत प्रणाली (सीआईएस) 2 वर्षों में शुरू की जाएगी।  इसके अलावा गैर सन्निविष्ट स्कैनिंग और उन्नत इमेजिंग तथा जोखिम आकलन हेतु एआई प्रौद्योगिकी का उपयोग सभी प्रमुख पत्तनों में प्रत्येक कंटेनर को स्केन करने के उद्देश्य से चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

        केंद्रीय बजट 2026-27 विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) में अथवा बीच समुद्र में मछली पकड़ने वाली भारतीय नौकाओं द्वारा पकड़ी गई मछली को शुल्क मुक्त बनाता है। विदेशी पत्तन पर ऐसी मछली की उतराई को निर्यात की वस्तु के रूप में माना जाएगा। बजट भारत के छोटे व्यवसायों, कारीगरों और स्टार्ट-अप की अकांक्षाओं में सहायता प्रदान करने के लिए कुरियर निर्यातों पर प्रति खेप 10 लाख रुपए की वर्तमान मूल्य सीमा को पूरी तरह हटाने की भी पेशकश करता है।

        अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के दौरान सामान की निकासी को शासित करने वाले प्रावधानों में संशोधन किया जाएगा। संशोधित नियमों से वर्तमान समय की यात्रा संबंधी वास्तविकताओं के अनुरूप शुल्क मुक्त भत्ते में वृद्धि होगी। इसके अलावा सभी बकायों का भुगतान करके विवादों का निपटान करने के इच्छुक ईमानदार करदाता दंड के बदले अतिरिक्त राशि का भुगतान करके अपने मामलों को बंद करने में सक्षम होंगे। 

 

(साभार- pib)

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3-अमीर बनने के लिए पैसों से खेलना आना चाहिए। पैसों से खेलने की कला सीखने के लिए पढ़िये...
4-बच्चों को फाइनेंशियल एजुकेशन क्यों देना चाहिए पर हिन्दी में किताब- 'बेटा हमारा दौलतमंद बनेगा' - 
5-अमीर बनने की ख्वाहिश हममें से हर किसी की होती है, लेकिन इसके लिए लोगों को पैसे से पैसा बनाने की कला तो आनी चाहिए। कैसे आएगी ये कला, पढ़िये - 'आपका पैसा, आप संभालें' - 
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7-बेटियों को बहादुर बनने दीजिए और बनाइये, ये समय की मांग है,  "बेटी तुम बहादुर ही बनना " -
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Rajanish Kant सोमवार, 2 फ़रवरी 2026
Todays Result: आज इन कंपनियों के वित्तीय नतीजे- Tata Chemicals, Hyundai Motor India, Olectra Greentech, Indiabulls, Mahindra Lifespace Developers, RailTel Corporation of India, Sejal Glass, PB Fintech, Music Broadcast, Aarti Industries, ABLBL, Akzo Nobel India, Bajaj Housing Finance, Bhageria Industries, Campus Activewear, Silver Touch Tech

आज बाजार की नजर - Tata Chemicals, Hyundai Motor India, Olectra Greentech, Indiabulls, Mahindra Lifespace Developers, RailTel Corporation of India, Sejal Glass, PB Fintech, Music Broadcast, Aarti Industries, ABLBL, Akzo Nobel India, Bajaj Housing Finance, Bhageria Industries, Campus Activewear, Silver Touch Tech   समेत इन कंपनियों के वित्तीय नतीजे पर रहेगी। कंपनियां इन दिनों अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के नतीजे की घोषणा कर रही है। कंपनियों के नतीजे का असर कंपनियों के शेयरों की कीमत पर होता है। 


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आज नतीजे की घोषणा करने वाली कंपनियों की लिस्ट- 
Security CodeSecurity NameResult Date
524208AARTIIND02 Feb 2026
544403ABLBL02 Feb 2026
531686ADVIKLA02 Feb 2026
500710AKZOINDIA02 Feb 2026
539277ALSTONE02 Feb 2026
519471AMBARPIL02 Feb 2026
531681AMERISE02 Feb 2026
531991AMRAAGRI02 Feb 2026
542919ARTEMISMED02 Feb 2026
532694ASMS02 Feb 2026
544397ATHERENERG02 Feb 2026
544181AWFIS02 Feb 2026
523850AXTEL02 Feb 2026
544252BAJAJHFL02 Feb 2026
530803BHAGERIA02 Feb 2026
539799BHARATWIRE02 Feb 2026
539122BODHTREE02 Feb 2026
543523CAMPUS02 Feb 2026
542399CHALET02 Feb 2026
530839CLIOINFO02 Feb 2026
544644CORONA02 Feb 2026
532210CUB02 Feb 2026
500119DHAMPURSUG02 Feb 2026
543533EMUDHRA02 Feb 2026
544558FABTECH02 Feb 2026
504697GALADA02 Feb 2026
513309GOLKONDA02 Feb 2026
544131GPTHEALTH02 Feb 2026
517174HONAUT02 Feb 2026
544274HYUNDAI02 Feb 2026
533520IBULLSLTD02 Feb 2026
523586INDTONER02 Feb 2026
534816INDUSTOWER02 Feb 2026
544232INTERARCH02 Feb 2026
532072INTERDIGI02 Feb 2026
543420JETFREIGHT02 Feb 2026
513693KAJARIR02 Feb 2026
531288LEADFIN02 Feb 2026
532313MAHLIFE02 Feb 2026
539046MANAKCOAT02 Feb 2026
500268MANALIPETC02 Feb 2026
506261MODISONLTD02 Feb 2026
532470MPFSL02 Feb 2026
532440MPSLTD02 Feb 2026
531287NATPLASTI02 Feb 2026
532439OLECTRA02 Feb 2026
543530PARADEEP02 Feb 2026
544487PATELRMART02 Feb 2026
533581PGEL02 Feb 2026
519439PIONAGR02 Feb 2026
543390POLICYBZR02 Feb 2026
540366RADIOCITY02 Feb 2026
543265RAILTEL02 Feb 2026
514028RAJKSYN02 Feb 2026
540175REGENCY02 Feb 2026
590051SAKSOFT02 Feb 2026
532993SEJALLTD02 Feb 2026
540221SHASHANK02 Feb 2026
532310SHREERAMA02 Feb 2026
544344SHRIPISTON02 Feb 2026
543525SILVERTUC02 Feb 2026
523023SINCLAIR02 Feb 2026
543263SMCGLOBAL02 Feb 2026
531173SYSCHEM02 Feb 2026
500770TATACHEM02 Feb 2026
500411THERMAX02 Feb 2026
544317TRANSRAILL02 Feb 2026
512070UPL02 Feb 2026
526987URJA02 Feb 2026
543942UTKARSHBNK02 Feb 2026
590005VEEDOL02 Feb 2026
544321VENTIVE02 Feb 2026
531717VIDHIING02 Feb 2026
505872WPIL02 Feb 2026
511038ZARCOLEA02 Feb 2026

(साभार: www.bseindia.com)

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Union Budget & Share Market: आज संसद में आम बजट 2026 पेश होगा, रविवार होने के बाद भी शेयर बाजार खुले रहेंगे

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बजट 2026 के लिए भारतीय शेयर बाजार रविवार 1 फरवरी को खुलेंगे, एक्सचेंज ने दी जानकारी.... 


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