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Budget 2026-27: आयकर अधिनियम-2025, 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा, जानिये क्या बदलेगा I Income Tax Act 2025

आयकर अधिनियम-2025, 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा



स्क्रैप और खनिजों के लिए टीसीएस दरों को तर्क-संगत रूप देकर 2 प्रतिशत किया जाएगा

उदारीकृत रेमिटेंस योजना के तहत शिक्षा व इलाज हेतु रेमिटेंस के लिए टीसीएस को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया

सभी शेयरधारकों के लिए बायबैक पर पूंजीगत लाभ के रूप में कर लगाया जाएगा


केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा एकफरवरी 2026 को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में ढांचागत सुधारों को निरंतरता दिए जाने के कर्तव्य जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कर व्यवस्था के सरलीकरण और नागरिकों द्वारा बेहतर तरीके से इसके अनुपालन के लिए प्रत्यक्ष कर में सुधारों के लिए कई उपायों का प्रस्ताव रखा है।

नया आयकर अधिनियम

आयकर अधिनियम 2025, 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। सरलीकृत आयकर नियम व फॉर्म उचित समय पर अधिसूचित कर दिए जाएंगे ताकि करदाताओं को इनसे परिचित होने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। फॉर्म को नए रूप में डिजाइन किया गया है, जिससे आम लोग आसानी से समझ कर इसका अनुपालन कर सकें।

कर प्रशासन

श्रीमती निर्मला सीतारमण ने भारतीय लेखांकन मानक (इंडएएस) में आय परिकलन और प्रकटन मानकों के लिए अपेक्षाएं शामिल करने हेतु कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय और केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की एक संयुक्त समिति के गठन का प्रस्ताव किया है। कर वर्ष 2027 से 2028 से आईसीडीएस पर आधारित पृथक लेखांकन अपेक्षाओं को समाप्त कर दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री के स्वदेशी लेखांकन एवं परामर्शी प्रतिष्ठानों के वैश्विक अग्रणी बनने के दृष्टिकोण का साकार करने के लिए बजट में सेफ हार्वर नियमावली के प्रयोजनार्थ लेखाकार की परिभाषा को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव किया गया है।

अन्य कर प्रस्ताव

  • प्रमोटरों द्वारा बायबैक के अनुचित प्रयोग पर रोक लगाने के लिए बजट में सभी प्रकार के शेयरधारकों के लिए बायबैक पर पूंजीगत लाभ के रूप में कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है। हालांकि कर विवाचन के दुरुपयोग को हतोत्साहित करने के लिए प्रमोटर्स अतिरिक्त बायबैक कर का भुगतान करेंगे। इससे कॉर्पोरेट प्रवर्तकों के लिए प्रभावी कराधान 22 प्रतिशत होगा। गैर-कॉर्पोरेट प्रवर्तकों के लिए यह कर 30 प्रतिशत होगा।
  • एल्कोहॉल युक्त लीकर, स्क्रैप और खनिजों के विक्रेताओं के लिए टीसीएस दरों को तर्कसंगत बनाते हुए 2 प्रतिशत किया जाएगा। तेंदु पत्तों पर इन दरों को 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया जाएगा। उदारीकृत रेमिटेंस योजना के तहत 10 लाख रुपए से ज्यादा रकम के रेमिटेंस के लिए टीसीएस दर- (क) शिक्षा व इलाज हेतु रेमिटेंस के लिए 2 प्रतिशत (ख) शिक्षा अथवा इलाज के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए 20 प्रतिशत।
  • वायदा सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। ऑप्शन प्रीमियम और ऑप्शन कार्यकलाप पर एसटीटी को वर्तमान दर क्रमशः 0.1 प्रतिशत और 0.125 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव है।
  • कंपनियों को नई व्यवस्था में स्थानांतरित करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु, कंपनियों को मैट-क्रेडिट को समयोजित करने की अनुमति केवल नई व्यवस्था में दिए जाने का प्रस्ताव है। नई व्यवस्था में उपलब्ध मैट-क्रेडिट का उपयोग करके समायोजन कर देयताओं के ¼ की सीमा तक की अनुमति दिए जाने का प्रस्ताव है।
  • 1 अप्रैल, 2026 से कोई और क्रेडिट संचय नहीं होगा और मैट को अंतिम कर बनाया जाएगा। इस परिवर्तन के अनुरूप 15 प्रतिशत की वर्तमान मैट दर को कम करके 14 प्रतिशत किया जाएगा। 31 मार्च 2026 तक संचित करदाताओं के आगे ले जाई गई मैट क्रेडिट, ऊपर दिए गए हिसाब से समयोजन के लिए उपलब्ध रहेंगे।

 

प्रत्यक्ष कर में सुधारों द्वारा जीवन जीने की सरलता : केंद्रीय बजट 2026-27 


मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा किसी साधारण व्यक्ति को अधिनिर्णित ब्जाज को आयकर से छूट दी जाएगी

छोटे करदाताओं को एक निम्न अथवा शून्य कटौती प्रमाणपत्र प्राप्त करने में सक्षम बनाने के लिए एक नियम आधारित स्वचालित प्रक्रिया की योजना

एक मामूली शुल्क पर रिटर्न में संशोधन के लिए समय 31 दिसंबर से 31 मार्च तक उपलब्ध

छोटे करदाताओं के लिए आय अथवा परिसंपत्ति को प्रकट करने के लिए 6 माह की विदेशी परिसंपत्ति प्रकटीकरण योजना

प्रविष्टि तिथि: 01 FEB 2026 12:55PM by PIB Delhi

केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि करदाताओं के लिए जीवन जीने की सुगमता सुनिश्चित करने हेतु प्रत्यक्ष करों पर अनेक प्रस्ताव किए गए हैं।

जीवन जीने क सुगमता

श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि कसी साधारण व्यक्ति को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा अधिनिर्णित ब्याज को आयकर से छूट दी जाएगी और इस मद में कोई स्रोत पर काटा गया कर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा कार्यक्रम पैकेज की बिक्री पर टीसीएस दर को बिना किसी राशि निर्धारण के मौजूदा 5 प्रतिशत और 20 प्रतिशत से कम करते हुए 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है।

वित्तमंत्री ने कहा कि शिक्षा प्राप्त करने और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए उदारीकृत धनप्रेशन योजना (एलआरएस) के अंतर्गत टीसीएस दर को 5 प्रतिशत से कम करके 2 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यबल सेवाओं की आपूर्ति को टीडीएस के प्रयोजनार्थ विशिष्ट रूप से संविदाकारों को भुगतान के दायरे में लाने का प्रस्ताव है, ताकि अस्पष्टता से बचा जा सके। इस प्रकार इन सेवाओं पर टीडीएस की दर 1 प्रतिशत अथवा 2 प्रतिशत मात्र होगी।

करदाताओं के लिए आसानी 

श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि छोटे करदाताओं के लिए एक योजना का प्रस्ताव किया जा रहा है, जिसमें नियम आधारित स्वचालित प्रक्रिया से कर निर्धारण अधिकारी के समक्ष आवेदन दाखिल करने के स्थान पर कम अथवा शून्य कटौती प्रमाणपत्र प्राप्त करना संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि अलग-अलग कंपनियों में प्रतिभूतियां धारित करने वाले करदाताओं की सुविधा के लिए डिपोजिट्री, निवेशक के प्रपत्र 15जी अथवा प्रपत्र 15एच स्वीकार करने तथा इसे सीधे विभिन्न संबद्ध कंपनियों को उपलब्ध कराने का प्रस्ताव किया गया है। एक सांकेतिक शुल्क के भुगतान पर विवरणियों को संशोधित करने के लिए उपलब्ध समय को 31 दिसंबर से 31 मार्च तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है।

कर विवरणी के लिए आरामदायक समय-सीमा

वित्तमंत्री ने कहा कि कर विवरणियों को दाखिल करने के लिए अलग-अलग समय-सीमा रखने का प्रस्ताव किया जा रहा है। आईटीआर 1 और आईटीआर 2 विवरणियों वाले व्यक्तियों द्वारा इसे 31 जुलाई तक दाखिल करना जारी रहेगा और गैर लेखा परीक्षा व्यापार मामलों या नयासों को 31 अगस्त तक समय की अनुमति देने के लिए प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी अनिवासी द्वारा अचल संपत्ति की बिक्री पर टीडीएस की कटौती किए जाने और टैन की आवश्यकता के बजाए निवासी क्रेता के पैन आधारित चालान के माध्यम से जमा किए जाने का प्रस्ताव किया गया है।

छोटे करदाताओं पर विशेष ध्यान

संसद में बजट पेश करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि छात्रों, युवा पेशेवरों, तकनीकी कर्मचारियों, अन्यत्र चले गए अनिवासी भारतीयों और ऐसे अन्य छोटे करदाताओं की व्यवहारिक समस्याओं को दूर करने के लिए, इन करदाताओं के लिए एक निश्चित आकार के नीचे आय अथवा परिसंपत्ति को प्रकट करने के लिए 6 माह की विदेशी परिसंपत्ति प्रकटीकरण योजना शुरू करने का प्रस्ताव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कर योजना करदाताओं की दो श्रेणियों पर लागू होगा :

() जिन्होंने अपनी विदेशी आय या परिसंपत्ति प्रकट नहीं की है, और

(बी) जिन्होंने अपनी विदेशी आय प्रकट की है और/या देयकर का भुगतान किया है, किंतु अपेक्षित परिसंपत्ति की घोषणा नहीं कर सके हैं।

उन्होंने कहा कि श्रेणी-ए के लिए अप्रकट आय/परिसंपत्ति की सीमा 1 करोड़ रुपए तक करने का प्रस्ताव है। उन्हें कर के रूप में परिसंपत्ति के उचित बाजार मूल्य का 30 प्रतिशत या अप्रकट आय का 30 प्रतिशत और दंड के स्थान पर अतिरिक्त आयकर के रूप में 30 प्रतिशत का भुगतान करना होगा एवं इससे अभियोजन से उन्मुक्ति होगी।

उन्होंने कहा कि श्रेणी-बी के लिए परिसंपत्ति मूल्य 5 करोड़ रुपए तक करने का प्रस्ताव है। इसमें एक लाख रुपए के शुल्क के भुगतान पर दंड और अभियोजन दोनों से उन्मुक्ति होगी।   


(साभार- pib)

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Rajanish Kant सोमवार, 2 फ़रवरी 2026