Morgan Stanley का पूर्वानुमान: 2027 की दूसरी छमाही में Gold (सोना) $5,000 प्रति औंस पार करेगा, Silver (चांदी) की रैली($120 तक) सिर्फ हाइप नहीं थीl beyourmoneymanager

मॉर्गन स्टेनली की एमी गोवर का कहना है कि सोना 2027 की दूसरी छमाही में $5,000/औंस से ऊपर जाएगा। केंद्रीय बैंकों और ETF की मजबूत मांग, $4,000 का मजबूत फ्लोर और चांदी की रैली के असली कारण जानें। beyourmoneymanager पर पढ़ें।

मॉर्गन स्टेनली का पूर्वानुमान: सोना 2027 की दूसरी छमाही में $5,000 पार करेगा

किटको न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, मॉर्गन स्टेनली की मेटल्स एंड माइनिंग स्ट्रैटेजी की हेड एमी गोवर ने कहा है कि फिलहाल सोने की कीमतों पर दबाव है, लेकिन ETF और केंद्रीय बैंकों की मांग मजबूत बनी हुई है। उनके अनुसार पीली धातु एक साल के अंदर फिर से $5,000 प्रति औंस से ऊपर कारोबार करेगी।

गोवर ने हाल ही में CNBC से बातचीत में मौजूदा चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लंबे समय के बॉन्ड यील्ड्स 20 साल के उच्च स्तर पर हैं, डॉलर में मजबूती दिख रही है और तेल की कीमतें भी मजबूत हैं। अगस्त में कई निवेशकों ने मौजूदा स्तरों के करीब सोने की पोजीशन ली थी, इसलिए सोमवार जैसी तेज गिरावट में वे पोजीशन जल्दी बाहर हो गईं।

फिर भी गोवर का मानना है कि सोना $4,000 के स्तर से ऊपर सपोर्ट पा रहा है। उन्होंने कई कारण बताए:

चीन और पोलैंड जैसे केंद्रीय बैंकों से फिजिकल डिमांड बहुत मजबूत बनी हुई है। चीन के व्यापक गोल्ड इंपोर्ट्स 2017 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने के रास्ते पर हैं।  

लंबे समय के सरकारी कर्ज और वित्तीय स्थिरता को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। अगर बॉन्ड मार्केट में और इंटरवेंशन होता है या तेल की कीमतें गिरती हैं तो यील्ड्स नीचे आ सकती हैं, जिससे सोने को फायदा हो सकता है।  

ETF फ्लो भी अपेक्षाकृत मजबूत रहे हैं, जो कि फेडरल रिजर्व की दर वृद्धि की उम्मीदों के बावजूद असामान्य है।

गोवर ने साफ कहा, “सोना रखने के अभी भी कई कारण हैं और हमें $4,000 को काफी मजबूत फ्लोर के रूप में देखना चाहिए।”

उन्होंने हाल की बिकवाली का मुख्य स्रोत एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग फंड्स को बताया। ये फंड्स दूसरी तिमाही और जुलाई में बेच रहे थे, अगस्त में पोजीशन फ्लिप की और फिर से बदल गईं। तकनीकी संकेतों पर भी दबाव दिखा।

डॉलर और बॉन्ड मार्केट के साथ सोने के संबंधों पर गोवर ने कहा कि फिलहाल सोना और डॉलर के बीच उलटा संबंध दिख रहा है (मजबूत डॉलर, कमजोर सोना)। लंबी अवधि में यह कॉरिलेशन लगभग शून्य के करीब होता है, लेकिन समय-समय पर बदलाव आते रहते हैं।

चांदी पर मॉर्गन स्टेनली का नजरिया

गोवर ने चांदी के बारे में बताया कि यह आमतौर पर सोने का हाई-बीटा प्ले होता है और इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर तथा सोलर पैनल जैसे औद्योगिक उपयोगों से भी जुड़ा होता है। पिछले छह महीनों में चांदी सोने के साथ ज्यादा कॉरिलेटेड रही, जबकि पिछले साल औद्योगिक मांग बहुत मजबूत थी। इस साल ऊंची कीमतों और अस्थिरता के कारण थ्रिफ्टिंग (उपयोग में कमी) हुई है, जिससे औद्योगिक मांग कमजोर पड़ी है।

पिछले साल चांदी की तेज रैली ($120 तक) सिर्फ हाइप नहीं थी। गोवर का कहना है कि उसमें असली फिजिकल डिमांड थी—सोलर सेक्टर में बड़ा धक्का और ETF खरीदारी। हालांकि कीमतें कुछ ज्यादा खिंच गई थीं, इसलिए गिरावट भी तेज आई।

आगे का आउटलुक

गोवर ने स्पष्ट किया कि निकट अवधि में सोने पर दबाव बना रह सकता है, लेकिन 12 महीने के नजरिए से अपसाइड दिख रहा है। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि 2027 की दूसरी छमाही तक सोना फिर से $5,000 प्रति औंस से ऊपर जाएगा। इसलिए मौजूदा गिरावट पर वे गोल्ड पोजीशन बढ़ाने की सलाह देते हैं।

निवेशकों के लिए सबक

यह पूर्वानुमान याद दिलाता है कि सोना सिर्फ शॉर्ट-टर्म मूवमेंट का खेल नहीं है। केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद, फिजिकल डिमांड और लंबी अवधि की फिस्कल चिंताएं सोने को सपोर्ट देती रहती हैं। पोर्टफोलियो में सोने का उचित आवंटन मुद्रास्फीति, कर्ज और अस्थिरता के खिलाफ सुरक्षा कवच का काम कर सकता है।

बे योर मनी मैनेजर पर हम हमेशा याद दिलाते हैं—बाजार की भविष्यवाणियां अनुमान मात्र होती हैं। कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपनी जोखिम क्षमता, वित्तीय लक्ष्य और रिसर्च को ध्यान में रखें। लंबे समय का धैर्य और सही एसेट एलोकेशन ही असली संपत्ति बनाता है।

(स्रोत: Kitco News पर एमी गोवर के इंटरव्यू पर आधारित मूल विश्लेषण। कीमतें और अनुमान समय के साथ बदल सकते हैं।)

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