कई सीनियर सिटीजन मानते हैं कि बैंक ने उनके ब्याज आय पर TDS काट लिया है तो अब उन्हें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की जरूरत नहीं है। यह एक आम मिथक है। असल में टैक्स चुकाने और ITR फाइल करने का दायित्व अलग-अलग है।
ITR फाइल करना कब जरूरी है?
व्यक्ति को आमतौर पर तब ITR फाइल करना पड़ता है जब उसकी कुल आय (कुछ कटौतियों से पहले) बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट से ज्यादा हो।
पुरानी टैक्स व्यवस्था** में:
60 साल से कम उम्र: ₹2.5 लाख
सीनियर सिटीजन (60-80 साल): ₹3 लाख
सुपर सीनियर सिटीजन (80 साल से ऊपर): ₹5 लाख
नई टैक्स व्यवस्था** में सभी उम्र के लिए बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट ₹4 लाख है।
बैंक द्वारा ब्याज पर TDS काटना इस दायित्व को खत्म नहीं करता।
75 साल या उससे ऊपर के सीनियर सिटीजन के लिए खास छूट
इनकम टैक्स कानून में 75 साल या उससे अधिक उम्र के रेसिडेंट सीनियर सिटीजन के लिए विशेष प्रावधान है (पहले सेक्शन 194P, अब नए कानून में संबंधित प्रावधान)।
इस छूट का फायदा तभी मिलता है जब ये सारी शर्तें पूरी हों:
व्यक्ति भारत का रेसिडेंट हो और उम्र 75 साल या ज्यादा हो।
आय सिर्फ पेंशन और उसी बैंक के खाते से मिलने वाले ब्याज तक सीमित हो।
पेंशन और ब्याज दोनों एक ही स्पेसिफाइड बैंक से मिल रहे हों।
निर्धारित घोषणा (Form No. 125) बैंक को जमा की गई हो।
इन शर्तों के पूरा होने पर बैंक खुद टैक्स की गणना करता है, कटौतियां और रिबेट लगाता है, और जरूरी टैक्स काट लेता है। इसके बाद अलग से ITR फाइल करने की जरूरत नहीं पड़ती।
अगर ब्याज दूसरे बैंक से आता है तो?
अगर पेंशन एक बैंक से है और फिक्स्ड डिपॉजिट या सेविंग्स अकाउंट का ब्याज दूसरे बैंक से है, तो यह छूट नहीं मिलेगी। इसी तरह अगर कोई अन्य आय (किराया, कैपिटल गेन, डिविडेंड आदि) है तो भी सामान्य नियमों के अनुसार ITR फाइल करना जरूरी होगा।
महत्वपूर्ण बातें याद रखें
उम्र अकेली ITR फाइलिंग से छूट नहीं देती।
सिर्फ TDS कट जाने से रिटर्न फाइल करने की जरूरत खत्म नहीं होती।
अगर कोई शर्त पूरी नहीं होती तो बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट के आधार पर ही तय करें कि ITR जरूरी है या नहीं।
अतिरिक्त TDS कटने पर रिफंड पाने के लिए भी ITR फाइल करना पड़ता है।
निष्कर्ष:
सीनियर सिटीजन को अपनी कुल आय, आय के स्रोत और लागू प्रावधानों को ध्यान से जांचना चाहिए। बैंक TDS काटने को ही पर्याप्त न समझें। सही जानकारी रखकर आप अनावश्यक नोटिस या जुर्माने से बच सकते हैं।
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