Paytm को बड़ा फायदा: UPI MDR से मर्चेंट बिजनेस में अतिरिक्त रेवेन्यू, ग्राहकों के लिए UPI अभी भी फ्री | BeYourMoneyManager

पेटीएम ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग में बताया है कि नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने से कंपनी के मर्चेंट बिजनेस से अतिरिक्त रेवेन्यू जेनरेट होगा। कई ऐसे ट्रांजेक्शन जो पहले फ्री थे, अब उनसे कमाई हो सकेगी।

क्या है नया MDR नियम?

NPCI ने 15 सितंबर 2026 को सर्कुलर (NPCI/UPI/OC-No.237/2026-27) जारी किया है। इसके मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 से UPI पर पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजेक्शन में ₹2,000 से ज्यादा की राशि पर अधिकतम 0.4% तक MDR चार्ज लगेगा।  

₹75,000 या उससे ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन तय की गई है।  

छोटे मर्चेंट्स (कुछ श्रेणियों में) और ₹2,000 तक के ट्रांजेक्शन पर MDR जीरो रहेगा।  

रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल जैसी कुछ सेक्टर्स में फ्लैट ₹5 MDR लागू हो सकता है।  

म्यूचुअल फंड और कैपिटल मार्केट से जुड़े कुछ भुगतान पर कम रेट (जैसे 0.02%) लगेगा।  

महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्राहकों (कस्टमर्स) पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। UPI पेमेंट्स उनके लिए पहले की तरह पूरी तरह फ्री रहेंगे। MDR सिर्फ मर्चेंट्स द्वारा भुगतान किया जाएगा और इसे ग्राहकों पर पास-ऑन नहीं किया जा सकता।

Paytm के लिए क्या मायने रखता है?

One97 Communications (Paytm की पेरेंट कंपनी) ने स्पष्ट कहा है कि यह बदलाव मर्चेंट बिजनेस से उन कई ट्रांजेक्शन पर अतिरिक्त रेवेन्यू देगा जो पहले फ्री प्रोसेस होते थे। कंपनी आगे प्रभाव का आकलन करने के बाद जरूरी डिस्क्लोजर करेगी।  

यह कदम फिनटेक कंपनियों, बैंकों और पेमेंट प्लेटफॉर्म्स के लिए नया रेवेन्यू सोर्स खोलता है। विश्लेषकों के अनुसार इससे इंडस्ट्री में हजारों करोड़ रुपये का रेवेन्यू पूल बन सकता है, जिसमें Paytm जैसे प्लेयर्स को मर्चेंट एक्वायरिंग साइड से हिस्सा मिलने की उम्मीद है।

ग्राहकों और मर्चेंट्स के लिए असर

ग्राहक**: UPI स्कैन और पे, फोन नंबर या किसी भी तरीके से भुगतान करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं। P2P ट्रांसफर भी फ्री रहेंगे।  

मर्चेंट्स**: ₹2,000 से ऊपर के योग्य P2M ट्रांजेक्शन पर MDR देना होगा। छोटे व्यापारियों को कई मामलों में छूट मिलेगी। कुछ मर्चेंट्स कैश की ओर वापस जाने की बात कर सकते हैं, लेकिन डिजिटल पेमेंट्स की सुविधा और वॉल्यूम को देखते हुए ज्यादातर बड़े मर्चेंट्स इसे अपनाएंगे।  

क्यों जरूरी है ये जानना?

UPI भारत का सबसे लोकप्रिय डिजिटल पेमेंट सिस्टम है। लंबे समय तक इसे सब्सिडी और जीरो MDR के सहारे चलाया गया। अब इकोसिस्टम को सस्टेनेबल बनाने के लिए सीमित MDR लगाया जा रहा है। इससे पेमेंट कंपनियों की कमाई बढ़ेगी, लेकिन उपभोक्ताओं को राहत बनी रहेगी।

Paytm जैसी कंपनियों के शेयरों में इस खबर के बाद तेजी देखी गई है क्योंकि यह उनके बिजनेस मॉडल को मजबूत बनाता है।  

अगर आप मर्चेंट हैं तो अपने पेमेंट गेटवे या QR कोड प्रोवाइडर से नए चार्जेस की डिटेल्स जरूर चेक करें। आम यूजर्स के लिए UPI पहले की तरह आसान और फ्री बना रहेगा।  

स्रोत: Paytm की SEBI फाइलिंग और NPCI सर्कुलर (15 सितंबर 2026)।  


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