अगर आप विदेश शिफ्ट करने की योजना बना रहे हैं या हाल ही में NRI बन गए हैं, तो आपके दिमाग में सबसे बड़ा सवाल हो सकता है – “मेरा NPS अकाउंट और उसमें जमा रिटायरमेंट कॉर्पस का क्या होगा?” विदेश शिफ्ट होने पर आपका NPS अकाउंट बंद नहीं होता। NRI और OCI के लिए NPS Tier-I योगदान, NRE/NRO खाते, निवेश विकल्प और नियमों की पूरी जानकारी। BeYourMoneyManager पर पढ़ें।
अच्छी खबर यह है कि NPS अकाउंट बंद नहीं होता। नॉन-रेसिडेंट इंडियन (NRI) और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) दोनों अपने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) अकाउंट को जारी रख सकते हैं और योगदान भी कर सकते हैं।
NPS में योगदान कैसे करेंगे NRI?
NRI और OCI सब्सक्राइबर अपने NPS Tier-I अकाउंट में योगदान केवल NRE या NRO बैंक अकाउंट के माध्यम से ही कर सकते हैं।
अगर आप भविष्य में कॉर्पस को आसानी से विदेश भेजना (repatriate) चाहते हैं, तो NRE अकाउंट से योगदान करना बेहतर विकल्प है।
NRO अकाउंट से भी योगदान संभव है, लेकिन रेपेट्रिएशन नियमों का ध्यान रखना पड़ता है।
आप विदेश में रहते हुए भी नियमित योगदान जारी रख सकते हैं।
NPS के निवेश विकल्प NRI के लिए
NRI सब्सक्राइबर भी रेसिडेंट इंडियंस की तरह ही निवेश विकल्प चुन सकते हैं:
एसेट क्लास:
Equity (E)** – उच्च रिटर्न की संभावना, लेकिन जोखिम भी ज्यादा
Corporate Debt (C)** – मध्यम जोखिम वाले फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज
Government Securities (G)** – कम जोखिम, स्थिर रिटर्न
निवेश चुनने के तरीके:
Active Choice – आप खुद E, C और G का प्रतिशत तय करते हैं।
Auto Choice – उम्र के अनुसार ऑटोमैटिकली एलोकेशन होती है। इसमें तीन विकल्प उपलब्ध हैं:
Aggressive (LC-75)
Moderate (LC-50)
Conservative (LC-25)
आप अपने रिस्क प्रोफाइल और रिटायरमेंट गोल के अनुसार फंड मैनेजर और निवेश विकल्प चुन सकते हैं।
महत्वपूर्ण बातें जो NRI को पता होनी चाहिए
Tier-II अकाउंट**: वर्तमान नियमों के अनुसार NRI और OCI Tier-II अकाउंट नहीं खोल सकते या सक्रिय नहीं कर सकते। केवल Tier-I अकाउंट उपलब्ध है।
पात्रता**: भारतीय नागरिक (NRI) और OCI कार्ड होल्डर NPS में निवेश कर सकते हैं। Persons of Indian Origin (PIO) पात्र नहीं हैं।
उम्र सीमा आमतौर पर 18 से 70 वर्ष के बीच रहती है।
KYC दस्तावेज (पासपोर्ट/OCI कार्ड, PAN, एड्रेस प्रूफ, NRE/NRO अकाउंट डिटेल्स) जरूरी हैं।
रिटायरमेंट या समय से पहले निकासी
NPS के निकासी नियम रेसिडेंट और NRI दोनों पर लगभग समान रूप से लागू होते हैं। रिटायरमेंट की उम्र पर एक हिस्सा लंपसम निकाल सकते हैं और बाकी राशि से एन्युइटी खरीदनी पड़ती है। समय से पहले निकासी पर नियम सख्त होते हैं।
नोट: टैक्स लाभ भारत में पुरानी टैक्स रिजीम के तहत उपलब्ध हो सकते हैं, लेकिन आपके निवास देश के टैक्स नियमों का भी ध्यान रखना जरूरी है।
निष्कर्ष
विदेश जाने का मतलब यह नहीं कि आपको अपना रिटायरमेंट प्लान छोड़ना पड़े। NPS NRI और OCI के लिए एक अच्छा लंबी अवधि का निवेश विकल्प बना रहता है, बशर्ते आप NRE/NRO अकाउंट के जरिए योगदान करें और सही निवेश विकल्प चुनें।
अगर आप विदेश शिफ्ट करने वाले हैं, तो अपने NPS अकाउंट की स्थिति चेक करें, योगदान का तरीका अपडेट करें और जरूरत पड़ने पर प्रोफेशनल सलाह लें।

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