राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (NPS) के सब्सक्राइबर्स के लिए अच्छी खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने 28 अगस्त 2026 के सर्कुलर के जरिए NPS स्कीम्स के वर्गीकरण और प्रेजेंटेशन को नया रूप दिया है। अब स्कीम्स को पांच मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है, जिससे निवेशकों के लिए सही स्कीम चुनना पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी हो जाएगा।
ये बदलाव मुख्य रूप से स्कीम के नामकरण, जोखिम स्तर और इक्विटी एक्सपोजर को स्टैंडर्ड बनाने पर आधारित हैं। इससे सब्सक्राइबर्स आसानी से रिटर्न, चार्जेस, रिस्क और एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) की तुलना कर सकेंगे।
NPS स्कीम्स की पांच मुख्य श्रेणियां क्या हैं?
PFRDA के नए फ्रेमवर्क के अनुसार NPS स्कीम्स अब इन पांच ब्रॉड कैटेगरी में आएंगी:
लाइफसाइकल-बेस्ड स्कीम्स
एक्टिव चॉइस
NPS संचय
मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क (MSF)
4A स्कीम्स (क्यूरेटेड/थीमेटिक स्कीम्स जैसे NPS वात्सल्य, NPS स्वास्थ्य आदि)
लाइफसाइकल स्कीम्स का नया वर्गीकरण
लाइफसाइकल स्कीम्स को इक्विटी एक्सपोजर के आधार पर आगे बांटा गया है। इनमें आवंटन उम्र के साथ अपने-आप बदलता रहता है:
लाइफ साइकिल एग्रेसिव
लाइफ साइकिल 75 – हाई
लाइफ साइकिल 50 – मॉडरेट
लाइफ साइकिल 25 – लो
ये स्कीम्स उम्र के हिसाब से इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटीज में आवंटन एडजस्ट करती हैं।
MSF स्कीम्स की पांच रिस्क कैटेगरी
सबसे बड़ा बदलाव MSF स्कीम्स में है। इन्हें इक्विटी एक्सपोजर के आधार पर पांच स्पष्ट श्रेणियों में रखा गया है:
| कैटेगरी | कोड | रिस्क लेवल | इक्विटी एक्सपोजर |
|---------|-----|---------------------|--------------------|
| एग्रेसिव ग्रोथ | A | बहुत हाई रिस्क | 80%–100% |
| हाई ग्रोथ | B | हाई रिस्क | 60%–80% |
| बैलेंस्ड ग्रोथ | C | मीडियम रिस्क | 35%–60% |
| कंजरवेटिव | D | लो रिस्क | 10%–35% |
| डेट | E | बहुत लो रिस्क | 0%–10% |
अब हर स्कीम का नाम स्टैंडर्ड फॉर्मेट में होगा – पेंशन फंड का नाम + “NPS” + कैटेगरी कोड + स्कीम नाम। इससे रिस्क लेवल तुरंत समझ में आ जाएगा।
एक्टिव चॉइस और NPS संचय में बदलाव
एक्टिव चॉइस** में इक्विटी का अधिकतम आवंटन 75% तक (टियर-II में 100% तक) हो सकता है।
NPS संचय** में इक्विटी 5% से 65% तक सीमित रहेगी।
सब्सक्राइबर्स के लिए क्या फायदा?
नए नियमों से स्कीम सेलेक्शन का प्रोसेस स्टैंडर्ड हो गया है। CRA प्लेटफॉर्म और अन्य चैनल्स पर अब इस क्रम में विकल्प दिखेंगे:
स्कीम का प्रकार
कैटेगरी / एसेट एलोकेशन
पेंशन फंड का चयन
हर स्कीम पर ये जानकारी साफ-साफ दिखेगी –
स्कीम नाम
पेंशन फंड
लॉन्च डेट
हिस्टोरिकल रिटर्न
बेंचमार्क
चार्जेस
रिस्कोमीटर
AUM
इससे तुलना करना आसान हो जाएगा। सब्सक्राइबर एक PRAN के तहत कई MSF स्कीम्स रख सकते हैं, लेकिन लाइफसाइकल या एक्टिव चॉइस में से एक ही चुन सकते हैं। स्कीम या पेंशन फंड बदलने के नियम भी स्पष्ट किए गए हैं।
आपको क्या करना चाहिए?
अगर आप पहले से NPS में निवेश कर रहे हैं तो घबराने की जरूरत नहीं। मौजूदा निवेश तुरंत स्विच नहीं करना पड़ेगा। पेंशन फंड्स को 30-45 दिनों में नाम बदलने और कैटेगरी अलाइन करने का समय दिया गया है। नए निवेश करने से पहले नई कैटेगरी, रिस्क लेवल और रिटर्न की तुलना जरूर करें।
निष्कर्ष:
PFRDA का ये कदम NPS को और अधिक यूजर-फ्रेंडली और पारदर्शी बनाता है। अब रिटायरमेंट प्लानिंग करते समय रिस्क और रिटर्न को बेहतर तरीके से समझकर सही स्कीम चुनना आसान हो गया है। अपनी उम्र, रिस्क लेने की क्षमता और फाइनेंशियल गोल्स के हिसाब से स्कीम चुनें।
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(नोट: यह आर्टिकल सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। निवेश से पहले आधिकारिक PFRDA सर्कुलर और नवीनतम अपडेट जरूर चेक करें।)

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