Notice Period (नोटिस पीरियड) पूरा किए बिना नौकरी छोड़ने पर क्या कंपनी ब्लैकलिस्ट या धमकी दे सकती है? जानें भारतीय कानून क्या कहता है | BeYourMoneyManager

क्या नियोक्ता नोटिस पीरियड से पहले छोड़ने वाले कर्मचारी को ब्लैकलिस्ट कर सकता है या धमकी दे सकता है? भारतीय संविधान, कॉन्ट्रैक्ट एक्ट और लेबर लॉ के अनुसार जानें आपके अधिकार और कंपनी के कानूनी विकल्प।

नोटिस पीरियड पूरा किए बिना नौकरी छोड़ने पर क्या कंपनी ब्लैकलिस्ट या धमकी दे सकती है? जानें कानून क्या कहता है

कई कंपनियों में नोटिस पीरियड बहुत लंबा होता है। कर्मचारी नए जॉब जॉइन करने के लिए पूरा नोटिस पीरियड सर्वे नहीं करना चाहते। ऐसे में सवाल उठता है – क्या कंपनी कर्मचारी को ब्लैकलिस्ट कर सकती है, धमकी दे सकती है या जबरदस्ती काम करवा सकती है?

भारतीय कानून इस मामले में काफी स्पष्ट है।

क्या कंपनी कर्मचारी को ब्लैकलिस्ट कर सकती है?

भारतीय श्रम कानून में “ब्लैकलिस्टिंग” का कोई आधिकारिक प्रावधान नहीं है। कंपनी किसी कर्मचारी का नाम अन्य कंपनियों या इंडस्ट्री बॉडीज में सर्कुलेट करके उसकी भविष्य की नौकरी खराब नहीं कर सकती। ऐसा करना डिफामेशन (मानहानि) या livelihood में दखल का आधार बन सकता है।

हां, कंपनी अंदरूनी तौर पर “do-not-rehire” फ्लैग लगा सकती है। यह कानूनी रूप से मान्य है। बैकग्राउंड वेरिफिकेशन में कंपनी सही जानकारी दे सकती है कि कर्मचारी ने एग्जिट फॉर्मेलिटीज पूरी नहीं कीं।

क्या कंपनी धमकी दे सकती है या जबरदस्ती काम करवा सकती है?

नहीं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत जबरन श्रम (forced labour) प्रतिबंधित है। Specific Relief Act, 1963 के अनुसार पर्सनल सर्विस कॉन्ट्रैक्ट को जबरन लागू नहीं किया जा सकता। यानी कोर्ट किसी कर्मचारी को वापस ऑफिस आकर काम करने का आदेश नहीं दे सकता।

कंपनी की कानूनी राहत मुख्य रूप से मौद्रिक होती है:

नोटिस पीरियड की बाकी सैलरी कटौती

डैमेज क्लेम (Indian Contract Act, 1872 के तहत)

रिलीविंग लेटर या एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट रोकना (अगर हैंडओवर पूरा नहीं हुआ)

क्या कंपनी कोर्ट से ऑर्डर लेकर प्रतिद्वंद्वी कंपनी में जॉइन करने से रोक सकती है?

बहुत मुश्किल है। कोर्ट आमतौर पर कर्मचारी को दूसरे जगह काम करने से नहीं रोकते, खासकर नोटिस पीरियड खत्म होने के बाद। सेक्शन 27 (Indian Contract Act) ट्रेड पर रोक को अवैध मानता है। केवल गोपनीयता या व्यापारिक रहस्यों के उल्लंघन के मजबूत सबूत होने पर ही सीमित इनजंक्शन संभव है।

कर्मचारी क्या सावधानी बरतें?

रोजगार अनुबंध ध्यान से पढ़ें।

औपचारिक रूप से रिजाइन करें और रिकॉर्ड रखें।

अगर संभव हो तो नोटिस बायआउट या वेवर पर बातचीत करें।

कंपनी प्रॉपर्टी और डेटा सही तरीके से हैंडओवर करें।

निष्कर्ष:  

नोटिस पीरियड पूरा न करने पर कंपनी आपको जबरदस्ती रोक नहीं सकती और औपचारिक ब्लैकलिस्ट भी नहीं कर सकती। उसकी मुख्य शक्ति वित्तीय दावे और रिलीविंग डॉक्यूमेंट रोकने तक सीमित है। धमकी या गलत तरीके से नाम खराब करना कानूनी रूप से जोखिम भरा हो सकता है।

अपने अधिकारों को समझें और जरूरत पड़ने पर लेबर लॉ विशेषज्ञ या वकील से सलाह लें।  

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Source: ET Wealth 

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