संसद की वित्त समिति 2 जुलाई को VDA पर RBI और ICAI से चर्चा करेगी। भारत में क्रिप्टो रेगुलेशन और टैक्सेशन का भविष्य जानें।

संसद की वित्त समिति वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) की समीक्षा करेगी | RBI और ICAI 2 जुलाई को देंगे सुझाव

Xसंसदीय वित्त समिति क्रिप्टो और VDA रेगुलेशन पर RBI-ICAI से करेगी चर्चा

भारत में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स पर नया रेगुलेटरी फ्रेमवर्क? संसद समिति की बड़ी बैठक

VDA Taxation & Regulation: संसद समिति में RBI और ICAI होंगे शामिल

संसद की वित्त समिति वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) की समीक्षा करेगी, RBI और ICAI देंगे सुझाव

संसद की स्थायी वित्त समिति (Standing Committee on Finance) 2 जुलाई 2026 को वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (Virtual Digital Assets - VDA) यानी क्रिप्टोकरेंसी और संबंधित डिजिटल संपत्तियों के भविष्य पर अहम बैठक करने जा रही है। इस बैठक में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के प्रतिनिधि शामिल होंगे।यह बैठक भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर एक व्यापक नियामक ढांचा (Regulatory Framework) बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।बैठक का एजेंडा क्या है?लोकसभा सचिवालय की सूचना के अनुसार, बैठक का विषय है - "वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDAs) पर अध्ययन और आगे का रास्ता"। बैठक को तीन सत्रों में बांटा गया है:सुबह 11:00 से 12:30 बजे तक - RBI अधिकारियों के साथ चर्चा

RBI वित्तीय स्थिरता (Financial Stability), मौद्रिक नीति पर प्रभाव, मनी लॉन्ड्रिंग के जोखिम, निवेशक सुरक्षा और क्रिप्टो पर समग्र नियामक जरूरतों पर अपनी राय रखेगा। RBI पहले भी निजी क्रिप्टोकरेंसी के खिलाफ अपनी चिंता जता चुका है और CBDC (डिजिटल रुपया) को बढ़ावा दे रहा है।

दोपहर 12:30 से 1:30 बजे तक - ICAI के साथ चर्चा

चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की संस्था VDA के टैक्सेशन, अकाउंटिंग स्टैंडर्ड, ऑडिट चुनौतियों और कंपनियों-व्यक्तियों के लिए डिस्क्लोजर नियमों पर अपनी विशेषज्ञ राय देगी। याद रहे कि वर्ष 2022 में VDAs पर 30% टैक्स और 1% TDS लागू किया गया था।

दोपहर 2:00 बजे के बाद - आंतरिक चर्चा

समिति सदस्य RBI और ICAI की जमा जानकारी के आधार पर सिफारिशें तैयार करेंगे।

भारत में VDA की वर्तमान स्थितिभारत में फिलहाल वर्चुअल डिजिटल एसेट्स पर कोई व्यापक कानून नहीं है। केवल टैक्सेशन व्यवस्था लागू है:लाभ पर 30% टैक्स

ट्रांसफर पर 1% TDS

कोई स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, एक्सचेंज लाइसेंसिंग या निवेशक सुरक्षा नियम नहीं

वित्त समिति की यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब क्रिप्टो बाजार तेजी से बढ़ रहा है और सरकार भी इसके रिस्क एवं अवसर दोनों को समझने की कोशिश कर रही है।निवेशकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?क्रिप्टो निवेशकों को स्पष्ट नियम मिलने की उम्मीद

टैक्स कंप्लायंस और रिपोर्टिंग में आसानी

मनी लॉन्ड्रिंग और फ्रॉड पर बेहतर नियंत्रण

भविष्य में लाइसेंस्ड एक्सचेंज और सुरक्षित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म की संभावना

beyourmoneymanager.com की सलाह: क्रिप्टो या VDA में निवेश करने वाले निवेशकों को अभी भी उच्च जोखिम मानकर केवल उस राशि का निवेश करना चाहिए जो वे खोने के लिए तैयार हों। किसी भी नई रेगुलेटरी खबर का असर बाजार पर पड़ सकता है, इसलिए अपडेट रहें।


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