RBI ने नहीं बेचा सोना: $12 बिलियन गोल्ड सेल क्लेम को सरकार और RBI ने बताया फेक | Forex Reserves पर पूरी डिटेल

 
क्या RBI ने विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए $12 बिलियन का सोना बेचा? सरकार और RBI का साफ जवाब। भारत के Forex Reserves, Gold Reserves और वर्तमान स्थिति पर विस्तृत विश्लेषण।

RBI ने नहीं बेचा सोना: $12 बिलियन गोल्ड सेल क्लेम को सरकार और RBI ने खारिज किया


क्या RBI ने मध्य पूर्व युद्ध के असर से बचने के लिए सोने के भंडार बेचे? 

Bloomberg की एक रिपोर्ट में $12 बिलियन (लगभग ₹1 लाख करोड़) के सोने की बिक्री का दावा किया गया था, लेकिन Reserve Bank of India (RBI) और केंद्र सरकार ने इसे साफ तौर पर फेक करार दिया है।यह खबर उन निवेशकों और आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है जो भारत की आर्थिक स्थिरता, विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) और सोने के रिजर्व को लेकर चिंतित हैं।


Bloomberg रिपोर्ट में क्या दावा किया गया था?

Bloomberg Economics की रिपोर्ट में कहा गया कि RBI ने 22 मई 2026 को समाप्त दो सप्ताह के दौरान लगभग $12 बिलियन का सोना बेचा हो सकता है। इसका मकसद विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (Foreign Currency Assets) की रक्षा करना और रुपये के दबाव को कम करना था।रिपोर्ट में US-Iran संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये के कमजोर होने का हवाला दिया गया था। इस दौरान भारत के कुल Forex Reserves में गिरावट दर्ज की गई थी।


RBI और सरकार का जवाब – पूरी सच्चाईRBI ने आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी कर साफ कहा:"रिपोर्ट्स गलत हैं।" RBI का भौतिक सोने का स्टॉक 880.52 टन पर अपरिवर्तित है।

सोने का स्टॉक RBI के मासिक बुलेटिन में नियमित रूप से प्रकाशित होता है। नागरिकों को केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करना चाहिए।


Press Information Bureau (PIB) ने भी फैक्ट-चेक जारी किया:सोने का शेयर Forex Reserves में बढ़ा है — सितंबर 2025 के अंत में 13.92% से बढ़कर मार्च 2026 में 16.70% और 22 मई 2026 को 16.85% हो गया।

यह वृद्धि सोने की कीमतों में उछाल और रुपये की विनिमय दर के कारण हुई है, न कि बिक्री के कारण।


RBI का Gold Exposure लगातार बढ़ रहा है।

पिछले एक साल में RBI के Forex Reserves में सोने का मूल्यांकन 64% से ज्यादा बढ़कर लगभग ₹11 लाख करोड़ पहुंच गया है। यह भारत की रणनीतिक संपत्ति को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। RBI लगातार Gold Reserves को बढ़ावा दे रहा है और विदेशों (जैसे Bank of England) से सोना भारत ला रहा है। यह कदम भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के समय में विवेकपूर्ण माना जा रहा है।

वर्तमान संदर्भ: 

मध्य पूर्व तनाव और भारतीय अर्थव्यवस्थाUS-Iran संघर्ष के कारण:कच्चा तेल महंगा हुआ

रुपये पर दबाव बढ़ा (95.77 तक पहुंचा)

वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई




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