
Fed चेयरमैन Kevin Warsh ने price stability को North Star बताया, जिससे गोल्ड प्राइस 1% से ज्यादा गिर गए। 2026 में सोने के निवेश पर क्या असर पड़ेगा? पूरी डिटेल्स पढ़ें।
Warsh की Price Stability पर फोकस से सोने की कीमतों में गिरावट: Fed की नई नीति का बाजार पर असर
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन Kevin Warsh के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद गोल्ड मार्केट में तेज गिरावट देखने को मिली। Warsh ने स्पष्ट रूप से कहा कि price stability (मूल्य स्थिरता) उनकी नीति का “North Star” (मुख्य दिशा) रहेगा। इस बयान के बाद सोने की कीमतें सत्र के निचले स्तर पर आ गईं और एक दिन में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
Fed ने ब्याज दरें रखीं स्थिर, लेकिन टोन रहा Hawkish
फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को यथास्थिति बनाए रखने का फैसला किया, लेकिन डॉट प्लॉट और प्रेस कॉन्फ्रेंस में कम से कम एक रेट हाइक की संभावना जताई गई। Warsh के hawkish रुख ने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, जिन्हें पहले रेट कट की उम्मीद थी।
Bill Adams, Fifth Third Commercial Bank के Chief U.S. Economist ने कहा, “2026 की शुरुआत में ‘क्या कट करना चाहिए’ से अब मिड-ईयर में ‘क्या हाइक करना चाहिए’ की सोच में बदलाव आ गया है।”
सोने की मौजूदा स्थिति
एशियाई ट्रेडिंग सेशन में स्पॉट गोल्ड $4,267.30 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था, जो दिन के निचले स्तर के करीब था। पिछले दो दिनों की बढ़त को Warsh के बयान ने पूरी तरह मिटा दिया।
Warsh के प्रमुख बयान और प्लान
Price Stability को Congress द्वारा दिए गए remit का मुख्य लक्ष्य बताया।
फेड की मौद्रिक नीति प्रक्रिया की समीक्षा के लिए 5 टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की गई। इनमें Fed Communication, Balance Sheet, Data Sources, Productivity & Jobs, और Inflation Framework शामिल हैं।
Chris Zaccarelli (Northlight Asset Management) के अनुसार, ये कदम फेड की पारदर्शिता कम करने, इन्फ्लेशन फ्रेमवर्क बदलने और बैलेंस शीट घटाने (de facto tightening) की दिशा में हो सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्या मतलब है?
जब फेड इन्फ्लेशन कंट्रोल पर जोर देता है और रेट हाइक की संभावना बढ़ती है, तो आमतौर पर:डॉलर मजबूत होता है
गोल्ड जैसे non-yielding एसेट्स पर दबाव पड़ता है
लंबे समय में अगर इन्फ्लेशन नियंत्रित रहता है तो गोल्ड की आकर्षकता थोड़ी कम हो सकती है
हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव, सेंट्रल बैंक खरीदारी और ग्लोबल अनिश्चितता अभी भी गोल्ड को सपोर्ट कर रही है।
आपके पोर्टफोलियो के लिए सलाह (beyourmoneymanager.com)
Short-term: गोल्ड में नई पोजीशन लेने से पहले सतर्क रहें। $4,200-$4,300 के आसपास सपोर्ट लेवल देखें।
Long-term: पोर्टफोलियो में 8-12% गोल्ड (SGB, Gold ETF या Sovereign Gold Bonds) रखना अभी भी डाइवर्सिफिकेशन के लिए अच्छा है।
अल्टरनेटिव: सिल्वर, प्लैटिनम या गोल्ड माइनिंग स्टॉक्स पर भी नजर रखें।
Rupee Hedging: भारत में रहने वाले निवेशकों के लिए गोल्ड अभी भी रुपये के कमजोर होने के खिलाफ अच्छा हेज है।
निष्कर्ष:
Kevin Warsh का फोकस price stability पर है, जो शॉर्ट टर्म में गोल्ड प्राइस को दबा सकता है। लेकिन मार्केट हमेशा डायनामिक रहता है। स्मार्ट इन्वेस्टर घटनाओं पर नजर रखते हुए पोर्टफोलियो को बैलेंस करते हैं।
अस्वीकरण: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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