SBI डेबिट कार्ड ATM में फंसने के बाद 80,000 रुपये की फ्रॉड निकासी। 10 महीने इंतजार के बाद Consumer Forum ने बैंक को 15,000 रुपये compensation देने का आदेश दिया। जानें अपने अधिकार और सुरक्षा टिप्स।ATM में कार्ड फंस गया तो 80,000 रुपये गायब! SBI पर Consumer Court का सख्त फैसला
क्या आप जानते हैं कि ATM में आपका डेबिट कार्ड फंस जाए तो कितना नुकसान हो सकता है?
दिल्ली के एक व्यक्ति के साथ यही हुआ। उनके SBI डेबिट कार्ड के फंसने के बाद उनके अकाउंट से 80,000 रुपये की अनधिकृत निकासी हो गई। बैंक ने पैसे तो लौटाए, लेकिन 10 महीने की देरी के बाद। Consumer Court ने इस देरी को Deficiency in Service मानते हुए State Bank of India (SBI) को 15,000 रुपये compensation और litigation costs देने का आदेश दिया है।यह मामला उन हजारों ग्राहकों के लिए सबक है जो बैंकिंग फ्रॉड, ATM स्कैम और ग्राहक सेवा की लापरवाही से परेशान रहते हैं।
पूरा मामला क्या था?
13 जनवरी 2024 को Sanjay Mishra ने PNB ATM से 10,000 रुपये निकालने की कोशिश की।
ट्रांजेक्शन के बाद उनका SBI डेबिट कार्ड मशीन में फंस गया।
ATM बूथ में लगे नंबर पर कॉल करने पर व्यक्ति ने खुद को PNB हेल्प सेंटर बताया और कार्ड निकालने की सलाह दी, लेकिन कार्ड नहीं निकला।
इसके तुरंत बाद Mishra को दो SMS आए – प्रत्येक 5,000 रुपये की निकासी के।
उन्होंने तुरंत SBI को कार्ड ब्लॉक करने की सूचना दी, पुलिस और साइबर क्राइम में शिकायत दर्ज कराई।
बाद में पता चला कि कुल 12 ट्रांजेक्शन (POS सहित) हो चुके थे, जिनमें से सिर्फ पहले दो के अलर्ट आए थे।
Mishra ने बैंक, बैंकिंग Ombudsman और Consumer Forum में शिकायत की। आखिरकार 7 दिसंबर 2024 को 80,000 रुपये वापस आए – यानी घटना के करीब 10 महीने बाद।
Consumer Court का फैसला
दिल्ली के District Consumer Disputes Redressal Commission (President: Monika A Srivastava, Member: Kiran Kaushal) ने 2 जून 2025 को फैसला सुनाया:“बैंक ने मुख्य राशि तो लौटा दी, लेकिन 10 महीने की देरी के बाद और वो भी Consumer Commission में मामला पहुंचने के बाद। इसलिए SBI को Deficiency in Service माना जाता है। complainant को mental agony और litigation costs के लिए 15,000 रुपये देने का निर्देश।”
बैंक की तरफ से कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा, इसलिए मामला ex-parte चला।
बैंकिंग फ्रॉड से बचाव के जरूरी टिप्स (www.beyourmoneymanager.com)
ATM इस्तेमाल करते समय सतर्क रहें — स्किमिंग डिवाइस चेक करें, कीपैड पर हाथ से ढककर PIN डालें।
तुरंत कार्ड ब्लॉक करें — SMS/Alert मिलते ही बैंक ऐप, नेट बैंकिंग या हेल्पलाइन से ब्लॉक करें।
24×7 अलर्ट ऑन रखें — हर ट्रांजेक्शन का SMS/Email/Push Notification चालू रखें।
Fraud होने पर तुरंत शिकायत — बैंक + Police + Cyber Crime (1930 या cybercrime.gov.in)।
RBI नियम जानें — Failed ATM ट्रांजेक्शन या फ्रॉड में बैंक को 5-10 दिनों में रिफंड देना चाहिए, देरी पर ₹100/दिन compensation का प्रावधान है।
Consumer Court का सहारा लें — बैंक न माने तो District Consumer Forum में शिकायत करें (फीस बहुत कम)।
निष्कर्ष
यह मामला साफ दिखाता है कि बैंक ग्राहक सेवा में लापरवाही बरतें तो Consumer Protection Act के तहत जवाबदेह हैं। पैसे तो वापस मिल गए, लेकिन mental harassment और समय की बर्बादी का मुआवजा अलग से मिला।अपने पैसे की सुरक्षा खुद करें। हमेशा सतर्क रहें, नियम जानें और अधिकारों का इस्तेमाल करें।आपके अनुभव: क्या आपके साथ भी ATM या डेबिट कार्ड से जुड़ी कोई समस्या हुई है? कमेंट में बताएं।
स्रोत: Indian Express रिपोर्ट और Consumer Court आदेश।
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