विश्व स्वर्ण परिषद (WGC) के Central Bank Gold Reserves Survey 2026 के अनुसार केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। 89% बैंकों को उम्मीद है कि ग्लोबल गोल्ड रिजर्व बढ़ेगा।
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केंद्रीय बैंक 2026 में भी सोना खरीदते रहेंगे: WGC Central Bank Gold Reserves Survey की बड़ी रिपोर्ट
वैश्विक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रा विविधीकरण की रणनीति के बीच दुनिया के केंद्रीय बैंक सोने की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। विश्व स्वर्ण परिषद (World Gold Council) द्वारा जारी Central Bank Gold Reserves Survey 2026 में यह साफ दिखता है कि सोना अब रिजर्व मैनेजमेंट का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है।
पिछले 4 साल में औसतन 1000 टन सालाना सोना खरीदा
रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने पिछले चार वर्षों में औसतन 1000 टन सोना खरीदा है, जबकि इससे पहले के दशक में यह औसत मात्र 500 टन था। यह तेजी भू-राजनीतिक जोखिम और आर्थिक अनिश्चितता के कारण आई है।
इस बार के सर्वे में रिकॉर्ड 76 केंद्रीय बैंकों ने भाग लिया, जो पिछले वर्षों से ज्यादा है। यह संख्या दर्शाती है कि ग्लोबल सेंट्रल बैंकिंग कम्युनिटी सोने को लेकर कितनी गंभीर है।
2026 सर्वे की मुख्य बातें (Key Highlights)
89% केंद्रीय बैंक मानते हैं कि अगले 12 महीनों में वैश्विक सोने के भंडार बढ़ेंगे।
रिकॉर्ड 45% बैंकों का अपना अनुमान है कि उनकी अपनी संस्था के सोने के भंडार भी बढ़ेंगे (पिछले साल यह 43% था)।
केवल 1% बैंकों को अपनी होल्डिंग घटने की उम्मीद है।
सोना रखने के प्रमुख कारण:
संकट में बेहतर प्रदर्शन, पोर्टफोलियो विविधीकरण, मुद्रास्फीति बचाव, भू-राजनीतिक जोखिम हेज और रिजर्व डाइवर्सिफिकेशन।
USD से दूरी, सोने की ओर रुझान
74% उत्तरदाताओं का मानना है कि अगले पांच साल में ग्लोबल रिजर्व में US Dollar की हिस्सेदारी मध्यम या काफी कम हो जाएगी। वहीं, सोने की हिस्सेदारी बढ़ेगी। यूरो और रेनमिनबी की हिस्सेदारी स्थिर रहने की उम्मीद है।
नए सोने की खरीदारी के फंडिंग के लिए:50% बैंकों ने घरेलू खरीद कार्यक्रम (local currency) का विकल्प चुना।
38% ने मौजूदा रिजर्व एसेट्स बेचकर फंड जुटाने की बात कही।
वॉल्टिंग लोकेशन में बदलाव
Bank of England अभी भी सबसे पसंदीदा जगह (57%)।
घरेलू भंडारण दूसरे स्थान पर (49%)।
BIS (Bank for International Settlements) की लोकप्रियता थोड़ी बढ़ी।
स्विस नेशनल बैंक की प्राथमिकता घटी।
कई बैंक अब घरेलू भंडारण बढ़ा रहे हैं और विदेशी जगहों को भी डाइवर्सिफाई कर रहे हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए क्या मतलब? (beyourmoneymanager.com Perspective)भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी पिछले कई वर्षों से अपनी सोने की होल्डिंग बढ़ा रहा है। जब दुनिया के केंद्रीय बैंक खुद सोने को सुरक्षित और विविधीकरण का सबसे अच्छा विकल्प मान रहे हैं, तो आम निवेशक भी इससे सीख सकते हैं।
सोना क्यों महत्वपूर्ण है व्यक्तिगत पोर्टफोलियो में:
मुद्रास्फीति और रुपये के अवमूल्यन से बचाव
भू-राजनीतिक जोखिम में स्थिरता
लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न + सुरक्षा
निवेश सलाह:
आप अपने पोर्टफोलियो का 10-15% सोने में रख सकते हैं – भौतिक सोना, सोने के ETF, सोने से जुड़े म्यूचुअल फंड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के रूप में। SGB में 2.5% अतिरिक्त ब्याज भी मिलता है, जो टैक्स-फ्री है।निष्कर्षWorld Gold Council का 2026 सर्वे एक बार फिर साबित करता है कि सोना अब वैकल्पिक संपत्ति नहीं, बल्कि रणनीतिक परिसंपत्ति बन चुका है। केंद्रीय बैंक जितनी तेजी से सोना खरीद रहे हैं, उतनी ही मजबूती से यह निवेशकों के लिए भी आकर्षक बना रहेगा।
स्रोत: World Gold Council – Central Bank Gold Reserves Survey 2026 (16 जून 2026)।
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