घर में पड़ा सोना अब बेकार नहीं रहेगा। गोल्ड लीजिंग और गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम (GMS) से 2-7% सालाना टैक्स-फ्री रिटर्न कमाएं। स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस, बैंक लिस्ट, रिस्क और फायदे जानें। beYourMoneyManager
आपका सोना बेकार पड़ा है? लीज पर दें और कमाएं 2-7% टैक्स-फ्री इनकम – पूरी स्टेप-बाय-स्टेप गाइडभारतीय घरों में करीब 25,000 टन सोना तिजोरियों और लॉकरों में बंद पड़ा है, जो शून्य रिटर्न दे रहा है। अगर आप भी अपने सोने को बिना बेचे अतिरिक्त आय कमाना चाहते हैं, तो गोल्ड लीजिंग या गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम (GMS) आपके लिए बेहतरीन विकल्प हो सकता है।इसमें आप अपना सोना बैंक या अधिकृत संस्था को लीज पर देते हैं, मालिक बने रहते हैं और 2-7% सालाना ब्याज सोने के अतिरिक्त ग्राम के रूप में कमाते हैं। सबसे बड़ा फायदा – यह पूरी तरह टैक्स-फ्री है।गोल्ड लीजिंग क्या है और यह कैसे काम करता है?गोल्ड लीजिंग में आप अपना फिजिकल सोना (ज्वेलरी या बार) बैंक, ज्वेलर्स या फिनटेक प्लेटफॉर्म को निश्चित अवधि के लिए उधार देते हैं। वे इसे बिजनेस (मुख्यतः ज्वेलरी निर्माण) में इस्तेमाल करते हैं। समय पूरा होने पर आपको मूल सोना + ब्याज (अतिरिक्त सोने के ग्राम) वापस मिलता है। आपका स्वामित्व बना रहता है और सोना बढ़ता जाता है।
भारत में मुख्य रूप से दो विकल्प उपलब्ध हैं:Gold Monetisation Scheme (GMS) – बैंक के माध्यम से सरकारी योजना।
प्राइवेट/फिनटेक प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ज्वेलर्स को सीधे लीज।
2-7% सालाना टैक्स-फ्री रिटर्न – इतना आकर्षक क्यों?ब्याज सोने के अतिरिक्त वजन के रूप में मिलता है।
Income Tax, Capital Gains Tax और Wealth Tax से पूरी छूट (GMS के तहत)।
30% टैक्स ब्रैकेट वाले व्यक्ति के लिए FD से बेहतर नेट रिटर्न।
उदाहरण: 100 ग्राम सोना लीज पर देने पर सालाना 2-7 ग्राम अतिरिक्त सोना मिल सकता है, जो टैक्स-फ्री है।
गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम (GMS) में सोना कैसे जमा करें? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
अधिकृत बैंक चुनें — SBI, Bank of Baroda, HDFC, ICICI आदि GMS में भाग ले रहे बैंक।
सोने की शुद्धता और वजन जांचें — ज्यादातर स्कीम 995 प्योरिटी बार या 30 ग्राम से ऊपर हॉलमार्क ज्वेलरी स्वीकार करती हैं।
बैंक ब्रांच विजिट करें — आवश्यक दस्तावेज (ID proof, address proof) साथ लें। बैंक सोने की शुद्धता टेस्ट करेगा।
अवधि चुनें — न्यूनतम 1 साल (विभिन्न टेन्योर उपलब्ध)।
ब्याज दर की तुलना करें — बैंक वेबसाइट या ब्रांच पर चेक करें।
समय पूरा होने पर मूल सोना (समकक्ष वजन और प्योरिटी) + ब्याज वापस मिलता है।
नोट: हेरिटेज ज्वेलरी जमा करने पर वह पिघल जाती है। आपको सिर्फ समकक्ष वजन का सोना वापस मिलेगा।
फायदे:
बिना बेचे सोने पर आय।
टैक्स-फ्री रिटर्न।
सोने की मात्रा बढ़ती है।
सुरक्षित भंडारण (बैंक वॉल्ट)।
महत्वपूर्ण रिस्क और सावधानियां:
काउंटरपार्टी रिस्क — बैंक/ज्वेलर डिफॉल्ट होने पर नुकसान का खतरा। Deposit Insurance नहीं है।
ज्वेलरी पिघलने के बाद मूल डिजाइन वापस नहीं मिलता।
लॉक-इन पीरियड – बीच में निकालना मुश्किल या महंगा हो सकता है।
हमेशा RBI अधिकृत बैंक या विश्वसनीय प्लेटफॉर्म चुनें।
कब बेचना बेहतर विकल्प हो सकता है?:
तुरंत पैसे की जरूरत हो (प्रॉपर्टी, निवेश, कर्ज चुकाने के लिए)।
काउंटरपार्टी रिस्क सहन न कर सकें।
Sovereign Gold Bonds (SGB) या FD में बेहतर विकल्प दिखें।
निष्कर्ष: क्या आपको गोल्ड लीजिंग करना चाहिए?अगर आपके पास अतिरिक्त सोना है जो सालों से बेकार पड़ा है और आप पैसिव इनकम चाहते हैं, तो गोल्ड लीजिंग या GMS बेहतरीन विकल्प है। लेकिन फैसला लेने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें और रिस्क समझ लें।
अस्वीकरण: यह लेख सूचनात्मक उद्देश्य से तैयार किया गया है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें। ब्याज दरें बैंक और समय के अनुसार बदल सकती हैं।

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