ईरान युद्ध के बावजूद सोने की तेजी बरकरार। Lombard Odier के मुताबिक 2027 के पहले हाफ तक गोल्ड $5400 प्रति औंस पहुंच सकता है। भारत में निवेशकों के लिए सोना खरीदने का मौका? पूरी डिटेल पढ़ें।
स्वर्ण की रैली फिर शुरू होगी: ईरान युद्ध के बाद सोना $5,400/औंस तक पहुंचेगा – Lombard Odierदुनिया भर के निवेशक सोने को लेकर काफी उत्साहित हैं। हाल ही में मध्य पूर्व में ईरान युद्ध के कारण सोने की कीमतों में कुछ सुधार (consolidation) देखा गया, लेकिन स्विस प्राइवेट बैंक Lombard Odier का मानना है कि यह सिर्फ अस्थायी रुकावट है। उनका अनुमान है कि 2027 के पहले छमाही (H1 2027) तक सोने की कीमत $5,400 प्रति औंस तक पहुंच जाएगी।ईरान संघर्ष का सोने पर असरजनवरी 2026 में सोना रिकॉर्ड ऊंचाई $5,595/औंस पर पहुंच गया था।
ईरान युद्ध शुरू होने के बाद यह गिरकर मार्च के मध्य में $4,099/औंस तक पहुंच गया। अभी यह $4,500-$4,600 के आसपास ट्रेड कर रहा है।Lombard Odier के Global FX Strategist Kiran Kowshik के अनुसार, इस बार की गिरावट पिछले भू-राजनीतिक संकटों (1979 Iranian Revolution, Gulf Wars, Ukraine) से ज्यादा थी क्योंकि ऊर्जा कीमतों में उछाल से महंगाई बढ़ने और केंद्रीय बैंक रेट हाइक की आशंका जताई गई। इससे डॉलर मजबूत हुआ और गोल्ड जैसी नॉन-यील्डिंग एसेट पर दबाव पड़ा।
अच्छी खबर: रैली फिर शुरू होने वाली हैKowshik का कहना है कि अगर मध्य पूर्व का संघर्ष कम हुआ और ऊर्जा कीमतें गिर गईं (जो उनका बेस केस सिनेरियो है), तो सोना तेजी से रिकवर करेगा।
मुख्य कारण जो सोने को सपोर्ट कर रहे हैं:सेंट्रल बैंक डिमांड मजबूत: 2026 की पहली तिमाही में सेंट्रल बैंकों ने 244 टन सोना खरीदा। उभरते बाजार के देश डॉलर से दूर होकर गोल्ड को रिजर्व में बढ़ा रहे हैं। US सैंक्शंस से बचाव के लिए गोल्ड सबसे सुरक्षित विकल्प है।
प्राइवेट इन्वेस्टर डिमांड: महंगाई, फिस्कल अनिश्चितता और सरकारी कर्ज को लेकर चिंता बढ़ रही है। निवेशक पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन के लिए गोल्ड खरीद रहे हैं।
रियल यील्ड और डॉलर: अगर फेड रेट कट करता है या स्थिर रखता है, तो गोल्ड को फायदा होगा। Lombard Odier उम्मीद करता है कि 2026 में बड़े रेट कट नहीं होंगे, लेकिन रियल यील्ड गिरने से गोल्ड को सपोर्ट मिलेगा।
सप्लाई सीमित: गोल्ड की कुल सप्लाई बहुत धीरे बढ़ती है (हर साल सिर्फ 1% के आसपास)।
निवेशकों के लिए क्या मतलब है?Lombard Odier ने अपना 12-महीने का टारगेट $5,400/औंस बनाए रखा है और पोर्टफोलियो में गोल्ड को Overweight रखा है।भारतीय निवेशकों के लिए यह अच्छा संकेत है। सोने की कीमतें रुपये में भी नई ऊंचाई बना सकती हैं (डॉलर-रुपये एक्सचेंज रेट के साथ)।
SIP में गोल्ड ETF, Sovereign Gold Bonds (SGB), या फिजिकल गोल्ड में निवेश पर विचार करें।
दीर्घकालिक (5-10 साल) में गोल्ड पोर्टफोलियो का 10-15% हिस्सा अच्छा हो सकता है।
नोट: बाजार जोखिम भरा है। कीमतें भू-राजनीतिक घटनाओं, फेड नीति और डॉलर इंडेक्स पर निर्भर करेंगी। हमेशा अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।
निष्कर्ष
ईरान युद्ध सोने की लंबी अवधि की बुलिश स्टोरी को नहीं बदल पाया है। सेंट्रल बैंक खरीदारी, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और फिस्कल चिंताएं सोने को मजबूत आधार दे रही हैं। जो निवेशक अभी सुधार के चरण में हैं, उनके लिए यह अच्छा एंट्री पॉइंट साबित हो सकता है।अपडेट: यह विश्लेषण 20 मई 2026 के Kitco रिपोर्ट पर आधारित है। नवीनतम कीमतों और घटनाओं के लिए नियमित रूप से हमारी वेबसाइट चेक करें।

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