₹13 लाख कैश से क्रेडिट कार्ड बिल भरने पर आया टैक्स नोटिस! ITAT ने कैसे दी राहत – जानें पूरा मामला

क्रेडिट कार्ड बिल कैश में चुकाने पर टैक्स नोटिस क्यों आता है? जानें ₹13 लाख केस में ITAT का फैसला और फैमिली गिफ्ट से जुड़े टैक्स नियम।

₹13 लाख कैश पेमेंट से क्यों आया टैक्स नोटिस?

हाल ही में एक दिलचस्प मामला सामने आया, जिसमें मुंबई के एक व्यक्ति को ₹13 लाख से अधिक नकद राशि से क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने के कारण आयकर विभाग का नोटिस मिला। दरअसल, उस व्यक्ति ने अपने ITR में करीब ₹6.3 लाख की आय दिखाई थी, लेकिन उसने कुल ₹27.65 लाख का क्रेडिट कार्ड बिल चुकाया, जिसमें लगभग ₹13.95 लाख कैश पेमेंट शामिल था।

इतनी बड़ी नकद राशि देखकर आयकर विभाग को शक हुआ कि यह अघोषित आय (Unexplained Income) हो सकती है।

⚖️ क्या था टैक्स विभाग का आरोप?

आयकर विभाग ने यह माना कि:

इतनी बड़ी नकद राशि का स्रोत स्पष्ट नहीं है
यह पैसा छुपी हुई आय (Black Money) हो सकता है
इसलिए इसे टैक्सेबल इनकम माना जाए

इस आधार पर नोटिस जारी किया गया।

करदाता ने क्या सफाई दी?

टैक्सपेयर ने अपनी सफाई में कहा कि:

यह पैसा परिवार (पत्नी, माता-पिता) से मिला गिफ्ट था
इस रकम का उपयोग उसने क्रेडिट कार्ड बिल चुकाने में किया

यानी उसने इसे गिफ्ट (Gift from relatives) बताया, जो आयकर कानून के तहत कुछ शर्तों में टैक्स-फ्री होता है।

ITAT ने क्या फैसला दिया?

मामला आगे बढ़कर Income Tax Appellate Tribunal (ITAT), मुंबई तक पहुंचा।

ITAT ने:

करदाता के दिए गए स्पष्टीकरण और सबूतों को स्वीकार किया
माना कि यह वास्तव में परिवार से मिला गिफ्ट था
और टैक्स विभाग का दावा खारिज कर दिया

इस तरह करदाता को बड़ी राहत मिली।

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