सोने की कीमतों में भारी उछाल आएगा अगर भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी रही और ब्याज दरों में कमी आई – UBS |
किटको न्यूज के अनुसार, UBS के कमोडिटी एनालिस्ट Giovanni Staunovo ने कहा है कि सोना (Gold) और तेल जैसी कमोडिटी अभी भी आकर्षक रिटर्न दे सकती हैं, भले ही ईरान युद्ध समाप्त हो जाए। जिन निवेशकों के पास पहले से अच्छा गोल्ड पोजीशन है, उन्हें अपनी कमोडिटी एक्सपोजर को और बढ़ाना चाहिए।Staunovo ने एक नोट में लिखा, “ईरान में जारी तनाव और हॉर्मुज स्ट्रेट में जोखिम ने कमोडिटी की कीमतों और वोलेटिलिटी दोनों को ऊपर धकेला है, खासकर तेल को। हम कमोडिटी में आगे भी ऊपरी रुझान देख रहे हैं, जो फंडामेंटल्स, सप्लाई-डिमांड असंतुलन और भू-राजनीतिक जोखिमों से प्रेरित है।”
वर्तमान बाजार स्थिति
ईरान पर हमलों से पहले ब्रेंट क्रूड तेल की कीमत $72 प्रति बैरल के आसपास थी, जो अब $102 प्रति बैरल पहुंच गई है।
गोल्ड की कीमतें अभी अपने जनवरी के ऑल-टाइम हाई से 13% नीचे हैं।
साल 2026 में अब तक ब्रॉड कमोडिटी इंडेक्स 17% ऊपर है।
UBS का मुख्य आउटलुक
Staunovo के अनुसार, भू-राजनीतिक रिस्क प्रीमियम भले ही कम हो जाए, लेकिन कमोडिटी के फंडामेंटल्स मजबूत बने हुए हैं। तेल के उत्पाद इन्वेंटरी कई देशों में कम चल रही हैं, जिससे कीमतें और बढ़ सकती हैं।
सोने पर सबसे महत्वपूर्ण टिप्पणी:
“मध्यम अवधि में, हम अभी भी उम्मीद करते हैं कि अगर भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी रही और ब्याज दरों की उम्मीदें कम हुईं तो सोना काफी मजबूती से चढ़ेगा (rally substantially)।”
UBS ने पहले ही भविष्यवाणी की थी कि 2026 के अंत तक सोने की कीमत $5,900 से $6,200 प्रति औंस तक पहुंच सकती है।
क्यों
सोना अभी साइडवेज है? ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद सोना $5,200 प्रति औंस के ऊपर ब्रेकआउट नहीं कर पाया है। हालांकि, UBS का मानना है कि यह अस्थायी है। सोना सीधे युद्ध का नहीं, बल्कि युद्ध के व्यापक आर्थिक प्रभाव (मुद्रा अवमूल्यन, बढ़ते घाटे, आर्थिक मंदी) का हेज है।ऐतिहासिक उदाहरण:रूस-यूक्रेन युद्ध (2022) में सोना शुरू में 15% चढ़ा, फिर दरें बढ़ने से गिरा।
गल्फ वॉर और इराक वॉर में भी यही पैटर्न देखा गया।
निवेशकों के लिए सलाह
जिनके पास पहले से बड़ा गोल्ड पोर्टफोलियो है, उन्हें कॉपर, एल्युमिनियम और कृषि कमोडिटी में भी विविधीकरण करना चाहिए।
मध्यम अवधि में UBS कॉपर और एल्युमिनियम में सप्लाई शॉर्टेज की उम्मीद रखता है।
कुल मिलाकर, मिड-सिंगल डिजिट प्रतिशत (4-7%) तक गोल्ड एलोकेशन पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई और सुरक्षित रख सकता है।
निष्कर्ष
भू-राजनीतिक अनिश्चितता, सेंट्रल बैंक खरीदारी, बढ़ते सरकारी कर्ज और एशिया में गोल्ड ज्वेलरी की मांग के कारण सोने का लंबी अवधि का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है।
नोट: यह लेख UBS की रिपोर्ट पर आधारित है। निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। बाजार जोखिमपूर्ण हैं।

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