सोना अभी भी अगले 12 महीनों में $5,500 प्रति औंस तक का रास्ता बना रहा है: Amundi के Portelli
नई दिल्ली, 27 अप्रैल 2026 – वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतें अभी भी एक व्यापक साइडवेज चैनल में फंसी हुई हैं, लेकिन Amundi के सीनियर विशेषज्ञ Portelli का मानना है कि सोने को $5,500 प्रति औंस तक जाने का मजबूत रास्ता अभी भी खुला हुआ है।
Kitco News के साथ हालिया चर्चा में Portelli ने कहा कि अल्पावधि में मुद्रास्फीति की आशंकाएँ सोने पर कुछ दबाव डाल रही हैं, लेकिन लंबी अवधि के स्ट्रक्चरल फैक्टर्स सोने को नई ऊँचाइयों पर ले जाने वाले हैं।
सोने की तेजी के मुख्य कारण क्या हैं?
Amundi के विश्लेषण के अनुसार, सोने की माँग को कई मजबूत कारक सपोर्ट कर रहे हैं:
सेंट्रल बैंकों की भारी खरीदारी: कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सेंट्रल बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। यह ट्रेंड पिछले कई वर्षों से जारी है और 2026 में भी जारी रहने की उम्मीद है।
भू-राजनीतिक अनिश्चितताएँ: विश्व स्तर पर बढ़ते तनाव, युद्ध और राजनीतिक अस्थिरता सोने को सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में आकर्षक बना रहे हैं।
डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों का आउटलुक: अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरें घटाता है, तो सोने की कीमतों को और बढ़ोतरी मिल सकती है।
निवेशकों का डाइवर्सिफिकेशन: संस्थागत और रिटेल निवेशक पोर्टफोलियो में सोने का वेटेज बढ़ा रहे हैं, क्योंकि अन्य एसेट क्लासेस में जोखिम बढ़ रहा है।
Portelli ने जोर दिया कि सोना अभी भी साइडवेज मूवमेंट में है, लेकिन जब सही ट्रिगर्स सक्रिय होंगे, तो यह तेजी से ऊपर की ओर ब्रेकआउट कर सकता है। उनका अनुमान है कि अगले 12 महीनों (अप्रैल 2027 तक) में $5,500 प्रति औंस का स्तर हासिल किया जा सकता है।
वर्तमान स्थिति (अप्रैल 2026)अभी सोने की स्पॉट कीमत लगभग $4,700 - $4,750 प्रति औंस के आसपास है। यानी अगर Portelli का अनुमान सही साबित होता है, तो आने वाले एक साल में लगभग 15-17% की बढ़ोतरी की संभावना है।अन्य प्रमुख बैंक भी काफी bullish हैं:JP Morgan ने 2026 के अंत तक लगभग $5,000 प्रति औंस का टारगेट दिया है।
Goldman Sachs ने $5,400 तक का अनुमान लगाया है।
कुछ विशेषज्ञ $6,000 तक की भी बात कर रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या मतलब है?beyourmoneymanager.com की सलाह:
लंबी अवधि का नजरिया रखें — सोना पोर्टफोलियो का 10-15% हिस्सा होना चाहिए ताकि diversification मिले।
डिप पर खरीदारी — अगर कीमतें $4,500-$4,600 के सपोर्ट लेवल पर आती हैं, तो अच्छा एंट्री पॉइंट हो सकता है।
फिजिकल गोल्ड, ETF या Sovereign Gold Bonds — भारत में निवेशकों के लिए SGB और गोल्ड ETF टैक्स और स्टोरेज के लिहाज से बेहतर विकल्प हैं।
रिस्क मैनेजमेंट — शॉर्ट टर्म वोलेटिलिटी रहने वाली है, इसलिए लंपसम इन्वेस्टमेंट की बजाय SIP स्टाइल में गोल्ड ETF में निवेश करें।
निष्कर्ष
Amundi के Portelli का आउटलुक सोने के स्ट्रक्चरल बुल केस को मजबूत करता है। मुद्रास्फीति, सेंट्रल बैंक डिमांड और जियोपॉलिटिकल रिस्क मिलकर सोने को नई ऊँचाइयों पर ले जा सकते हैं। हालांकि, बाजार हमेशा अनिश्चित रहता है, इसलिए कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।

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