भारतीय रिज़र्व बैंक ने मुला सहकारी बैंक लिमिटेड, सोनाई, अहमदनगर (एम.एच) पर
मौद्रिक दंड लगाया
भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 11 फरवरी 2022 के एक आदेश द्वारा, मुला सहकारी बैंक लिमिटेड, सोनाई, अहमदनगर (एम.एच) (बैंक) पर शहरी सहकारी बैंकों को एक्सपोजर मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध-यूसीबी पर आरबीआई द्वारा जारी निदेशों के उल्लंघन/अननुपालन के लिए ₹25,000/- (पच्चीस हजार रुपये मात्र) का मौद्रिक दंड लगाया है। यह दंड आरबीआई द्वारा जारी उपरोक्त निदेशों का पालन करने में बैंक की विफलता को ध्यान में रखते हुए बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 की धारा 46 (4) (i) और धारा 56 के साथ पठित धारा 47 ए (1) (सी) के प्रावधानों के तहत रिज़र्व बैंक को प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए लगाया गया है।
यह कार्रवाई विनियामक अनुपालन में कमियों पर आधारित है और इसका उद्देश्य बैंक द्वारा अपने ग्राहकों के साथ किए गए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर सवाल करना नहीं है।
पृष्ठभूमि
31 मार्च 2020 को बैंक की वित्तीय स्थिति के आधार पर बैंक के निरीक्षण रिपोर्ट से, अन्य बातों के साथ-साथ पता चला कि बैंक ने एक्सपोजर मानदंड और सांविधिक/अन्य प्रतिबंध-यूसीबी पर आरबीआई द्वारा जारी निदेशों के तहत निर्धारित विवेकपूर्ण अंतर-बैंक प्रतिपक्षकार सीमा का पालन नहीं किया था। उक्त के आधार पर बैंक को एक नोटिस जारी किया गया जिसमें उनसे यह पूछा गया कि वे कारण बताएं कि निदेशों के अननुपालन के लिए उन पर दंड क्यों न लगाया जाए।
बैंक के उत्तर तथा व्यक्तिगत सुनवाई के दौरान किए गए मौखिक प्रस्तुतियों पर विचार करने के बाद, आरबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि आरबीआई द्वारा जारी निदेशों के अननुपालन के उपर्युक्त आरोप सिद्ध हुए हैं और मौद्रिक दंड लगाया जाना आवश्यक है।
(साभार-www.rbi.org.in)
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