शोधित एवं परिष्कृत अपशिष्ट जल के औद्योगिक इस्तेमाल पर लगेगा 18 प्रतिशत जीएसटी

अग्रिम निर्णय प्राधिकरण (एएआर) ने व्यवस्था दी है कि शोधित और परिष्कृत अपशिष्ट जल को जीएसटी अधिनियम के तहत 'पानी' के रूप में वर्गीकृत किया गया है और औद्योगिक उपयोग के लिए इसकी आपूर्ति पर 18 प्रतिशत कर लगेगा।

नागपुर वेस्ट वॉटर मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने एएआर की महाराष्ट्र पीठ का दरवाजा खटखटाया था और इस पर फैसला सुनाने की मांग की थी कि क्या महाराष्ट्र राज्य बिजली उत्पादक कंपनी लिमिटेड (महाजेनको) को आपूर्ति किया गया 'तृतीयक शोधित जल' जीएसटी कानून के तहत कर योग्य है।

एएआर ने कहा कि कंपनी द्वारा महाजेनको को आपूर्ति किया गया पानी अपशिष्ट जल के शोधन के बाद हासिल किया जाता है और यह पीने योग्य नहीं है।

एएआर ने कहा कि आवेदक अपशिष्ट जल से दूषित पदार्थों को हटाता है, इस प्रकार इसे परिष्कृत करता है और इसे औद्योगिक उद्देश्यों के लिए उपयोगी बनाता है। इसलिए महाजेनको को 'तृतीयक उपचारित जल' की आपूर्ति पर कर लगना चाहिए।

(साभार: पीटीआई भाषा) 

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