हम सब जानते हैं कि वित्त वर्ष 2020-21 (1 अप्रैल 2020-31 मार्च 2021) में तमाम आर्थिक गतिविधियों पर कोरोना महामारी का कहर रहा, बावजूद इसके शेयर बाजार छलांग लगाता रहा, भारतीय कंपनियों को आईपीओ से पैसे जुटाने में अच्छी खासी कामयाबी देखने को मिली। जहां तक बात आईपीओ की है तो वैश्विक स्तर पर नकदी की प्रचुरता और इक्विटी मार्केट की तेजी की वजह से भारतीय कंपनियों ने आईपीओ से 31 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा रकम जुटाने में कामयाब रहीं। ये पिछले तीन साल में आईपीओ से सबसे ज्यादा जुटाई गई रकम है।
शेयर बाजार में मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2020-21 में 30 कंपनियों ने आईपीओ के जरिये 31,277 करोड़ रुपए जुटाए। वहीं, इसके पिछले वित्त वर्ष यानी वित्त वर्ष 2019-20 में 13 आईपीओ से 20, 352 करोड़ रुपए जुटाए गए थे। वित्त वर्ष 2018-19 की बात करें तो 14 आईपीओ से 14,719 करोड़ रुपए और 2017-18 में 45 आईपीओ से 82,109 करोड़ रुपए जुटाए गए थे। वित्त वर्ष 2021-22 में भी भारी-भरकम आईपीओ आने की उम्मीद है। इसमें शामिल है- LIC, HDB Financial Services, NCDEX, ESAF Small Finance Bank। इसके अलावा, जिन कंपनियों ने मीडिया में अपना आईपीओ प्लान उजागर किया है, वो हैं- Go Air, Zomato, Mobikwik, Policy Bazaar, Adani Wilmar, Nirma Cement, SBI Mutual Fund, Star Health Insurance, Aditya Birla Sun Life AMC।
जानकारों का कहना है कि आम लोगों के लिए सबसे आसान, सबसे सुरक्षित माने जाने वाले निवश साधन फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की ब्याज दरों में लगातार कमी होने की वजह से भी लोग इक्विटी बाजार में पैसे लगाना पसंद कर रहे हैं।
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