राजभाषा स्वर्ण जयंती समारोह के उपलक्ष्य में रिज़र्व बैंक ने
बैंकिंग पर हिंदी में उत्कृष्ट लेखन के लिए पुरस्कार योजना घोषित की
बैंकिंग पर हिंदी में उत्कृष्ट लेखन के लिए पुरस्कार योजना घोषित की
बैंकिंग हिंदी के क्षेत्र में मूल लेखन की कमी काफी दिनों से महसूस की जा रही थी। इस कमी को दूर करने के लिए तथा हिंदी में आर्थिक/वित्तीय विषयों पर मौलिक लेखन को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर डॉ. रघुराम जी. राजन ने हिंदी में आर्थिक/वित्तीय विषयों पर मौलिक लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए “बैंकिंग पर हिंदी में उत्कृष्ट लेखन” नामक पुरस्कार योजना की आज घोषणा की। इस योजना के तहत भारतीय विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों को आर्थिक/वित्तीय/बैंकिंग विषयों पर हिंदी में लिखी गई उनकी मौलिक पुस्तकों के लिए प्रति वर्ष ₹ 1,25,000/- (एक लाख पच्चीस हजार रुपए) के तीन पुरस्कार दिए जाएंगे। योजना की अन्य शर्तें रिज़र्व बैंक शीघ्र ही जारी करेगा।
भारतीय रिज़र्व बैंक के गवर्नर डॉ. रघुराम जी. राजन ने भारत रिज़र्व बैंक में राजभाषा विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राजभाषा स्वर्ण जयंती समारोह के समापन के लिए आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में यह घोषणा की। समापन समारोह 24 मई 2016 को वाई.बी. चव्हाण सभागार, मुंबई में शाम 5.00 बजे आयोजित किया गया। इस अवसर पर राजभाषा विभाग द्वारा प्रकाशित नौ विशिष्ट प्रकाशनों का विमोचन भी किया गया।
डॉ. राजन ने इस अवसर पर वर्ष 2014-15 के लिए राजभाषा शील्ड प्रतियोगिता, द्विभाषी और हिंदी गृह पत्रिका प्रतियोगिता और निबंध प्रतियोगिता 2015-16 के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए।
इस अवसर पर भारतीय रिज़र्व बैंक के उप गवर्नर श्री एस.एस. मूंदड़ा ने विजेता बैंकों तथा वित्तीय संस्थाओं को बधाई देते हुए कहा कि बैंकिंग क्षेत्र के लिए हिंदी सांविधिक अपेक्षाओं का अनुपालन मात्र नहीं है। ग्राहक सेवा और मार्केटिंग जैसे महत्वपूर्ण मसलों में ग्राहक की भाषा ही उन्हें जोड़ने का कार्य करती है। इसलिए आवश्यक है कि ग्राहक वर्ग बढ़ाने और व्यवसाय की लाभप्रदता बनाए रखने के लिए हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं को ज्यादा से ज्यादा अपनाया जाए।
कार्यक्रम में श्री अनूप कुमार श्रीवास्तव, सचिव, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। इस अवसर पर सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया जिसमें वार्ता में सिनेमा, साहित्य, पत्रकारिता तथा बैंकिंग क्षेत्र के श्री अनुपम खेर, श्री राहुल देव, श्री रवीश कुमार और श्री मुरली राधाकृष्णन तथा कविगोष्ठी में श्री अशोक चक्रधर, श्रीमती दीप्ति मिश्रा, श्रीमती मुमताज़ नसीम और श्री अखिलेश तिवारी ने शिरकत की।
कार्यपालक निदेशक श्री दीपक सिंघल ने कार्यक्रम में भाग ले रहे बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य समारोह में श्रीमती सुरेखा मरांडी, प्रधान मुख्य महाप्रबंधक (राजभाषा) ने तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम में डॉ. रमाकांत गुप्ता, महाप्रबंधक (राजभाषा) ने आभार व्यक्त किया।
राजभाषा स्वर्ण जयंती समारोह में बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के अध्यक्ष तथा अन्य वरिष्ठ कार्यपालक विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में उपस्थित थे।
Source: rbi.org.in
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