अगर आप उन कंपनियों के निवेशक हैं जिसे निलंबित (सस्पेंड) हुए सात साल से अधिक हो चुका है या फिरजिन शेयरों में लंबे समय से कोई कारोबार नहीं हो रहा है तो आप सावधान रहें। दरअसल, शेयर बाजार नियामक सेबी ऐसी 4200 से अधिक सूचीबद्ध कम्पनियों की सूचीबद्धता समाप्त करने की योजना बना रहा है। इसके अंतर्गत जिन कंपनियों के शेयरों में कोई कारोबार नहीं हो रहा वो कंपनियां भी शामिल हैं। सेबी ने कहा है कि निवेशकों को शेयर बेच कर निकलने का अवसर देने से इनकार करने वाले प्रवर्तकों (प्रोमोटर्स) के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
सेबी चेयरमैन यू के सिन्हा ने बताया कि उक्त कम्पनियों में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सूचीबद्ध (लिस्टेड) 1200 से भी अधिक कम्पनियां भी शामिल हैं जिनके शेयरों में कारोबार विभिन्न अनुपालनों के उल्लंघन के कारण 7 साल से भी अधिक समय से निलंबित है।
इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रीय स्टाक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध 3000 से अधिक कंपनियों भी हैं जो कि इस समय बंद हैं। इसके साथ ही सिन्हा ने सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय खातों में कमियों पर अपनी आंखें मूंदने वाले आडिटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। सिन्हा ने कहा, अब तक हमने आडिटरों को लेकर दूर रहो की नीति अपनाई है लेकिन अगर कुछ गंभीर हमारे सामने आता है तो हम कार्रवाई करेंगे।आडिटर अगर कमियों पर ऊंगली उठाए बिना ही सालों से खातों को प्रमाणित कर रहे हैं तो वे निरापद नहीं रह सकते।
सेबी प्रमुख ने कहा कि सूचीबद्ध कम्पनियों को लेकर काम इसी साल पूरा कर लिया जाएगा। भविष्य में भी बाजार को साफ स्वच्छ करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जाएगी। यहां एक संवाद में सिन्हा ने कहा
कि इन कम्पनियों की सूचीबद्धता समाप्त करना नियामक के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में एक महत्वपूर्ण काम
है जिस पर वह ध्यान देगा। उन्होंने कहा, हम सूचीबद्ध कम्पनियों की संख्या घटाने जा रहे हैं। हमने कुछ बंद
पड़े या काम नहीं कर रहे क्षेत्रीय एक्सचेंजों को बंद कर स्टाक एक्सचेंजों की संख्या घटाई है।
((डिविडेंड/सस्पेंडेंड/डीलिस्ट कंपनी के बारे में जानकारी कहां मिलेगी
((शेयर बाजार निवेशकों के लिए कंपनियों के नतीजे के मायने -भाग-1
सेबी चेयरमैन यू के सिन्हा ने बताया कि उक्त कम्पनियों में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में सूचीबद्ध (लिस्टेड) 1200 से भी अधिक कम्पनियां भी शामिल हैं जिनके शेयरों में कारोबार विभिन्न अनुपालनों के उल्लंघन के कारण 7 साल से भी अधिक समय से निलंबित है।
इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रीय स्टाक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध 3000 से अधिक कंपनियों भी हैं जो कि इस समय बंद हैं। इसके साथ ही सिन्हा ने सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय खातों में कमियों पर अपनी आंखें मूंदने वाले आडिटरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। सिन्हा ने कहा, अब तक हमने आडिटरों को लेकर दूर रहो की नीति अपनाई है लेकिन अगर कुछ गंभीर हमारे सामने आता है तो हम कार्रवाई करेंगे।आडिटर अगर कमियों पर ऊंगली उठाए बिना ही सालों से खातों को प्रमाणित कर रहे हैं तो वे निरापद नहीं रह सकते।
सेबी प्रमुख ने कहा कि सूचीबद्ध कम्पनियों को लेकर काम इसी साल पूरा कर लिया जाएगा। भविष्य में भी बाजार को साफ स्वच्छ करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की जाएगी। यहां एक संवाद में सिन्हा ने कहा
कि इन कम्पनियों की सूचीबद्धता समाप्त करना नियामक के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में एक महत्वपूर्ण काम
है जिस पर वह ध्यान देगा। उन्होंने कहा, हम सूचीबद्ध कम्पनियों की संख्या घटाने जा रहे हैं। हमने कुछ बंद
पड़े या काम नहीं कर रहे क्षेत्रीय एक्सचेंजों को बंद कर स्टाक एक्सचेंजों की संख्या घटाई है।
((डिविडेंड/सस्पेंडेंड/डीलिस्ट कंपनी के बारे में जानकारी कहां मिलेगी
((शेयर बाजार निवेशकों के लिए कंपनियों के नतीजे के मायने -भाग-1
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