रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मार्च 2016 में समाप्त तिमाही के दौरान 7,320 करोड़ रुपए के कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफे की घोषणा की है जो कि इससे पिछली तिमाही (Q-o-Q) के मुकाबले 4% जबकि इससे पिछले साल की इसी तिमाही (Y-o-Y) के मुकाबले 17% अधिक है। दिसंबर तिमाही में कंपनी को 7,019 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा हुआ था जबकि मार्च 2015 में तिमाही में 6,243 करोड़ रुपए का।
बात अगर कंपनी के स्टैंडअलोन कुल इनकम की करें तो यह मार्च 2015 तिमाही के मुकाबले 11% घटकर 5,18,150 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। मार्च 2015 तिमाही के दौरान कंपनी का 5,81,760 करोड़ रुपए स्टैंड.कुल इनकम हुआ था। इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 16% बढ़कर 6,381 करोड़ रुपए से 7,398 करोड़ रुपए हो गया है।
हालांकि, कंपनी के ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में तिमाही आधार पर 0.70% की कमी आई है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का जीआरएम $11.5 प्रति बैरल था जो कि मार्च 2016 तिमाही में घटकर $10.8 प्रति बैरल पर आ गया। कंपनी ने 10.50 रुपए प्रति बैरल डिविडेंड की घोषणा की है।
बात अगर कंपनी के स्टैंडअलोन कुल इनकम की करें तो यह मार्च 2015 तिमाही के मुकाबले 11% घटकर 5,18,150 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। मार्च 2015 तिमाही के दौरान कंपनी का 5,81,760 करोड़ रुपए स्टैंड.कुल इनकम हुआ था। इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 16% बढ़कर 6,381 करोड़ रुपए से 7,398 करोड़ रुपए हो गया है।
हालांकि, कंपनी के ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में तिमाही आधार पर 0.70% की कमी आई है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का जीआरएम $11.5 प्रति बैरल था जो कि मार्च 2016 तिमाही में घटकर $10.8 प्रति बैरल पर आ गया। कंपनी ने 10.50 रुपए प्रति बैरल डिविडेंड की घोषणा की है।
कोई टिप्पणी नहीं