आबादी 125 करोड़, करोड़पति सिर्फ 2.36 लाख !

करोड़पतियों की तादाद के लिहाज से भारत एशिया प्रशांत इलाके में जापान, चीन, ऑस्ट्रेलिया के बाद चौथे पायदान पर है। वर्ष 2015 के अंत तक भारत में करोड़पतियों की आबादी 2.36 लाख रही। न्यू वर्ल्ड वेल्थ की एशिया पैसिफिक 2016 वेल्थ रिपोर्ट ने इसकी जानकारी दी। करीब 10 लाख डॉलर से ज्यादा शुद्ध परिसंपत्ति वाले लोगों को करोड़पति के तौर पर माना गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2015 के अंत तक जापान में 12,60,000 करोड़पति, चीन में करीब 654,000 और ऑस्ट्रेलिया में 290,000 रही। एशिया प्रशांत क्षेत्र में ऐसे अमीरों की तादाद के मामले में सिंगापुर पांचवें पायदान पर है जहां 224,000 करोड़पति थे। इसके बाद हॉन्गकॉन्ग (छठे पायदान पर, 215,000), दक्षिण कोरिया (सातवें, 125,000), ताइवान (आठवें, 98,200), न्यूजीलैंड (नौवें, 89,000) और इंडोनेशिया (10वें, 48,500) का स्थान है।

इस रिपोर्ट में हैरान करने वाली बात ये है कि भारत भले ही कुल निजी संपत्ति के लिहाज से एशिया प्रशांत देशों में शीर्ष पांच देशों में शामिल है लेकिन प्रति व्यक्ति संपत्ति के लिहाज से यह निचले स्तर पर है।

 प्रति व्यक्ति के लिहाज से भारत निचले स्तर पर तीन देशों में शामिल था क्योंकि प्रति व्यक्ति औसत संपत्ति 3,500 डॉलर है जबकि ऑस्ट्रेलिया इस श्रेणी में शीर्ष पर है और यहां प्रति व्यक्ति औसत संपत्ति 204,400 डॉलर है। वहीं पाकिस्तान के लोग सबसे ज्यादा गरीब हैं जहां प्रति व्यक्ति 1,600 डॉलर की संपत्ति है।' कुल व्यक्तिगत संपत्ति का तात्पर्य है, हरेक देशों में सभी व्यक्तियों की निजी संपत्ति जिसमें संपत्ति, नकदी, इक्विटी और कारोबारी हित भी शामिल हैं।

((60 साल की उम्र में करोड़पति बनने के लिए क्या करें
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