बाजार की नजर आज आने वाले IIP यानी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक डाटा पर है। रायटर्स के पोल के मुताबिक, मई में भी औद्योगिक उत्पादन का विकास दर अप्रैल के 4.1% के करीब रहने की उम्मीद है।
उधर, जून के खुदरा महंगाई दर (CPI महंगाई दर) की बात करें,तो जानकारों के मुताबिक इसमें मामूली बढ़त देखी जा सकती है। मई में ये 5.01% दर्ज किया गया था जबकि जून में ये मामूली बढ़ोतरी के साथ 5.10% जा सकती है।
रिजर्व बैंक लगातार महंगाई पर मॉनसूनी बारिश के असर पर नजर रखे हुए है। अगले महीने होने वाली रिजर्व बैंक की क्रेडिट पॉलिसी बैठक के लिए जून की खुदरा महंगाई दर अहम भूमिका निभाएगी।
ब्याज दरों में और कटौती के लिए महंगाई को काबू में रहना जरूरी है।
रिजर्व बैंक ने अगले साल जनवरी तक खुदरा महंगाई दर 6% और मार्च 2018 तक 4% देखना चाहता है। इस साल अब तक रिजर्व बैंक रेपो रेट 0.75% घटा चुका है।
उधर, जून के खुदरा महंगाई दर (CPI महंगाई दर) की बात करें,तो जानकारों के मुताबिक इसमें मामूली बढ़त देखी जा सकती है। मई में ये 5.01% दर्ज किया गया था जबकि जून में ये मामूली बढ़ोतरी के साथ 5.10% जा सकती है।
रिजर्व बैंक लगातार महंगाई पर मॉनसूनी बारिश के असर पर नजर रखे हुए है। अगले महीने होने वाली रिजर्व बैंक की क्रेडिट पॉलिसी बैठक के लिए जून की खुदरा महंगाई दर अहम भूमिका निभाएगी।
ब्याज दरों में और कटौती के लिए महंगाई को काबू में रहना जरूरी है।
रिजर्व बैंक ने अगले साल जनवरी तक खुदरा महंगाई दर 6% और मार्च 2018 तक 4% देखना चाहता है। इस साल अब तक रिजर्व बैंक रेपो रेट 0.75% घटा चुका है।



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