रिवर्स मोर्गेज लोन: घर गिरवी रखें, आजीवन नियमित पैसे पाएं

अगर आपके पास खुद का घर है जिस पर कर्ज नहीं हो और बुढ़ापे में नियमित आमदनी का स्त्रोत नहीं है तो वो घर आपका सहारा बन सकता है। रिवर्स मोर्गेज लोन उसी सहारे के नाम है।

इसके तहत घर का मालिक अपने बैंक को अपना घर गिरवी रखकर उसमें रहते हुए नियमित आमदनी या फिर एकमुश्त रकम का हकदार बनता है। हालांकि ये सुविधा 60 साल या उससे अधिक उम्र वाले घर मालिकों को ही मिली हुई है।

रिवर्स मोर्गेज स्कीम की खासियत: 
- सीनियर सिटिजन को उसके घर के बदले
 हर महीने नियमित आय होती है।
-अपना घर गिरवी रखकर सीनियर सिटीजन
चाहें को एकमुश्त पैसे ले सकते हैं।
-बैंक और हाउसिंग फाइनेंशिंग कंपनी प्रॉपर्टी की
वैल्यू का 60 % तक लोन देते हैं
-बैंक या हाउसिंग फाइनेंशिंग कंपनी लोन देते समय
प्रोसेसिंग फीस और लेगल चार्जेज भी वसूलते हैं।
-प्रोसेसिंग फीस लोन की रकम की 0.5% या 10 हजार
रुपए तक हो सकता है।
-बैंक लेगल चार्जेज 5 हजार से 10 हजार रुपए तक
वसूलते हैं।
-फिलहाल 23 बैंक या हाउसिंग फाइनेंशिंग कंपनी
रिवर्स मोर्गेज लोन दे रहे हैं।
-लोन का उपयोग वह प्रॉपर्टी बनाने, उसके रंगरोगन,
मरम्मत में कर सकता है। लेकिन इसका इस्तेमाल
ट्रेडिंग के काम में नहीं कर सकते
-इसमें घर का मालिक अपनी मौत, घर बेचने या
घर छोड़ने तक धन वापस नहीं करने के दायित्व को
स्थगित रख सकता है
-इसमें लोन लेने वाला व्यक्ति जब तक चाहे मकान में
रह सकता है
- घर के मालिक को प्रापर्टी के स्थानांतरण तक लोन का
पुन: भुगतान करने का दायित्व नहीं होता है
-कर्जदाता को घर के मालिक की मृत्यु या उसके घर खाली
करने पर ही अपनी रकम की प्राप्ति होती है
-बैंक घर बेचकर ही अपने मूलधन की ब्याज सहित रकम प्राप्त
करता है
-मकान बेचने के  बाद उधार लेने वाले व्यक्ति की बची हुई राशि
उसके नॉमिनी को दे दी जाती है
-आयकर की धारा 10 के तहत ‘यह राशि आयकर मुक्त होती है
-2007-08 के यूनियन बजट में रिवर्स मोर्गेज का प्रस्ताव लाया
गया था।
सुरक्षित रिटायरमेंट: आज की तैयारी, 
कल की बेफिक्र जिंदगी; कैसे, जानने के लिए पढ़ें
http://beyourmoneymanager.blogspot.in/2015/01/blog-post_10.html

कोई टिप्पणी नहीं