अगर आप अगले कुछ दिनों में ऑफिस, शॉप्स, अपार्टमेंट्स, फैक्टरी बिल्डिंग्स खरीदने की योजना बना रहे हैं तो भारतीय स्टेट बैंक के मेगा e-ऑक्शन का फायदा उठा सकते हैं।
बैंक 12 जून को अहमदाबाद, भोपाल, दिल्ली, इंदौर, जयपुर, रांची, पटना, पुणे समेत देश के कई शहरों में ऑक्शन करने जा रहा है। इसके लिए आप https://sbi.auctiontiger.net या https://www.bankeauctions.com/
NAuthentication/SBIEventlist.aspx पर जाकर बोली लगा सकते हैं। इस बारे में आपको ज्यादा जानकारी www.sbi.co.in>AuctionNotices>Bank e-Auctions यहां जाकर मिल सकती है।
लेकिन, सबसे बड़ा सवाल है कि क्या आंख बंद करके ई-ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी खरीदी जा सकती है या फिर कुछ छानबीन करना जरूरी है। अगर आप मेहनत की कमाई प्रॉपर्टी खरीदने में लगा रहे हैं तो जाहिर है कि कुछ तो जांच-परख करना बनता है।
ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी में क्या देखें-
बैंक या कंपनी डिफॉल्टर से उनकी प्रॉपर्टी जब्त कर लेते हैं और खुले बाजार में उसका ऑक्शन करते हैं। जब प्रॉपर्टी का ऑक्शन किया जाता है तो उसके रिजर्व प्राइस में उस प्रॉपर्टी में बकाया टैक्स या फिर बकाया बिजली-पानी-मेनटेनेंस बिल जोड़ा नहीं रहता है। इसलिए ऐसी प्रॉपर्टी सस्ते होते हैं। लेकिन उसके लिए
बोली लगाने से पहले आपको उससे संबंधित कई तथ्यों की छानबीन करना जरूरी है।
ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी खरीदने से पहले नीचे दी गई बातों की जानकारी लेना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
-सबसे पहले ये देख लें कि बैंक या कंपनी ऑक्शन वाले प्रॉपर्टी का रिजर्व प्राइस उस प्रॉपर्टी की कुल कीमत है या फिर उसके लिए कुछ अतिरिक्त पैसा देना होगा।
-हाउसिंग सोसाइटी से इस बात का पता कर लें कि उस प्रॉपर्टी पर कोई मेनटेनेंस बिल बकाया है या नहीं। अगर बकाया है तो कितना ?
-नगर निगम या नगरपालिका से ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी पर बकाया टैक्स की पूरी जानकारी ले लें।
-उस प्रॉपर्टी का बिजली या फिर पानी के कनेक्शन के बारे में पूरी तरह छानबीन कर लें। यह पता कर लें कि क्या बिल का भुगतान नहीं किए जाने के कारण कनेक्शन काट दिया गया है। अगर ऐसा है तो बकाए बिल
का हिसाब-किताब जोड़ लें, क्योंकि अगर आप ऑक्शन वाला फ्लैट खरीदते हैं तो बकाया बिल आपको ही चुकाना होगा।
-ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी की हालत जाकर देख लें और पता कर लें कि वह किस हालत में है। अगर उसे रेनोवेशन की जरूरत है तो उस पर आने वाली लागत का भी पता कर लें।
-इतना करने के बाद ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी का रिजर्व प्राइस और उस प्रॉपर्टी पर आने वाली लागत मसलन, बकाया टैक्स, बकाया मेनटेनेंस, बिजली और पानी बिल, रेनोवेशन कॉस्ट को जोड़ लें। इसके बाद ये देखे
कि आपको ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी मौजूदा बाजार रेट से सस्ती पड़ती है या महंगी।
-प्रॉपर्टी का लोकेशन बगैरह तो देखना जरूरी है ही।
इतना सबकुछ करने के बाद अगर आपको लगता है कि बाजार भाव से कम कीमत में आपको ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी मिल रही है, तभी उसके लिए बोली लगाएं। नहीं तो फिर, नयी प्रॉपर्टी लेने में क्या गलत है।
बैंक 12 जून को अहमदाबाद, भोपाल, दिल्ली, इंदौर, जयपुर, रांची, पटना, पुणे समेत देश के कई शहरों में ऑक्शन करने जा रहा है। इसके लिए आप https://sbi.auctiontiger.net या https://www.bankeauctions.com/
NAuthentication/SBIEventlist.aspx पर जाकर बोली लगा सकते हैं। इस बारे में आपको ज्यादा जानकारी www.sbi.co.in>AuctionNotices>Bank e-Auctions यहां जाकर मिल सकती है।
लेकिन, सबसे बड़ा सवाल है कि क्या आंख बंद करके ई-ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी खरीदी जा सकती है या फिर कुछ छानबीन करना जरूरी है। अगर आप मेहनत की कमाई प्रॉपर्टी खरीदने में लगा रहे हैं तो जाहिर है कि कुछ तो जांच-परख करना बनता है।
ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी में क्या देखें-
बैंक या कंपनी डिफॉल्टर से उनकी प्रॉपर्टी जब्त कर लेते हैं और खुले बाजार में उसका ऑक्शन करते हैं। जब प्रॉपर्टी का ऑक्शन किया जाता है तो उसके रिजर्व प्राइस में उस प्रॉपर्टी में बकाया टैक्स या फिर बकाया बिजली-पानी-मेनटेनेंस बिल जोड़ा नहीं रहता है। इसलिए ऐसी प्रॉपर्टी सस्ते होते हैं। लेकिन उसके लिए
बोली लगाने से पहले आपको उससे संबंधित कई तथ्यों की छानबीन करना जरूरी है।
ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी खरीदने से पहले नीचे दी गई बातों की जानकारी लेना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
-सबसे पहले ये देख लें कि बैंक या कंपनी ऑक्शन वाले प्रॉपर्टी का रिजर्व प्राइस उस प्रॉपर्टी की कुल कीमत है या फिर उसके लिए कुछ अतिरिक्त पैसा देना होगा।
-हाउसिंग सोसाइटी से इस बात का पता कर लें कि उस प्रॉपर्टी पर कोई मेनटेनेंस बिल बकाया है या नहीं। अगर बकाया है तो कितना ?
-नगर निगम या नगरपालिका से ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी पर बकाया टैक्स की पूरी जानकारी ले लें।
-उस प्रॉपर्टी का बिजली या फिर पानी के कनेक्शन के बारे में पूरी तरह छानबीन कर लें। यह पता कर लें कि क्या बिल का भुगतान नहीं किए जाने के कारण कनेक्शन काट दिया गया है। अगर ऐसा है तो बकाए बिल
का हिसाब-किताब जोड़ लें, क्योंकि अगर आप ऑक्शन वाला फ्लैट खरीदते हैं तो बकाया बिल आपको ही चुकाना होगा।
-ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी की हालत जाकर देख लें और पता कर लें कि वह किस हालत में है। अगर उसे रेनोवेशन की जरूरत है तो उस पर आने वाली लागत का भी पता कर लें।
-इतना करने के बाद ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी का रिजर्व प्राइस और उस प्रॉपर्टी पर आने वाली लागत मसलन, बकाया टैक्स, बकाया मेनटेनेंस, बिजली और पानी बिल, रेनोवेशन कॉस्ट को जोड़ लें। इसके बाद ये देखे
कि आपको ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी मौजूदा बाजार रेट से सस्ती पड़ती है या महंगी।
-प्रॉपर्टी का लोकेशन बगैरह तो देखना जरूरी है ही।
इतना सबकुछ करने के बाद अगर आपको लगता है कि बाजार भाव से कम कीमत में आपको ऑक्शन वाली प्रॉपर्टी मिल रही है, तभी उसके लिए बोली लगाएं। नहीं तो फिर, नयी प्रॉपर्टी लेने में क्या गलत है।

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