भारत में अवैध सोने के आयात ने तीन साल का नया उच्च स्तर छू लिया है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) और मेटल्स फोकस के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई-सितंबर 2026 (Q3) तिमाही में अनौपचारिक/अवैध रास्तों से लगभग 50 मीट्रिक टन सोना भारत में आया। पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा सिर्फ 3 टन था। यानी एक साल में करीब 16 गुना (1,500% से ज्यादा) की भारी बढ़ोतरी हुई है।
यह 2023 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। आधिकारिक सोने के आयात में तेज गिरावट आई है, जबकि अवैध चैनलों से सप्लाई बढ़ गई है।
क्यों बढ़ रही है अवैध सोने की आवक?
मई 2026 में सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया था। इसका मकसद आयात कम करना और व्यापार घाटा नियंत्रित करना था। लेकिन ऊंचे ड्यूटी के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बीच अंतर बढ़ गया। इससे तस्करी और अनौपचारिक रास्तों (स्मगलिंग या व्यक्तिगत सामान में छोटी मात्रा लाना) से सोना लाने का प्रोत्साहन बढ़ गया।
इतिहास में भी देखा गया है कि जब आयात शुल्क बढ़ाया जाता है, तो अनौपचारिक आवक बढ़ जाती है। जब शुल्क घटाया जाता है, तो यह कम हो जाती है। Q3 2026 में उपभोक्ता मांग में भी लगभग 29% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि आधिकारिक आयात और भी ज्यादा गिरे।
निवेशकों और आम लोगों के लिए क्या मायने रखता है?
- कीमत का अंतर: अवैध सोना सस्ता हो सकता है, लेकिन इसमें जोखिम ज्यादा होता है। गुणवत्ता, शुद्धता और कानूनी समस्याएं हो सकती हैं।
- टैक्स चोरी और काला धन: बिना बिल वाले लेन-देन बढ़ने से सरकार का राजस्व प्रभावित होता है।
- सोने की मांग: त्योहारों (जैसे दिवाली) के मौसम में मांग बनी रहती है, लेकिन ऊंची कीमतों और शुल्क के कारण आधिकारिक बाजार प्रभावित हो रहा है।
- पोर्टफोलियो पर असर: सोना अभी भी महंगाई और अनिश्चितता के खिलाफ अच्छा बचाव माना जाता है। लेकिन अवैध बाजार के बढ़ने से वैध निवेश विकल्पों (जैसे डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड) की तरफ रुझान बढ़ना चाहिए।
BeYourMoneyManager की सलाह
- केवल वैध चैनल अपनाएं: बैंक, ज्वेलर (बिल और हॉलमार्क के साथ) या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से ही सोना खरीदें।
- ड्यूटी और GST समझें: मौजूदा 15% आयात शुल्क और अन्य करों का असर कीमतों पर पड़ता है। लंबे समय के निवेश के लिए SGB या ETF बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
- पोर्टफोलियो बैलेंस रखें: कुल निवेश का 5-15% सोने में रखें। सिर्फ कीमत बढ़ने की उम्मीद पर ज्यादा न लगाएं।
- निगरानी रखें: सरकार भविष्य में शुल्क में बदलाव कर सकती है। इससे बाजार प्रभावित होगा।
- जोखिम से बचें: सस्ते सोने के लालच में अवैध स्रोत से खरीदना कानूनी और आर्थिक दोनों तरह से नुकसानदेह साबित हो सकता है।
सोना भारतीय संस्कृति और निवेश दोनों में महत्वपूर्ण है। लेकिन ऊंचे शुल्क के दौर में समझदारी से निवेश करना जरूरी है। अपनी वित्तीय योजना को मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से बेयोरमनीमैनेजर पर अपडेट्स पढ़ते रहें और पर्सनल फाइनेंस को प्राथमिकता दें।
(स्रोत: वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल रिपोर्ट, मेटल्स फोकस डेटा, ब्लूमबर्ग और अन्य समाचार रिपोर्ट्स – नवंबर 2026)











