अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान संबंधी बयान के बाद भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता आने से गुरुवार को एमसीएक्स पर सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर चांदी की कीमत 5.6% गिरकर ₹2,29,888 प्रति किलो पर बंद हुई, जबकि सोना 2.3% टूटकर ₹1,50,145 प्रति 10 ग्राम रह गया।जेवराती कारोबारियों का कहना है कि अगर यह गिरावट जारी रही तो 19 अप्रैल को आने वाले अक्षय तृतीया के मौके पर सोने-चांदी की मांग में बढ़ोतरी हो सकती है।स्पॉट मार्केट में सोना ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम (3% GST को छोड़कर) और चांदी ₹2,20,000 प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही थी।
ईरान युद्ध के कारण कीमती धातुओं की कीमतों में हाल के दिनों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका, डॉलर मजबूत होना और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद ने निवेशकों की रुचि कम कर दी है।एनालिस्टों का मानना है कि अस्थिरता बनी रहेगी और निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। कमोडिटी एनालिस्ट का कहना है,“मार्च महीने में बुलियन करीब 12% गिर चुका था, जो 2008 के ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद सबसे खराब प्रदर्शन था।
गुरुवार को ट्रंप के मिश्रित संदेश के बाद सोना पहले बढ़त बनाने के बाद गिर गया।”अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,622.6 प्रति ट्रॉय औंस और चांदी $71.4 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वाइस प्रेसिडेंट अक्षा काम्बोज ने कहा,“कीमतों में यह अस्थिरता भले ही डरावनी लगे, लेकिन कुल मिलाकर ट्रेंड सकारात्मक है। यह गिरावट मुनाफावसूली के कारण है। चांदी के बाजार में भारत में फिजिकल खरीदारी बढ़ रही है, जो अच्छा संकेत है। निवेशकों को लंपसम निवेश की बजाय स्टैगर्ड (चरणबद्ध) तरीके से निवेश करना चाहिए।”
निष्कर्ष:
अल्पावधि में यह अस्थिरता उपभोक्ताओं को सतर्क कर सकती है, लेकिन कम कीमत पर खरीदारी का अच्छा मौका भी दे रहा है|

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