शनिवार, 16 अप्रैल 2016

बैंक में पैसे जमा करने की वृद्धि दर (डिपॉजिट ग्रोथ) 53 साल में सबसे कम

क्या लोग बैंक में कम पैसे जमा कर रहे हैं या फिर बचत करने की बजाय बाजार में पैसे ज्यादा खर्च करने को तरजीह दे रहे हैं ? या फिर ऐसा भी हो सकता है कि ब्याज कम होने के बावजूद  छोटी सरकारी बचत योजनाएं निवेशकों को बैंक एफडी या बैंक आरडी से ज्यादा भा रही हैं? या फिर टैक्स से हुई वसूली को सरकार खर्च नहीं कर पा रही है?

ये सवाल इसलिए उठाए जा रहे हैं क्योंकि वित्त वर्ष 2016 में बैंकों में पैसे जमा करने की सालाना वृद्धि दर
महज 9.1% दर्ज की गई जो कि पिछले 53 साल में सबसे कम है। इससे पहले मार्च 1963 को समाप्त वित्त वर्ष में बैंकों में पैसे जमा करने की सालाना वृद्धि दर सबसे कम 6.5 % दर्ज की गई थी।

आरबीआई यानी रिजर्व बैंक के ताजा डाटा के मुताबिक,  एक अप्रैल 2016 तक बैंकों में 97.2 लाख करोड़ रुपए
की रकम जमा (डिपॉजिट) हुई थी जबकि 3 अप्रैल 2015 को ये आंकड़ा 89.1 लाख करोड़ रुपए था यानी महज
सालभर में 9.1 % की बढ़ोतरी। इसके मुकाबले अगर बैंकों द्वारा कर्ज देने की वृद्धि दर (क्रेडिट ग्रोथ) की बात करें तो इस दौरान ये 10.2% बढ़कर 68.3 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 75.3 करोड़ रुपए पर पहुंच गया।

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